JAISALMER NEWS- राजस्थान में यहां पानी का अभाव, भीषण गर्मी के सूख रहे हलक!

. पेयजल संकट से आमजन परेशान

By: jitendra changani

Published: 11 Apr 2018, 11:35 AM IST

- भीषण गर्मी के मौसम में हो रहा है बेहाल
फलसूण्ड. क्षेत्र के भुर्जगढ़ व पदमपुरा में पेयजल संकट गहरा गया है। गर्मी की दस्तक के साथ ही जलदाय विभाग के कलाऊ नलकूप बंद हो गए हैं तथा नए नलकूप नहीं खोदे गए हैं। ग्रामीण पीने के पानी के लिए दर दर भटकने को मजबूर हैं। इस भीषण गर्मी में ग्रामीणों के साथ पशुधन का बेहाल हो रहा है। जलदाय विभाग ने इन दोनों ग्राम पंचायत के गांवों बनी पशु खेळियो में पानी की सुविधा के लिए टैंकर लगा रखे है, लेकिन टैंकर ऊंट के मुंह में जीरे के समान साबित हो रहे हैं।
यहां व्याप्त है पेयजल संकट
क्षेत्र के खुमाणसर, धोरे वाले भीलों की ढाणी, श्यामपुरा, अभयपुरा, टीकूरों की ढाणी, मंगलसिंह की ढाणी, गणेशपुरा, अभासर, रूपोणी मेघवाल, शेराणियों की ढाणी, मोडासर, गंगोणी उम्मेदसर, सालासर उर्जोणी, मुकनोणी, बुलोणी उदोणी दर्जी व नाइयों का बास, प्रभुपुरा, फूलपतरों की ढाणी, जेठनगर, सोहनपुरा, पीरासर सहित कई गांवों में पेयजल संकट की स्थिति बनी हुई है। गत तीन वर्षों से नियमित जलापूर्ति नहीं होने के कारण ग्रामीणों को एक हजार रुपए प्रति ट्रैक्टर टंकी देकर खरीदना पड़ रहा है।

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नई योजना से हो सकता है समाधान
ग्रामीणों ने जलदाय विभाग के अधिकारियों को कलाऊ जलप्रदाय योजना फेल हो जाने पर नई योजना के तहत बांधेवा-खुमाणसर वाया फलसूण्ड-श्यामपुरा पेयजल योजना स्वीकृत करने की मांग की। जिस पर विभाग ने नक्शा बनाकर इस योजना पर कार्य करने के लिए सरकार के पास प्रस्ताव भी भेजा गया, लेकिन गर्मी के मौसम में भी यह योजना स्वीकृत नहीं हो पाई। विभाग की ओर से चार करोड़ 89 लाख 49 हजार रुपए स्वीकृत करने का प्रस्ताव भेजा गया था। योजना स्वीकृत नहीं होने के कारण भीषण गर्मी में बेहाल हो रहा है।
इसलिए उत्पन्न हुई समस्या
क्षेत्र की सबसे बड़ी कलाऊ-खुमाणसर पेयजल योजना है। कलाऊ में पेयजल स्तर कम हो जाने के कारण यह योजना फैल हो चुकी है तथा पूरी तरह से बंद है। ऐसे में ग्राम पंचायत भुर्जगढ़ के 16 गांवों व उससे जुड़ी ढाणियों में जलापूर्ति व्यवस्था ठप है। यहां जलदाय विभाग की ओर से पेयजल व्यवस्था के लिए दो टैंकर लगाए गए है, लेकिन विकट भौगोलिक परिस्थितियों व दूर दराज ढाणियों के कारण समय पर टैंकरों से जलापूर्ति नहीं की जा रही है। ऐसे में ग्रामीणों व पशुधन को पेयजल संकट से रूबरू होना पड़ रहा है या निजी टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है।
भेजे गए है प्रस्ताव
कलाऊ-खुमानसर योजना असफल होने व बन्द होने के कारण नई योजना से बांधेवा नलकूपों से पेयजल सप्लाई के लिए प्रस्ताव बनाया गया। नई पाइपलाइन के लिए मुख्य अभियंता कार्यालय में प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू किया जाएगा तथा पाइपलाइनें लगाकर क्षेत्र में दूर दराज गांवों व ढाणियों में जलापूर्ति सुचारू की जाएगी।
- दिनेशकुमार नागौरी, अधिशासी अभियंता जलदाय विभाग, पोकरण।

jitendra changani Desk/Reporting
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