जमीन तो आवंटित कर दी, लेकिन दस्तावेज संभालेगा कौन ?

जमीनों के खरीद बेचान के नामांतरण, गिरदावरी व केसीसी के काम रुके
-उपनिवेशन तहसीलों में रिक्त पदों की भरमार होने से बनी निराशाजनक स्थिति

By: Deepak Vyas

Published: 22 Jun 2021, 09:05 AM IST

रामगढ़ (जैसलमेर). कस्बे के पास से गुजर रही इंदिरा गांधी नहर परियोजना की नहर से निकाली गई छोटी नहरों पर सरकार की ओर से राजस्व वसूली को लेकर किसानों को जमीन तो आवंटित कर दी गई लेकिन अब इन जमीनों के दस्तावेजों को संभालने वाले कोई भी नही है। जमीनों के रिकॉर्ड के संधारण के लिए उपनिवेशन विभाग तो है लेकिन इसकी भूमिका औपचारिक साबित हो रही है। गौरतलब है कि जैसलमेर जिले पूरे में उपनिवेशन विभाग की कुल सात तहसीले है, जिनमें नाचना 1 व 2, मोहनगढ़ 1 व 2, रामगढ़ 1 व 2 और जैसलमेर शामिल है। इनके कार्यक्षेत्र में हजारों हेक्टेयर भूमि आती है। पत्रिका पड़ताल में यह बात सामने आई है कि इन सात तहसीलों के भुगतान अधिकारी का कार्यभार एक तहसीलदार पर है, इनका पदस्थापन मोहनगढ़ नंबर 1 में है, लेकिन इनके पास मोहनगढ़ नंबर 2, रामगढ़ नंबर 1 व 2 का अतिरिक्त कार्यभार भी है। किसानों की जमीनों के खरीद बेचान के नामांतरण, गिरदावरी व किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के काम मेंआने वाले सारे कागजी काम रुके हुए है। किसान दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो रहे हैं।
यह है हकीकत
गौरतलब है कि कस्बे में उपनिवेशन विभाग की 2 तहसीलें है, तहसील नंबर 1 में 224 चकों में 1,25,805 हैक्टेयर भूमि है और कर्मचारियों में नाम मात्र के 5 पटवारी कार्यरत है, जबकि कुल 18 पटवार सर्किल है। 2 पद गिरदावर के 1 ऑफिस कानूनगो, 1 टीआरए, 1 नायब तहसीलदार व तहसीलदार यह सभी पद खाली पड़े है। इसी तरह तहसील नंबर 2 में कुल 214 चकों में 143633 हैक्टेयर भूमि आई हुई है, उसके भी रिकॉर्ड संधारण के लिए 19 पटवार सर्किल बनाए हुए हैं, जिनमे केवल 4 पटवारी कार्यरत हैं। शेष 15 पद पटवारियों के पद रिक्त हंै। यहां 1 पद गिरदावर, 1 ऑफिस कानूनगो, 1 नायब तहसीलदार व तहसीलदार के पद खाली पड़े है। ऐसे में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन दोनों तहसीलों का कार्य क्षेत्र कस्बे से उत्तरपूर्व में भूटोवाला से लेकर पश्चिम लोंगेवाला तक तकरीबन 150 से 200 किलोमीटर तक फैला हुआ है। जानकारी के अनुसार अभी चार माह से पटवारियों की ओर से अतिरिक्त सर्कल के कार्यभार का बहिष्कार किया जा रहा है, जिससे केसीसी नवीनीकरण को लेकर किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसे तो कैसे होंगे काम
पत्रिका पड़ताल में यह बात सामने आइ है कि अतिरिक्त कार्यभार संभालने वाले तहसीलदार भेराराम का कहना है कि उनके पास जिले पूरे की सात उपनिवेशन तहसीलों के भुगतान अधिकारी का कार्यभार है। उनका मूल पदस्थापन मोहनगढ़ उपनिवेशन तहसील नम्बर 1 में है। इसके अलावा मोहनगढ़ नंबर 2 व रामगढ़ नंबर 1 व 2 दोनों का अतिरिक्त कार्यभार भी उनके पास होने के कारण ज्यादा समय तो सरकारी कार्यों में ही बीत जाता है। शुक्रवार व सोमवार को वे रामगढ़ की दोनों तहसीलो के कार्य देखते हैं और मंगलवार, बुधवार व गुरुवार को मोहनगढ़ की दोनों तहसीलो के काम देखता हैं। कर्मचारियों की कमी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। कर्मचारियों की कमी के कारण इस बार रबी की सीजन में आए तूफान में किसानों को हुए नुकसान की गिरदावरी नही हो पाई । ऐसे में कई किसान मुआवजे से वंचित रह गए

Deepak Vyas Bureau Incharge
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