जिम्मेदारों की तंद्रा टूटी, गांव पहुंचा चिकित्सकीय दल

-पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया था भेड़ों व बकरियों की असमय मौत का मामला

By: Deepak Vyas

Published: 03 Mar 2021, 11:59 PM IST

लाठी. कस्बे में लगातार अज्ञात बीमारी से हो रही भेड़ों व बकरियों की मौत के मामले में आखिरकार बुधवार को पशुपालन विभाग की नींद खुल ही गई। विभाग की ओर से एक चिकित्सकीय दल लाठी में पहुंचा, जहां पर बीमार भेडो का उपचार शुरू किया साथ ही बीमार भेड़ों का जांच के लिए नमूना लिया, वहीं मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम किया तथा जांच के लिए नमूने लेकर लैब में भिजवाया गया है। जानकारी के अनुसार लाठी कस्बे में पिछले एक सप्ताह से अज्ञात बीमारी के चलते भेड़ों की मौतें हो रही थी। लाठी कस्बा निवासी पशुपालक दोस्त मोहम्मद की एक सप्ताह में 30 से अधिक भेड़े अज्ञात बीमारी के काल का ग्रास बन गई। इस मुद्दों को राजस्थान पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया था। पशु चिकित्सा विभाग की ओर से बुधवार को एक चिकित्सीय दल गठित कर लाठी गांव में भेजा, जहां पर इस दल ने इस बीमारी की जानकारी ली। दल में शामिल जैसलमेर पशुपालन विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. उमेश वरगंटीवार, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. जोगेंद्र देवडा, भादरिया पशु चिकित्सा अधिकारी नरेन्द्र शेखावत, पशुधन सहायक शेरसिंह मीणा, जीतराम गुर्जर, शैतानसिंह गुर्जर, ओमप्रकाश की टीम ने बीमार भेड़-बकरियों की जानकारी लेते हुए इलाज व उपचार शुरू किया। दल ने बताया कि प्रारम्भिक तौर पर इन पशुओं में ओरी-निमोनिया के लक्षण दिखाई दे रहे हैं।

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Deepak Vyas Bureau Incharge
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