मंत्रियों की नहीं सुन रहे, मरीजों की तो क्या सुनेंगे ?

-अस्पताल का सिस्टम वेंटिलेटर पर
-वेंटिलेटर व आइसीयू अब भी शुरू नहीं

By: Deepak Vyas

Updated: 20 May 2021, 07:19 PM IST

जैसलमेर. जैसलमेर के एकमात्र राजकीय जवाहिर चिकित्सालय में कोरोना पॉजिटिव अथवा उसके लक्षणों से ग्रस्त मरीज रोजाना दम तोड़ रहे हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन अब तक वेंटिलेटर्स तथा आइसीयू को शुरू नहीं कर पाया है। हद तो यह है कि पिछले दिनों के दौरान केन्द्रीय मंत्री कैलाश चैधरी के दौरे के समय पीएमओ ने तीन दिन में आइसीयू शुरू करने का भरोसा दिलाया था, वह पूरा नहीं हुआ और जिले के पोकरण विधायक व केबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद के अलावा प्रभारी मंत्री सुखराम विश्नोई की ओर से कहे जाने के बावजूद स्थितियां जस की तस हैं। आग लगने पर कुआं खोदने की तर्ज पर अस्पताल प्रशासन ने वेंटिलेटर्स की अब सुध ली तब पता चला कि इनमें तकनीकी खामियां हैं। अब उन्हें सुधारने की कवायद की जा रही है। यह कार्य भी विधायक पुत्र तथा जिला परिषद सदस्य हरीश धनदेव के दिलचस्पी दिखाने के बाद शुरू हो पाया है। हालांकि इस सब कार्य में कितना समय लगेगा, कोई नहीं जानता। दूसरी तरफ राज्य सरकार ने कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर प्रत्येक ब्लॉक स्तर के अस्पताल में बच्चों के लिए गहन चिकित्सा इकाई यानी आइसीयू तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
आइसीयू कक्ष का ताला खुलवाया
जवाहिर चिकित्सालय में पिछले करीब एक महीने के दौरान तीस से चालीस जनों की मौत उपचार के दौरान हो चुकी है। ये ऐसे मरीज हैं जिन्हें आइसीयू अथवा वेंटिलेटर की जरूरत थी। राजनेताओं के दौरों और आमजन की तरफ से दबाव बढऩे पर जवाहिर चिकित्सालय के बंद पड़े आइसीयू का ताला खुलवाया गया है। पत्रिका टीम ने बुधवार को अस्पताल का दौरा किया तो आइसीयू के मुख्य द्वार का ताला खुला था और भीतर कोई मरीज अथवा चिकित्साकर्मी नहीं था। बाद में बताया गया कि वर्तमान में तीन बेड वाले इस आइसीयू में अब बदलाव कर इसमें चार बेड लगाए जाएंगे। मतलब जो काम आज से एक महीने पहले आसानी से हो सकता थाए उसके बाद में अब सोचा जा रहा है। दूसरी तरफ ऑक्सीजन की उपलब्धता पहले के मुकाबले दोगुनी तक हो गई है तथा एक और ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित करने की कवायद भी की जा रही है। जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन ने पीएमओ को इस संबंध में नोटिस भी दिया है।
उपलब्ध है जरूरी स्टाफ
चिकित्सालय प्रशासन लम्बे अर्से से आइसीयू को चिकित्सकों व अन्य सहयोगी स्टाफ की कमी का रोना रोते हुए ताले में बंद किए बैठा रहा है। वर्तमान में ऐसी कोई दिक्कत नहीं है। फिजिशियन व एनेस्थिसिया से लेकर अन्य स्टाफ इतनी संख्या में तो हैं ही कि कुछ मरीजों को वेंटिलेटर्स पर अथवा आइसीयू में रखा जा सके। जबकि निजी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सक भी अपनी सेवाएं देने के लिए प्रस्ताव दे चुके हैं। फिलहाल वेंटिलेटर्स की टेस्टिंग की बात कही जा रही है। हरीश धनदेव ने बताया कि पीएम केयर्स से मिले वेंटिलेटर्स में कुछ को चार सिलेंडर से प्रेशर देकर चलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चार.पांच नए वेंटिलेटर्स लेने की भी योजना है। वैसे अस्पताल में इन दिनों नगरपरिषद व सार्वजनिक निर्माण विभाग की तरफ से कई जरूरी कार्य करवाए जा रहे हैं। मनोनीत पार्षद आनंद व्यास ने मौके पर बताया कि अस्पताल की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को हर हाल में सुचारू रखने के लिए वायरिंग दुरुस्त करवाई गई है तथा नए ऑक्सीजन संयंत्र के फाउंडेशन का कार्य किया जा रहा है।

तुरंत शुरू हो आइसीयू व वेंटिलेटर्स
जिला अस्पताल में आइसीयू और वेंटिलेटर्स को जल्द से जल्द शुरू करवाया जाना जरूरी है। मैंने इस संबंध में जिला कलक्टर से बात की। उन्होंने बताया कि पीएमओ को नोटिस जारी किया गया है। यह विषय चिकित्सा विभाग के भी ध्यान में लाया जाएगा।
-शाले मोहम्मद, केबिनेट मंत्री, राजस्थान सरकार

Deepak Vyas Bureau Incharge
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