मिट्टी हो गई बर्फ, लेकिन गर्म चाय के प्याले के साथ उबाल पर जोश

-ऑपरेशन सर्द हवा के दौरान सीमापार तक सुरक्षा प्रहरियों की कड़ी नजर
- जवानों का हौसला मौसम से भी जीत रहा जंग

By: Deepak Vyas

Published: 21 Jan 2020, 11:49 AM IST

जैसलमेर. खून जमाने वाली सर्दी में जब रेगिस्तान की मिट्टी बर्फ का अहसास करवाती है, ऐसे समय में उनकी सबसे ज्यादा मदद गर्मा-गर्म चाय के साथ अच्छी गुणवत्ता वाले गर्म कपड़े, हैडकेप, जूते कर रहे हैं। जवान सरहद की रक्षा करने को लेकर संकल्पित हैं और उनके जोश में कोई कमी नहीं है। मौसम संबंधी परेशानियों के बारे में जवानों व अधिकारियों का कहना है कि उन्हें कश्मीर की बर्फ से लेकर गुजरात के दलदली सीमा क्षेत्र व रेगिस्तान में ड्यूटी का इतना अनुभव है कि वे मनोयोग से सरहद की सुरक्षा करने से कभी पीछे नहीं रहते। मौसम कभी उनके कर्तव्य के बीच नहीं आ सकता। ऑपरेशन सर्द हवा के चलते सीमा क्षेत्र में अधिकाधिक जवानों को तैनात किया गया है। अधिकारी भी लगातार बॉर्डर पर पहुंचकर सीमा क्षेत्र का जायजा ले रहे हैं। इस बार सर्दी ने सीमावर्ती जैसलमेर जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बीते कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है और अधिकतर लोग दिन में धूप सेंकते तथा अलसुबह व शाम से रात का समय गर्म ऊनी कपड़ों में दुबक कर अलाव ताप कर गर्म चीजों के सेवन से सर्दी भगाने का यत्न कर रहे हैं। दूसरी ओर मरुस्थलीय भूभाग में पाकिस्तान से लगती करीब पौने पांच सौ किलोमीटर लम्बी अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल के जवान ऑपरेशन सर्द हवा के तहत और भी ज्यादा जोश के साथ अपनी ड्यूटी को अंजाम दे रहे हैं। सीमा क्षेत्र में इन दिनों जब घने कोहरे के कारण चंद फीट की दूरी तक कुछ भी दिखाई नहीं देता, ऐसे हाल में भी जवानों की नजरें सीमा के उस पार तक किसी भी अवांछनीय हरकत को भांपने के लिए पूरी तरह से तत्पर रहती है। शरीर को छलनी करने वाली सर्द हवाओं के बीच राष्ट्र-सुरक्षा की जिम्मेदारी को महसूस करते हुए ये जवान अदमनीय साहस और हौसले का दामन मजबूती से थामे हुए हैं।
सीमा पर बढ़ाई नफरी
जानकारी के मुताबिक ऑपरेशन सर्द हवा के दौरान बल ने चैक पोस्ट और सभी सीमा चौकियों पर नफरी बढ़ा दी है। जीरो लाइन पर पेट्रोलिंग में भी बढ़ोतरी की गई है। इन दिनों सीमा क्षेत्र में शरीर को सुन्न करने वाली सर्द हवाएं चल रही हैं और रात से सुबह देर तक कोहरा छाया रहता है। कई बार रात के समय ओस गिरने से सर्दी की मार असहनीय हो जाती है। सीमा क्षेत्र में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री या उसके आसपास बना होने के बावजूद देश की सीमा की रक्षा के लिए संकल्पित जवान अडिग इरादों से ड्यूटी दे रहे हैं। ऑब्जर्वेशन पोस्ट से जवान सीमा रेखा पर नजरें जमाए हुए हंै और हर बात की रिपोर्ट अधिकारियों को दी जा रही है। रात के समय भी अम्बुश लगाकर सतत रूप से पेट्रोलिंग की जा रही है। नए हथियारों के साथ अत्याधुनिक तकनीकी उपकरणों से भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जाता है। ऊंटों के साथ वाहन पेट्रोलिंग में काम आ रहे हैं। जवान सूर्योदय के साथ खुरा चैकिंग पेट्रोलिंग करते हैं। इस पेट्रोलिंग के बाद फुट पेट्रोलिंग शुरू होती है, जिसमें सीसुब के जवान धोरों पर चिन्हों की जांच करते हैं।

फैक्ट फाइल -
- 1६ जनवरी से शुरू हुआ ऑपरेशन सर्द हवा
- २९ जनवरी तक तक चलेगा अभियान
- 471 किलोमीटर लम्बी सीमा जैसलमेर जिले में

सीमा सुरक्षा के लिए पूर्णतया चौकस
सीमा सुरक्षा बल के जवान और अधिकारी वर्ष पर्यंत देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से चौकस रहते हैं। वर्तमान में चल रहे ऑपरेशन सर्द हवा के दौरान भी हम सजग और सावचेत हैं। सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही।
- अमित लोढ़ा, महानिरीक्षक, राजस्थान फ्रंटियर, सीसुब, जोधपुर

Deepak Vyas Bureau Incharge
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