scriptThe third wave created the threat of off-season three months ago | तीसरी लहर ने तीन महीने पहले पैदा किया ऑफ सीजन का खतरा | Patrika News

तीसरी लहर ने तीन महीने पहले पैदा किया ऑफ सीजन का खतरा

- सैलानियों की आवक में एकदम से आ रही गिरावट
- पर्यटन व्यवसायियों के चेहरे पर चिंता की लकीरें

जैसलमेर

Published: January 18, 2022 08:11:16 pm

जैसलमेर। कोरोना की तीसरी लहर ने जैसलमेर में पर्यटकों की आवक में एकदम से बाधा उत्पन्न कर दी है। इसके चलते तीन महीने पहले ही ऑफ सीजन की आशंका ने सिर उठा लिया है। पिछले तीन महीनों खासकर नवम्बर और दिसम्बर में प्रतिदिन हजारों की तादाद में देशी सैलानियों के भ्रमण पर आने से उत्साहित पर्यटन व्यवसायियों सहित सैलानियों के आगमन से किसी न किसी रूप में व्यवसाय करने वालों के चेहरों पर एकदम से चिंता की सिलवटें उभर आई हैं। जबकि आसपास के राज्यों में कई तरह की पाबंदियों के कारण पर्यटकों का अच्छा प्रवाह जैसलमेर में हो जाने से जनवरी-फरवरी में भी बम्पर सीजन की उम्मीदें जग गई थीं।
ऑन रिकॉर्ड सवा तीन लाख सैलानी आए
जैसलमेर पर्यटन के लिए बीता २०२१ भी मार्च से जुलाई तक कोरोना प्रभावित रहा था लेकिन बाद के महीनों में भरपूर सैलानी घूमने आए। ऐसा कोरोना की दूसरी लहर के ठंडी पड़ जाने से हुआ। पर्यटन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल ३ लाख २६ हजार १७६ भारतीय सैलानी जैसलमेर भ्रमण पर आए। हालांकि यह माना जा रहा है कि महज एक-दो दिन के लिए सैर सपाटा कर जाने वाले हजारों सैलानी ऐसे भी होंगे, जिनका रिकॉर्ड विभाग के पास नहीं पहुंचा होगा। इस तरह से चार लाख सैलानी पिछले वर्ष अवश्य आ गए होंगे। वहीं १६८० विदेशी पर्यटक भी स्वर्णनगरी आए। जबकि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन पर रोक लगी हुई है। बताया जाता है कि ये विदेशी या तो बिजनेस आदि कारणों से भारत आए होंगे अथवा भारत में ही रह रहे होंगे।
इस बार लगेगा बड़ा झटका
वैश्विक महामारी कोरोना के कारण २०२० और २०२१ में भी जैसलमेर का पर्यटन प्रभावित हुआ था लेकिन दोनों सालों में जनवरी-फरवरी का सीजन निकलने के बाद ही यह संकट उत्पन्न हुआ। इस बार तीसरी लहर नए वर्ष के साथ ही आ धमकी है। जबकि यहां दिसम्बर बम्पर जाने के बाद जनवरी में भी पर्यटकों का आगमन भरपूर ढंग से हो रहा था। ऐसे में पिछले दिनों के दौरान एकदम से संक्रमण बढऩे और सरकार की पाबंदियों की शुरुआत हो जाने से स्थितियों परिवर्तन आ गया है। पर्यटन व्यवसायियों का मानना है कि पिछले ट्रेक को देखते हुए कोरोना की लहर कम से कम तीन माह तक विद्यमान रहेगी। ऐसे में जनवरी, फरवरी व मार्च माह पाबंदियों में ही निकल जाएंगे। अप्रेल से गर्मियों की शुरुआत हो जाती है जो जून-जुलाई तक जारी रहती है। इन तीन-चार महीनों में पर्यटन नहीं के बराबर रहता है। यही वजह है कि जैसलमेर का पर्यटन व्यवसाय को इस बार छह-सात लम्बे ऑफ सीजन से जूझना पड़ सकता है। पर्यटकों की संख्या में कमी का रुख गत चंद दिनों से नजर आने लगा है। पिछले रविवार से राज्य सरकार ने सप्ताह में एक दिन कफ्र्यू लागू करने का फैसला लिया है जबकि जैसलमेर पर्यटन के लिए शनिवार व रविवार की छुट्टियां रामबाण नुस्खा साबित होती रही हैं। रविवार को अत्यावश्यक सुविधाओं को छोडक़र सभी व्यवसायों को बंद रखे जाने के चलते यहां का वीकेंड पर्यटन बेहद प्रभावित हुआ। सोमवार को जैसलमेर के साथ सम सेंड ड्यून्स पर भी बहुत सीमित संख्या में सैलानी भ्रमण करते दिखाई दिए।
तीसरी लहर ने तीन महीने पहले पैदा किया ऑफ सीजन का खतरा
तीसरी लहर ने तीन महीने पहले पैदा किया ऑफ सीजन का खतरा
फैक्ट फाइल -
- ३.२६ लाख देशी सैलानी आए २०२१ में
- ०८ लाख से ज्यादा पर्यटक आते रहे हैं कोरोना से पहले
- ५० हजार लोग पर्यटन पर आश्रित

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