... तो जैसलमेर में बदल जाएगा नौकरशाही का चेहरा

- प्रशासन, पुलिस और विभागों में बड़े पैमाने पर होगा फेरबदल
- जनप्रतिनिधियों ने दी डिजायर

By: Deepak Vyas

Published: 26 Jun 2020, 11:03 AM IST

जैसलमेर. राज्यसभा चुनाव निपटते ही सरकारी अधिकारियों के स्थानांतरण का सिलसिला होने की जो उम्मीद लगाई जा रही थी, वह जैसलमेर जिले में जलदाय विभाग के सबसे बड़े अधिकारी अधीक्षण अभियंता के स्थानांतरण और जैसलमेर नगरपरिषद के आयुक्त को एपीओ कर उनकी जगह नए अधिकारी के पदस्थापन से पुख्ता होती नजर आ रही है। आने वाले एक सप्ताह से १० दिनों के भीतर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की तबादला सूचियां जारी होने वाली हैं। इसके चलते मौजूदा कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद कायम हुए प्रशासनिक अमले का चेहरा बदल जाने वाला है। जिले के जनप्रतिनिधियों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय सहित राज्य सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में अपनी डिजायर सौंप रखी है। यह क्रम अब भी जारी बताया जाता है। पत्रिका पड़ताल में यह बात सामने आई है कि आने वाले दिनों में आइएएस, आइपीएस, आरएएस और आरपीएस अधिकारियों की सूचियां जारी होने का इंतजार किया जा रहा है।
अधिकारी जुटे जुगत में
आने वाले दिनों बड़े पैमाने पर होने वाले तबादलों के मद्देनजर सरकारी अधिकारी और कार्मिक भी पहले से सक्रिय हो चुके हैं। ये अधिकारी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और सत्ताधारी पार्टी में उनके नजदीकी लोगों से लगातार सम्पर्क बनाए हुए हैं। जैसलमेर जिले में मुख्य रूप से पोकरण विधायक व केबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद और जैसलमेर विधायक रूपाराम धणदे की डिजायर को तवज्जो मिलनी तय मानी जा रही है। उधर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद भार्गव तथा जैसलमेर नगरपरिषद सभापति हरिवल्लभ कल्ला की मंशा भी महत्वपूर्ण बनी हुई है। गत बुधवार को नगरपरिषद आयुक्त, जलदाय महकमे में हुए अभियंताओं के तबादलों से जहां नेताओं की सक्रियता बढ़ी है वहीं अधिकारियों के दिल की धड़कनें भी तेज हुई हैं।
थोक तबादले जुलाई में
-माना यह जा रहा है कि आगामी दिनों में आला अधिकारियों को छोड़ कर विभागीय स्तर के ज्यादा तबादले नहीं होंगे।
-छोटे-बड़े सरकारी कार्मिकों की तबादला सूचियां १० से १५ जुलाई से आना शुरू होंगी।
-वर्तमान में मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में स्थानांतरण आदेश जारी हो रहे हैं।
-विभागों के मंत्रियों के पास स्थानीय जनप्रतिनिधियों की डिजायर्स तब तक पहुंचती रहेंगी।
-जिले में कई अधिकारी लम्बे अर्से से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन का असर भी ऐसे अधिकारियों पर नहीं पड़ा है।
-अब बताया जाता है कि उनमें से कई अधिकारी सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं की आंख में खटक रहे हैं।

राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार
उधर, सत्ताधारी कांगे्रस के कार्यकर्ताओं को राजनीतिक नियुक्तियों का बेसब्री से इंतजार बना हुआ है। इस बारे में भी जिले के जनप्रतिनिधियों व कांग्रेस संगठन ने सिफारिशें कर रखी हैं। इस संबंध में राजधानी में सूचियों पर मंथन हो चुका है। गत दिनों जैसलमेर प्रवास पर आए वरिष्ठ मंत्री डॉ. बीडी कल्ला भी संकेत दे गए थे कि राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर सरकार ने तैयारी कर ली है। कभी भी इन्हें आवश्यक विचार विमर्श के बाद जारी कर दिया जाएगा। जैसलमेर में सबसे ज्यादा इंतजार यूआइटी अध्यक्ष, बीसूका उपाध्यक्ष, क्रीड़ा संघ, सतर्कता समिति आदि का बना हुआ है। यूआइटी अध्यक्ष का फैसला होने में अभी कई महीनों का समय लग सकता है।

अकर्मण्य अधिकारियों को हटाएंगे
जिले में जो अधिकारी जनहित में अच्छा कार्य नहीं कर रहे हैं और अकर्मण्य बने हुए हैं, उन्हें निश्चित तौर पर हटाया जाएगा। इस संबंध में संगठन स्तर पर जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा हो चुकी है।
- गोविंद भार्गव, जिलाध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी जैसलमेर

Deepak Vyas Bureau Incharge
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