राष्ट्र और संस्कृति को बचाने के लिए जरूरी है जनसंख्या नियंत्रण कानून

- जनसं या समाधान फाउंडेशन के पदाधिकारी जैसलमेर पहुंचे

By: Deepak Vyas

Updated: 14 Sep 2021, 02:23 PM IST


जैसलमेर। भारत की अधिकांश विकट समस्याओं का प्रमुख कारण जनसं या विस्फोट है और अगर इस राष्ट्र तथा यहां की सनातन संस्कृति को बचाना है तो देश में स त जनसं या नियंत्रण कानून बनाना जरूरी है। बढ़ती जनसं या पर पर कठोरता से अंकुश नहीं लगाया गया तो देश में गृहयुद्ध जैसे हालात भी उत्पन्न हो सकते हैं। यह विचार जैसलमेर पहुंचे जनसं या समाधान फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने पत्रकारों से बातचीत में प्रकट किए। पत्रकार वार्ता में फाउंडेशन के संरक्षक पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा, प्रदेश अध्यक्ष नारायणराम चौधरी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक कैलाश शर्मा उपस्थित थे।
हिंदू घटा, देश बंटा
आहूजा ने कहा कि जनसं या नियंत्रण कानून भौतिक और आध्यात्मिक दोनों कारणों से जरूरी है। इतिहास गवाह है कि जब-जब इस देश में हिंदू घटा है, यह देश बंटा है। अब तक भारतवर्ष २४ बार बंट चुका है। अब यह और नहीं बंटना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज देश के नौ राज्यों में हिंदू अल्पसं यक हो चुका है इसके बावजूद उन्हें अल्पसं यकों का दर्जा नहीं मिल रहा है। आहूजा ने कहा कि वोटों की भिखारी पार्टियां तुष्टिकरण में जुटी हैं। पहले आततायी तत्व तलवार और गोला बारुद लेकर हमला करने आते थे और अब यह काम ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा कर किया जा रहा है। संघ प्रचारक कैलाश शर्मा ने कहा कि साम्राज्यवादी मनोवृत्ति वाले लोग उदात्त जीवनमूल्यों को नष्ट करने पर तुले हैं। इन पर अंकुश लगाने का एक ही मार्ग जनसं या संतुलन के लिए कानून निर्माण करना है।
दो से ज्यादा बच्चे वालों को मताधिकार न हो
पत्रकार वार्ता की शुरुआत में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष नारायणराम चौधरी ने बताया कि जनसं या नियंत्रण की मांग देशहित से जुड़ी है। हमारी मांग है कि दो से ज्यादा बच्चे वालों का मताधिकार छीन लिया जाए और उन्हें सरकारी सुविधाओं से वंचित किया जाए। इसी तरह से इस कानून की अवहेलना करने वालों के लिए १० साल के कारावास का भी प्रावधान हो। चौधरी ने कहा कि पहले इस देश में जबरन नसबंदी कर जनसं या नियंत्रण का प्रयास किया गया था लेकिन हम ऐसा नहीं चाहते। हम यह कार्य जन जागरण तथा कानून निर्माण के मार्ग से करना चाहते हैं। इस अभियान में सभी राजनीतिक दलों और सभी समाजों-समुदायों से साथ आने का आह्वान है। संगठन के बारे में उन्होंने बताया कि २०१७ में इसका रजिस्ट्रेशन करवाया गया। २२ राज्यों में संगठन खड़ा किया जा चुका है। राज्य के सभी ३३ जिलों में कार्यकारिणी बनाई जा रही है। जैसलमेर में पूरणसिंह भाटी को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। हमारा संगठन मु यमंत्रियों से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक पर कड़ा कानून के लिए जन दबाव बनाने की रणनीति पर चल रहा है। पत्रकार वार्ता के अवसर पर संघ के विभाग संघचालक अमृतलाल दैया और भाजपा के कंवराजसिंह चौहान भी मौजूद थे।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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