दो बेटे घर पर कर रहे इंतजार, हंसता हुआ चेहरा साथियों को कर गया उदास

पोकरण. एक हंसता हुआ चेहरा, हर समय हंसमुख स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व...। आज हर किसी की आंखों को नम कर गया। जैसलमेर पुलिस लाइन में पदस्थापित व पॉवर ग्रिड में कार्यरत पुलिस कांस्टेबल बूंदी जिलांतर्गत नैनवा तहसील क्षेत्र के बाडोली निवासी कांस्टेबल मायाराम मीणा के निधन के समाचार मिलते ही उसके साथी कांस्टेबलों के पैरों के नीचे से मानों जमीन खिसक गई हो।

By: Deepak Vyas

Published: 01 Jun 2020, 10:19 PM IST

पोकरण. एक हंसता हुआ चेहरा, हर समय हंसमुख स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व...। आज हर किसी की आंखों को नम कर गया। जैसलमेर पुलिस लाइन में पदस्थापित व पॉवर ग्रिड में कार्यरत पुलिस कांस्टेबल बूंदी जिलांतर्गत नैनवा तहसील क्षेत्र के बाडोली निवासी कांस्टेबल मायाराम मीणा के निधन के समाचार मिलते ही उसके साथी कांस्टेबलों के पैरों के नीचे से मानों जमीन खिसक गई हो। हालांकि अभी तक आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस निरीक्षक भवानीसिंह, कांतासिंह ढिल्लो, उपनिरीक्षक दलपतसिंह चौधरी व साथी कांस्टेबल बताते है कि उसके चेहरे पर कभी कोई उदासी नजर नहीं आई। वह हर समय खुशमिजाज रहता था और मजाक करता रहता था। वह पूर्व में जिला स्पेशल टीम में भी शामिल होने के कारण हर किसी से मिलता रहता था। आज उसकी याद आते ही पुलिसकर्मियों की आंखें नम हो रही है। गौरतलब है कि मायाराम मीणा ने रविवार को पोकरण के एक निजी होटल के कमरे में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद से जिले के पुलिस महकमे में शोक की लहर छाई हुई है। वर्ष 2015 बैच के कांस्टेबल मायाराम के कई साथी बैचमैट जैसलमेर जिले के विभिन्न थानों में कार्यरत है। रविवार रात कांस्टेबल की मौत के समाचार के बाद फलसूण्ड, मोहनगढ़, जैसलमेर से साथी कांस्टेबल पोकरण पहुंचे। हर किसी के चेहरे पर मायूसी और आंखे नम नजर आ रही थी। जानकारी के अनुसार मायाराम 2015 में कांस्टेबल पद पर नियुक्त हुआ। इसके बाद गत कुछ वर्षों से वह जैसलमेर में ही कार्यरत था। पुलिस लाइन व कई थानों में सेवाएं देने के साथ वह जिला स्पेशल टीम में भी सेवाएं दे चुका है। वर्तमान में वह पॉवर ग्रिड कंपनी में गार्ड के रूप में कार्यरत था और कंपनी अधिकारियों के साथ पोकरण के निजी होटल में ही निवास करता था।
जल्दी घर आने का किया था वादा
मायाराम कुछ दिन पूर्व ही छुट्टी पर अपने गांव गया था। उसके दो पुत्र है, एक सात वर्ष का व एक पांच वर्ष का। गत 20 मई को ही वह छुट्टी से पुन: पोकरण लौटा था। इस दौरान उसने अपने छोटे बच्चों से जल्दी ही घर आने का वादा किया था, लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। काल का चक्र ऐसा घूमा कि कांस्टेबल मायाराम ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली और मात्र 11 दिन बाद ही उसका शव घर के लिए रवाना हुआ। शव ले जाते समय परिवारजनों के साथ साथी कांस्टेबलों के आंसू भी निकल पड़े और माहौल गमगीन हो गया।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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