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Video: 75 साल पुराने पुरातत्व के नियम बदलें, जैसलमेर की तरफ हो विशेष ध्यान

locationजैसलमेरPublished: Jul 09, 2023 07:53:02 pm

Submitted by:

Deepak Vyas

- अधिवक्ताओं ने सारगर्भित सुझाव पेश किए
- जैसलमेर अस्पताल की दशा सुधारने पर दिया जोर
- चुनावों में जमीन से जुड़े लोग बनें प्रत्याशी

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जैसलमेर. कानून की पेचीदगियों को समझने और सुलझाने वाले जैसलमेर के अधिवक्ताओं ने स्वर्णनगरी सहित जिला क्षेत्र के तीव्र विकास और यहां रहने वाले बाशिंदों के हक में शासन-प्रशासन से ठोस कदम उठाने की पैरवी की है। राजस्थान पत्रिका की ओर से कलेक्ट्रेट परिसर में शहर व पत्रिका के जनप्रहरी अभियान के संबंध में संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें अधिवक्ताओं ने जैसलमेर की मूलभूत समस्याओं की तरफ ध्यान आकृष्ट करवाते हुए उनके निदान पर जोर दिया। सबसे प्रमुखता से जैसलमेर दुर्ग तथा उसके 100 व 300 मीटर की परिधि के क्षेत्र के लिए पुरातत्व विभाग के नियमों में समायानुकूल तब्दीली करवाने का विचार रखा गया। अधिवक्ताओं ने कहा कि देश की आजादी के बाद बनाए गए पुरातत्व विभाग के नियम 7 दशक से ज्यादा पुराने हो चुके हैं। उनमें बदलते समय के साथ मौजूदा वक्त के तकाजों व आम रहवासियों के हित में बदलाव लाया जाना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए संसद में कानून बनाया जाए।
इन समस्याओं को उठाया गया
- पुरातत्व विभाग के नियमों की वजह से पुराने शहर के बाशिंदों को बेजा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका समाधान खोजा जाए। ये नियम-कायदे पुराने पड़ चुके हैं।
- शहर की साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार करते हुए इसे पर्यटन नगरी के तौर पर पुख्ता पहचान दिलाई जाए।
- जैसलमेर का जवाहिर चिकित्सालय एकमात्र सरकारी अस्पताल है। यहां शहरी के साथ ग्रामीण आबादी उपचार के लिए पहुंचती है लेकिन इलाज की सुविधाएं नाकाफी हैं। जैसलमेर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण वर्षों से लम्बित है। उसका तेजी से निर्माण हो।
- जैसलमेर से लम्बी दूरी की टे्रनों का संचालन नहीं हो रहा है। जो टे्रनें चल रही हैं, उनका रवानगी का समय बेहद अटपटा है। इसी तरह से जैसलमेर के सिविल एयरपोर्ट पर केवल पर्यटन सीजन के चार-पांच माह में ही नियमित विमान सेवा लोगों को मिलती है। विमानन कम्पनी केवल मुनाफा कमाने के लिए काम करती है।
- जैसलमेर में इंदिरा गांधी नहर परियोजना का क्षेत्र बढ़ा कर उसे नर्मदा नदी के पानी से जोड़ा जाए ताकि पूरी आबादी को इसका लाभ मिले और सीमा क्षेत्र में रक्षा पंक्ति मजबूत हो।
- जैसलमेर में सांवल कॉलोनी को आवंटन के 15 साल बाद भी पीने का पानी नसीब नहीं हो रहा है। अन्य कई कॉलोनियां भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यहां लोगों ने लाखों रुपए लगाकर जमीन खरीदी व मकान बनाए लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।
राजनीति में स्वच्छ छवि के लोग आगे आएं
पत्रिका के जनप्रहरी अभियान के संबंध में भी अधिवक्ताओं ने मौलिक विचार रखे। उन्होंने कहा कि दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियों को विधानसभा चुनाव ही नहीं हर स्तर के चुनावों में स्वच्छ छवि के प्रत्याशियों को उम्मीदवार बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्याशी ऐसे हो जो क्षेत्र के विकास को लेकर सुविचारित सोच रखे और ठोस कार्यों में जिसका विश्वास हो। प्रत्याशियों के चयन में जातिवाद, क्षेत्रवाद, धर्म या किसी किस्म के बने बनाए सांचे का उपयोग नहीं करते हुए ईमानदार, कर्मठ व जमीन से जुड़े लोगों को तरजीह दी जाए। इस संवाद कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता सीआर चौधरी, अरविन्द गोपा, नैन्सी व्यास, जेठाराम माली, मोहम्मद नासीर, सवाईसिंह देवड़ा, हरिसिंह डांगरी, रशीद मेहर, खूबाराम पंवार, दामोदरसिंह सोलंकी, मोकमसिंह आदि शामिल हुए। अधिवक्ताओं ने पत्रिका के इस कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि इससे शासन-प्रशासन तक शहरी क्षेत्र की समस्याएं और उनके समाधान के सुझाव पहुंचेंगे। इसी प्रकार जनप्रहरी अभियान के माध्यम से राजनीति में शुचिता लाने के पत्रिका के प्रयासों को भी सराहा गया।

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