Video: लम्बी जद्दोजहद के बाद बनी सहमति, हुआ शव का अंतिम संस्कार

- तीन दिन पूर्व पोकरण पुलिस थाने में आत्महत्या का किया था प्रयास, हुई थी मौत

By: Deepak Vyas

Published: 16 Sep 2020, 11:17 AM IST

पोकरण/रामदेवरा. गत 13 सितम्बर को पोकरण पुलिस थाने में स्वयं के शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगाने वाले किसान की मौत का मामला मंगलवार को दिनभर की लम्बी जद्दोजहद के बाद आखिर शांत हुआ। प्रशासन, पुलिस के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों के बीच विभिन्न मांगों को लेकर सहमति बनी। इसके बाद परिजनों ने शव प्राप्त कर अंतिम संस्कार किया। गौरतलब हैै कि फलोदी तहसील के सिहड़ा हाल रामदेवरा के सोहनसिंह की ढाणी मावा निवासी गिरधारीराम (30) पुत्र प्रतापाराम भील का खेत सोहनसिंह की ढाणी में स्थित है। यहां पड़ौसी खेत मालिक के साथ उसका सीमाज्ञान को लेकर विवाद चल रहा था। गत 13 सितम्बर रविवार को विवाद के बाद गिरधारीराम पोकरण आया तथा पुलिस थाने में स्वयं के शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। सोमवार को जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। शाम के समय उसका शव मावा गांव स्थित खेत पर लाया गया, लेकिन परिजनों ने विभिन्न मांगे रखते हुए शव को लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद से मांगों पर सहमति को लेकर जद्दोजहद चल रही थी।
अलग-अलग दौर में चली वार्ताएं
पीडि़त परिवार व प्रशासन के बीच मंगलवार को दिनभर में अलग-अलग दौैर में वार्ताओं का दौर चलता रहा, लेकिन मामला आपसी सहमति नहीं बन पाने के कारण सुलझ नहीं रहा था। मंगलवार शाम पीडि़त परिवार की कई मांगों को प्रशासन की ओर से मानने व कुछ मांगों पर आश्वासन देने के बाद आपसी सहमति बनी।
ये थी प्रमुख मांगे
- पीडि़त परिवार को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिलाने।
- पीडि़त परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने।
- मामले के सभी नामजद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने।
- प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान स्वीकृत करवाने, पानी व बिजली कनेक्शन दिलाने।
- क्षतिग्रस्त टांके की मरम्मत करवाने।
- मामले के आरोपी रामदेवरा सरपंच को पद से बर्खास्त करने।
- तीन दिन में खेत का सीमाज्ञान करवाने।
- पीडि़त के बच्चों को पालनहार योजना में लाभान्वित करवाने।
ये अधिकारी रहे उपस्थित
पीडि़त के खेत पर मंगलवार को दिनभर चली आपसी समझाइश के दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश विश्रोई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश बैरवा, उपखंड अधिकारी अजय अमरावत, तहसीलदार बंटी राजपूत, पूर्व जिला प्रमुख अब्दुला फकीर सहित कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे तथा मांगों को लेकर आपसी सहमति बनाने का प्रयास किया। दिनभर की वार्ताएं विफल रहने के बाद पूर्व जिला प्रमुख फकीर ने अंतिम बैठक ली, जिसमें पीडि़त परिवार की ओर से रखी मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। जिस पर परिवारजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने की सहमति दी।
मंत्री ने दूरभाष पर दिलाया आर्थिक सहायता का भरोसा
राजस्थान सरकार के अल्पसंख्यक मामलात, वक्फ एवं जन अभियोग निराकरण विभाग के मंत्री व पोकरण विधायक शाले मोहम्मद ने मंगलवार को पीडि़त परिवारजनों से दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने आश्वासन दिलाया कि राज्य सरकार की ओर से पीडि़त परिवार को उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। इसी प्रकार अन्य मांगों पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार कर कार्रवाई की जाएगी।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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