Video Jaisalmer news- जयपुर के चिकित्सक ऑनलाइन करेंगे पोकरण के मरीजो का उपचार

. पोकरण में जयपुर के चिकित्सक करेंगे उपचार
- टेलिमेडिसिन परियोजना में पोकरण का चयन

By: jitendra changani

Published: 09 Sep 2017, 09:55 PM IST

जैसलमेर. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुरू की गई टेलिमेडिसिन सेवा परियोजना में स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का चयन हुआ है। ऐसे में अब जयपुर के दक्ष प्रशिक्षक चिकित्सक यहां के गंभीर बीमारियों से पीडि़तों का इलाज करेंगे।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को बड़े शहरों की बजाय निकटवर्ती सरकारी होस्पीटल में विशेषज्ञ व वरिष्ठ चिकित्सकों की ओर से उपचार, परामर्श व बेहतर चिकित्सा सेवा के लिए शुरू किए गए नवाचार के अंतर्गत पोकरण उपखण्ड मुख्यालय स्थित राजकीय चिकित्सालय में टेमिमेडिसिन परियोजना की शुरुआत की गई है। इस परियोजना के अंतर्गत अब मरीजों का पोकरण में ही जयपुर के चिकित्सकों द्वारा उपचार किया जाएगा। जिससे मरीजों का स्वास्थ्य शीघ्र सुधरेगा तथा उन्हें गंभीर बीमारियों से भी मुक्ति मिलेगी।
जिले के दो चिकित्सालय चयनित
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिले के दो चिकित्सालय का इस परियोजना के लिए चयन किया गया है। इस का जुलाई से क्रियान्वयन हुआ है। सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह में ही जैसलमेर में जिला चिकित्सालय व पोकरण में राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को चिह्नित कर परियोजना शुरू की गई है। इसके अलावा प्रदेश में प्रथम चरण में उपजिला चिकित्सालय, सैटेलाइट चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा द्वितीय चरण सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर यह परियोजना शुरू की जाएगी। ग्लोबल हैल्थ केयर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड कोलकाता की ओर से जयपुर में सैंट्रल साइट व विशेषज्ञों की टीम स्थापित की जाएगी, जो प्रदेश के चिह्नित 100 चिकित्सालयों पर वीडियो कॉन्फ्रैंस, टेलिमेडिसिन सॉफ्टवेयर, चिकित्सीय एवं कम्प्यूटर के माध्यम से सेवाएं उपलब्ध करवाएंगे।
चिकित्सकों की कमी से होती थी परेशानी
स्थानीय चिकित्सालयों में चिकित्सकों की कमी, चिकित्सा सेवाओं व संसाधनों के अभाव में यहां मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं नहीं मिलने पर उन्हें जोधपुर , जयपुर अथवा अहमदाबाद जाकर उपचार करवाना पड़ता है। कई बार स्थानीय चिकित्सकों को मरीज की बीमारी व लक्षण पता लग जाते हैं, लेकिन उन्हें दवाइयों व उपचार के बारे में जानकारी नहीं होने की स्थिति में मरीज को उच्च चिकित्सा के लिए रैफर कर दिया जाता है। इससे कई बार मरीज वहां तक पहुंचने से पूर्व ही दम तोड़ देता थे। टेलीमेडिसिन परियोजना के शुरू हो जाने से स्थानीय वरिष्ठ व अनुभवी चिकित्सक मरीज की अब जयपुर बैठी विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम से वीडियो कॉन्फ्रैंसिंग के माध्यम से परामर्श कर मरीज को तत्काल उपचार व दवाइयां मुहैया करवाई जा सकेगी।

अलग से स्थापित किया कक्ष
स्थानीय राजकीय चिकित्सालय में एक कक्ष में परियोजना का कार्यालय व उपचार केन्द्र खोला गया है। चिकित्सालय प्रभारी अधिकारी डॉ. आरएस चंपावत ने बताया कि यहां डीसी खींची व जनकसिंह की ड्यूटी लगाई गई है, जो यहां उपस्थित रहकर आने वाले गंभीर बीमारियों के मरीजों की बीमारी, उनकी जांच रिपोर्ट व अन्य कागजात जयपुर भेजेंगे। जयपुर में बैठे चिकित्सक की ओर से वीडियो कॉल के माध्यम से मरीज की जांच कर उसका उपचार करेंगे। ऐसे में मरीज को पोकरण में ही उच्च चिकित्सा का लाभ मिलेगा।
ये मिलेंगे लाभ
- टेलिमेडिसिन से मरीजों को कम समय में गुणवत्तापूर्ण विशेषज्ञ चिकित्सीय सेवाएं होगी उपलब्ध
- अतिरिक्त खर्चों, परिवहन, विशेषज्ञ सेवा चार्ज, होटल व धर्मशाला में रुकने आदि के खर्चों में कमी आएगी
- मरीजों को कुशल चिकित्सकों की बेहतर परामर्श मिलेगी
- समय की बचत होगी
- कन्टीन्यूअल मेडिकल एज्युकेशन सीएमई से रिमोट साइट्स के चिकित्सकों का क्षमतावद्र्धन किया जा सकेगा

jitendra changani Desk/Reporting
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