Video jaisalmer-महिला सैनिकों ने गांव में कहा कुछ ऐसा कि सरहदी गांवों की महिलाएं बोली कुछ यह खास...

- सरहदी गांवों की महिलाएं बोली, हम भेजेंगे बेटियों को स्कूल

-सीमावर्ती गांवों में पहुंची सीसुब व भारतीय वायुसेना की संयुक्त महिला कैमल सफारी

By: jitendra changani

Published: 27 Aug 2017, 02:05 PM IST

जैसलमेर . जैसलमेर में शनिवार को सीमा सुरक्षा बल और भारतीय वायुसेना की संयुक्त महिला कैमल सफारी जैसलमेर जिले के शाहगढ़ क्षेत्र के बछिया, लोहारकी, लंगतला आदि क्षेत्रों में पहुंची। कैमल सफारी यहां से आस-पास की सभी ढाणियों में भी गई। ढाणियों में स्थानीय नागरिकों ने कैमल सफारी का स्वागत किया। महिलाओं और बच्चों के लिए ऊंट पर सवार यह दस्ता आश्चर्य का केन्द्र था। जब कैमल सफारी की महिलाओं ने ऊंटों से उतरकर उन्हे अपने आने का मकसद बताया तो महिलाएं काफी खुश नजर आई। स्थानीय महिलाओं ने भी अपनी बच्चियों को पढऩे के लिए स्कूल भेजने की इच्छा जाहिर की। सीमा सुरक्षा बल की अधिकारी तनुश्री पारिख ने राजस्थानी भाषा मे महिलाओं से बात की। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में पहुंचने वाला यह पहला सरकारी दल है। इससे पहले केवल सीमा सुरक्षा बल के कार्मिक ही उनकी मदद के लिए आए हैं। ग्रामीणों ने दल के सदस्यों का स्वागत परंपरागत रूप से किया। कैमल सफारी में शामिल महिलाओं ने ग्रामीण महिलाओं के साथ बैठकर झोंपों में चाय पी। कैमल सफारी अगले पड़ाव के लिए घोटारु-लोंगेवाला इलाके में पहुंचेगी।

बछिया छोर पहुंची महिला कैमल सफारी

जैसलमेर. सीमा सुरक्षा बल और भारतीय वायुसेना का संयुक्त महिला कैमल सफारी शाहगढ़ बल्ज होते हुए पूर्व जैसलमेर रियासत के सीमांत दुर्ग बछियाछोर पहुंची। राजस्थान सीमांत की सीमा चौकी बछियाछोर पर 68वीं वाहिनी के समादेष्टा विपिन पांथरी ने वाहिनी के अधिकारियों के परिवारों, महिलाओं, अधिकारियों एवं कार्मिकों के साथ कैमल सफारी दल का स्वागत किया। इस अवसर पर घोटारु पंचायत अध्यक्ष छत्तो खातून पत्नी उस्मान खान ने महिला सफारी दल का स्वागत किया। समादेष्टा विपिन पांथरी ने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढाओ’ अभियान की प्रशंसा की। उन्होंने कैमल सफारी में भाग लेने वाली महिलाओं के साहस को सराहा और विषम मौसम और लम्बे कठिन सफर की परवाह न करते हुए देश और समाज हित में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के आह्वान को जन-जन तक पहुंचाने की भावना को प्रशंसनीय बताया। सीसुब की 68वीं वाहिनी के अधिकारियों और कार्मिकों की टीम ने समादेष्टा विपिन पंथरी के नेतृत्व में मरुधरा को पुर्नजीवित कर दिया। इस अवसर पर 68वी वाहिनी ने नि:शुल्क चिकित्सा कैम्प का आयोजन किया, जिसमें वाहिनी के चिकित्सा अधिकारी लोकेश खजूरिया ने 500 ग्रामीणों की चिकित्सकीय जांच की और नि:शुल्क दवाइयां प्राप्त की। गौरतलब है कि 68वीं वाहिनी बछियाछोर में एक स्कूल चलाने में भी सहायता कर रही है, जहां गरीब व पिछड़े परिवारों के बच्चों को शिक्षा प्रदान की जा रही है। इस स्कूल के बच्चे भी इस अवसर पर मौजूद थे। स्क्वाड्रन लीडर अनुष्का ल्यूमस ने उपस्थित ग्रामीणों को ‘बेटी बचाओ-बेटी पढाओ’ अभियान की जानकारी दी। सीमा सुरक्षा बल की प्रथम महिला अधिकारी राजस्थान की बेटी तनुश्री पारिख ने बेटी को समाज की बुनियाद बताते हुए उसके जीवन के महत्व और समाज एवं परिवार की उन्नती के लिए उसकी शिक्षा के महत्व को समझाया।
इस अवसर पर लोक कलाकारों की ओर से राजस्थान लोक संगीत और रंगारंग कार्यक्रम पेश किया गया।

jitendra changani Desk/Reporting
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