Video Jaislamer- अस्पताल को तो बख्श दीजिए हुजूर!

- जिला अस्पताल में जीएसएस होने के बावजूद बिजली गुल होना आम बात
- कई बार जनरेटर भी दे जाता है धोखा

By: jitendra changani

Published: 02 Sep 2017, 02:16 PM IST

जैसलमेर . विद्युत आपूर्ति के मामले में डिस्कॉम का ट्रेक रिकॉर्ड जैसलमेर शहर में लगभग बिगड़ा हुआ ही रहा है। आए दिन किसी न किसी फीडर या ट्रांसफार्मर स्तर पर ‘फॉल्ट’ के कारण बिजली कटौती उपभोक्ताओं को परेशानियों में डाल देती है। वहीं जिला मुख्यालय स्थित जवाहर चिकित्सालय में तो यह समस्या कहीं अधिक विकराल हो चुकी है। जिले के इस इकलौते सरकारी अस्पताल में बिजली की आवाजाही रोजमर्रा की बात है। जबकि अस्पताल परिसर में ही डिस्कॉम का 33/11 का ग्रिड सब स्टेश्न (जीएसएस) भी स्थापित है।
बिजली का कोई भरोसा नहीं
‘पत्रिका’टीम ने शुक्रवार को जवाहर चिकित्सालय वहुंच वहां कार्यरत विभिन्न श्रेणी के कार्मिकों से बिजली आपूर्ति की जानकारी ली तो पता चला कि, यहां यह समस्या अमूमन रहती है। शुक्रवार दोपहर तक 4 बार बिजली की आवाजाही हो चुकी थी। बताया जाता है कि विद्युत निगम की ओर से जिला अस्पताल को अत्यावश्यक सेवाओं में सम्मिलित किया हुआ है। इसके अलावा अस्पताल परिसर में ही जीएसएस की स्थापना करवाई जा चुकी है। इसकी स्थापना के समय डिस्कॉम के तत्कालीन अधिकारियों ने भरोसा दिलाया था कि अस्पताल में इससे 24 घंटा निर्बाध विद्युत आपूर्ति होगी और अपवाद के तौर पर ही लाइट जाएगी। लेकिन वास्तविकता इसके उलट ही सामने आ रही है।
बारिश में ज्यादा मुसीबत
अस्पताल परिसर में हालांकि बिजली कटौती की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर उच्च क्षमता वाले जनरेटर उपलब्ध हैं, लेकिन बारिश के दिनों में विशेषकर रात में जनरेटर चलाना तकनीकी कार्मिकों के लिए भी मुश्किल होता है। कई बार लम्बी अवधि तक अस्पताल अंधेरे में डूबा रहता है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों आधी रात के बाद बिजली गुल होने से अव्यवस्था हो गई तथा ऑपरेशन भी टॉर्च की रोशनी में करने की नौबत आ गई थी। इसके अतिरिक्त जनरेटर से अस्पताल में आवश्यक ट्यूबलाइट व पंखे ही चलाए जा सकते हैं। कुलर व एयरकंडीशनर बंद ही रहते हैं।

बाकी शहर से जुदा नहीं व्यवस्था
जैसलमेर में बारिश के दौरान या उसकी शुरुआत में ही आमतौर पर बिजली आपूर्ति रोक दी जाती है। तब अस्पताल में भी ऐसा ही किया जाता है। कई बार बिजली गुल होते ही जनरेटर से वैकल्पिक व्यवस्था हो जाती है, कई बार तकनीकी कारणों से इसमें देरी होने से भर्ती मरीजों खासकर प्रसूताओं को बेजा असुविधाएं झेलना पड़ती हैं। कई बार उपचार में भी बाधा उत्पन्न होती है।

फैक्ट फाइल -
- 60 बार अस्पताल में औसतन महीने में बिजली कटौती
-150 शैय्याओं का अस्पताल है जवाहर चिकित्सालय
-33/11 केवी जीएसएस अस्पताल परिसर में है स्थापित

समस्या से अवगत करवाया है
अस्पताल में बिजली कटौती और अनियमित आपूर्ति की समस्या से विभागीय अधिकारियों को अवगत करवाया है। बिजली गुल होने से भारी मात्रा में डीजल की खपत भी होती है।
- डॉ. जेआर पंवार, पीएमओ, जवाहर चिकित्सालय, जैसलमेर

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IMAGE CREDIT: patrika
jitendra changani Desk/Reporting
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