Video: चाय की केबिन के छप्परों में चिंगारी से लगी आग, दो केबिन जले

-जली, टायर पंचर की दुकान भी स्वाहा
- पुलिस पहुंची मौके पर, दमकल के अभाव में टैंकर्स से मंगवाया पानी

By: Deepak Vyas

Updated: 16 Apr 2021, 12:39 PM IST

जैसलमेर/मोहनगढ़- कस्बे के चौधरी चौराहे पर जलदाय विभाग की चारदीवारी के पास गुरुवार को दोपहर में बिजली की 11 केवी लाईन में शाॅर्ट सर्किट हो गया। जिससे निकली चिंगारियों की वजह से पास चाय की केबिन के पास छाया के लिए बने घास फूस से बने छप्परे में आग लग गई। आग लगने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों के सहयोग से सामान बाहर निकाला गया। उसके बावजूद टायर ट्यूब पंचर की दुकान में रखी काफी सामग्री जल गई। चाय की दुकान के पास रखी एक केबिन में रखा किराणा सामान सहित अन्य सामान जलकर राख हो गया। आग लगते ही आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर ही पहुंच गए। आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। पुलिस थाने से महज तीन मीटर की दूरी पर आग जनी घटना घटी। पुलिस थानाधिकारी अरूण कुमार मय जाब्ते के मौके पर पहुंचे। आगजनी के दौरान आग की लपटें काफी ऊपर तक उठ रही थी। पुलिस द्वारा यातायात एक तरफा किया गया। आग पर काबू पाने के लिए ग्रामीणो ने अपने ट्रेक्टर टेंकरों से पानी की व्यवस्था की गई। वहीं सीमा सड़क संगठन का टेंकर पानी लेकर पहुंचा। उसके बाद ही ग्रामीणों द्वारा आग पर काबू पाया गया।
टायर पंचर की दुकान भी जली
मोहनगढ के चौधरी चौराहा पर आग लगने से जलदाय विभाग की चार दीवारी के पास रखी दो केबिन जल गई। वहीं तीसरी केबिन हेयर ड्रेसर की थी। उसमें लगे कांच व अन्य सामान टूट गया। पास ही टायर ट्यूब पंचर की दुकान भी पूरी तरह से जल गई। इसमें रखा सारा सामान जल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गुलाबाराम पुत्र छोगा राम जाति भाट की केबिन में 50 हजार रूपये किराणा सामान, फ्रीज, कोल्ड ड्रिंक्स के साथ अन्य सामान जल गया। लीलाधर पुत्र मदन लाल की चाय केबिन जल गई। उसके रखा अधिकांश सामान जलकर राख हो गया। मगा राम पुत्र दला राम उम्र 35 वर्ष जाति जाट की टायर ट्यूब पंचर की दुकान में आग में सारा सामान जल गया। कई टायर, ट्यूब, एयर टैंक व मशीन के अलावा अन्य सामान भी जल गया। गुलाबाराम की केबिन के पास ही छगना राम पुत्र खुशालाराम की हेयर ड्रेसर की केबिन थी। उसमें लगे बड़े बड़े कांच टूट गए, जिसकी कीमत 40 हजार रूपये से अधिक बताई जा रही है।
आग लगने पर 65 किमी दूर से पहुंचती है दमकल
नहरी क्षेत्र का सबसे बड़ा कस्बा होने के बावजूद मोहनगढ़ में दमकल की व्यवस्था नहीं है। इसको लेकर ग्रामीण पिछले नौ सालों से मोहनगढ़ में दमकल उपलब्ध करवाने की मांग जिला प्रशासन से कर रहे है। मोहनगढ क्षेत्र में आग लगने की घटना होने की दशा में ग्रामीणों को अपने स्तर पर ही आग पर काबू पाने के प्रयास किया जाते रहे है। जब भी दमकल के लिए सूचना दी जाती है तो जैसलमेर से 65 किमी की दूरी तय करके दमकल पहुंचती है। तब तक सब कुछ जलकर राख हो जाता है। मोहनगढ़ में दमकल उपलब्ध करवाने को लेकर ग्रामीण जिला प्रशासन, जन प्रतिनिधियों आदि से आह्वान कर चुके है। उसके बावजूद कोई सुनने को तैयार नहीं है।
2012 में आगजनी से बस स्टेण्ड में आठ से अधिक केबिने जलकर हुई थी राख
मोहनगढ़ में गुरुवार को हुई आग की घटना ने नौ साल पहले 2012 में हुई आग की घटना की याद ताजा कर दी। अप्रैल 2012 में मोहनगढ के बस स्टेण्ड में रात्रि के समय केबिनों के आगे बने छप्परों में आग लग गई थी। इस दौरान केबिनों में गेस टंकियों व फ्रीज के होने से विस्फोट हो गया था। जिससे आसपास की आठ से अधिक केबिने आग की चपेट में आ गई थी। केबिन धारकों को काफी नुकसान उठाना पड़ा था।

Deepak Vyas Bureau Incharge
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned