Jaisalmer- तोप से गोला टुकड़ों में निकला, बैरल को पहुंचा नुकसान

-हॉविट्जर्स तोपों के परीक्षण के दौरान हुआ हादसा, जांच शुरू

By: jitendra changani

Published: 13 Sep 2017, 11:30 AM IST

जैसलमेर . पोकरण फिल्ड फायरिंग रेंज में एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉविट्जर्स तोपों के परीक्षण के दौरान गोला तोप की नली में ही फट गया, लेकिन बड़ा हादसा होते-होते बच गया। फायर करते समय तोप में आई तकनीकी खामी से हुए हादसे की जांच के आदेश दिए है। गौरतलब है कि परीक्षण के दौरान गोला तोप की नली से टुकड़ों में बाहर आकर फटा, जिससे तोप की बैरल को नुकसान पहुुेचा है। घटना सामने आने पर आर्मी की ओर से इस संबंध में जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि दूसरे चरण के अंतर्गत इनडायरेक्ट फायर का परीक्षण जून महीने में शुरू किया गया था, जिसके तहत 30 से 40 किमी दूर बैठे दुश्मन और उसके बड़े हथियार को नेस्तनाबूद करती भारत की ताकत इन तोपों से और भी बढ़ाए जाने की उम्मीद लगाई जा रही है। रक्षा सूत्रों के अनुसार तोप में टुकड़ों में गोले फटने की घटना 2 सितंबर को हुई थी, जिससे तोप की बैरल को नुकसान पहुंचा था। 

हालांकि इस संबंध में कोई अधिकारी प्रतिक्रिया नहीं दे रहा, लेकिन सूत्र बताते हैं कि इस संबंध में आर्मी ने जांच के आदेश दे दिए हैं। गौरतलब है कि हॉविट्जर्स तोपों का वर्ष 2009-10 में परीक्षण किया जा चुका है। वर्ष 2016 में भारत ने अमेरिका से 145 तोपों की खरीद की है, जिनमें से दो तोपें 18 मई को भारत पहुंची थी। पोकरण फिल्ड फायरिंग रेंज में तोपों को लाने के बाद इनका परीक्षण 8 जून को शुरू किया गया। इन तोपों का फायरिंग टेस्ट पास हो चुका है। परीक्षण के दौरान इनकी फायरिंग टेबल बनाई जा रही है। यह परीक्षण आगामी सितम्बर माह तक जारी रहेगा। वर्ष 2018 में तीन और तोपें भारत को प्राप्त होगी तथा शेष तोपें 2019-20 में प्राप्त होने पर इन्हें भारतीय सेना को सुपुर्द किया जाएगा।
यूं करती है कार्य
-प्रत्यक्ष तौर पर ये तोपें चार किमी तक वार करती है।
-अप्रत्यक्ष तौर पर ये तोपें 30 से 40 किमी तक दुश्मन के ठिकानों को नेस्तनाबूद करने की ताकत रखती है।
-ये तोपें एक मिनट में चार राउण्ड निकालती है।

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jitendra changani Desk/Reporting
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