कांग्रेस के दोनों ध्रुवों के बीच संघर्ष विराम से कार्यकर्ता राहत में

मिले दोनों हाथ तो बदले सुर
-दोनों खेमों में रिश्तों में जमी बर्फ पिघलने के आसार
-राजनीतिक नियुक्तियों में होगी सहूलियत

By: Deepak Vyas

Published: 19 Mar 2021, 08:29 PM IST

जैसलमेर. सीमांत जैसलमेर जिले में कांग्रेस के दोनों ध्रुवों के सार्वजनिक तौर पर साथ दिखाई देने के बाद पिछले एक पखवाड़े के दौरान स्थितियां खासी बदली हुई नजर आ रही हैं। मंत्री शाले मोहम्मद और जैसलमेर विधायक रूपाराम धणदे के जो कट्टर समर्थक सार्वजनिक तौर पर तथा विशेषकर सोशल मीडिया पर एक दूसरे के प्रति हमेशा हमलावर नजर आते थे, वे अब एकदम शांत हो गए हैं। गौरतलब है कि मरु महोत्सव के दौरान जैसलमेर यात्रा पर आए कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने दोनों नेताओं को साथ बैठा कर उनके बीच संवाद कायम करवाया था। इसके बाद से हालात में खासी तब्दीली आ गई है। दोनों नेताओं के रिश्तों में जमी बर्फ पिघलने के आसार मात्र से ही पार्टी के कार्यकर्ता भी राहत महसूस करने लगे हैं। अब तक एक नेता के पास जाने से दूसरे नेता का खेमा उक्त कार्यकर्ता को एक तरह से बहिष्कृत करने लगता था। अब कार्यकर्ताओं को लगता है कि वे स्वतंत्र रूप से अपने काम के लिए मंत्री और विधायक दोनों के पास स्वाभाविक रूप से आ-जा सकेंगे।
बदले-बदले सुर
गत फरवरी माह के आखिरी समय में शाले मोहम्मद और रूपाराम के हाथ थामे गोविंदसिंह डोटासरा और एक होटल में अजय माकन के साथ बैठे दोनों नेताओं के फोटो सामने आने के बाद हालात में तेजी से तब्दीली आई। उसके बाद अल्पसंख्यक मामलात विभाग के छात्रावासों के शिलान्यास कार्यक्रम में मंत्री शाले मोहम्मद के साथ विधायक रूपाराम एक घंटे से भी अधिक समय तक साथ रहे, जबकि इससे पहले गत गणतंत्र दिवस जिलास्तरीय समारोह में जब मंत्री ने ध्वजारोहण किया था, तब भी विधायक गैरहाजिर रहे थे। आने वाले दिनों में जैसलमेर जिले में आयोजित कई और कार्यक्रमों में दोनों नेताओं के साथ नजर आने की पूरी संभावना है। इसी तरह से पंचायतीराज चुनावों के बाद विधायक पर हमलावर नजर आने वाले शाले मोहम्मद ने मीडिया के सामने बयान दिया किए पार्टी नेतृत्व का संदेश है कि भूलो और आगे बढ़ो। इसी पर वे भी अमल कर रहे हैं।
यह हो सकता है असर
दोनों नेताओं के बीच संबंधों के सामान्य होने का असर राजनीतिक व संगठनात्मक नियुक्तियों में देखने में आ सकता है। प्रदेश स्तर से सरकार व संगठन के जिले में की जाने वाली नियुक्तियों की राह अब आसान हो सकती है। यह जानकारी भी मिली है कि किसी भी नियुक्ति में विधानसभावार दोनों विधायकों की राय को ज्यादा तवज्जो मिलेगी।
बढ़ रही बेताबी, बढ़ी भागदौड़
इधर राजनीतिक नियुक्तियों व जिला कांग्रेस अध्यक्ष सहित संगठन के अन्य पदों को लेकर कार्यकर्ताओं में बेताबी बढ़ती जा रही है। पिछले अर्से प्रदेश प्रभारी माकन व अध्यक्ष डोटासरा को यहां कई जनों ने यूआईटी अध्यक्ष व बीसूका उपाध्यक्ष के साथ जिलास्तरीय समितियों में भागीदारी के लिए बाकायदा बायोडाटा देते हुए आवेदन थमाए थे। इसके बाद कार्यकर्ता अब जयपुर की परिक्रमा में जुटे हुए हैं।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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