scriptWorld Heritage Day: Save the precious treasure of heritage | विश्व विरासत दिवस: विरासत के अनमोल खजाने को बचाएं | Patrika News

विश्व विरासत दिवस: विरासत के अनमोल खजाने को बचाएं

विरासत के अनमोल खजाने को बचाएं

जैसलमेर

Updated: April 17, 2022 07:31:44 pm

- लक्ष्मीनारायण खत्री, साहित्यकार
जैसलमेर भूभाग में प्राचीनकाल से ही मानव रहता आया है इसलिए यहां सभ्यता एवं संस्कृति का निरंतर विकास होता गया। इस क्षेत्र में जैसलमेर शहर के अलावा गांव-गांव, ढाणी-ढाणी में पुरातनकाल के अवशेष बिखरे पड़े हैं। यह शोधार्थियों व विद्यार्थियों के लिए अध्ययन एवं शोध का विषय है। साथ ही यह हमारे पूर्वजों की जीवंत विरासत है, दस्तावेज हैं। जैसलमेर क्षेत्र की पुरा विरासत का यदि दस्तावेजीकरण किया जाए तो यहां बड़ी तादाद में पुराने स्मारक मौजूद हैं। आज भी पुरानी ऐतिहासिक विरासत है। यहां असंख्य प्राचीन लिपि में लिखे हुए पत्थर के स्तंभ, शिलालेख, देवी देवताओं एवं जुंझारों की मूर्तियां, वास्तुकला के उत्कृष्ट नमूने मंदिर, किले, प्राचीन बस्तियां, पालीवालों के 84 गांव और तालाब कुएं, बावडिय़ां, श्मशान, कब्रें, जैन धर्म के मंदिर, नगर में बने विशाल घर, हवेलियां, नायाब विरासत है जो सरंक्षण के अभाव में धीरे-धीरे आभा खो रही है। मरुक्षेत्र के पुराने घर कलात्मक सामग्री व ज्ञान से भरे थे। पुराने घर भीतर से खाली हो गए हैं। पीतल, तांबे कांसे के बर्तन, लकड़ी की खाट, बाजोट, चरखा, झूला, पंखी आदि ना जाने कितनी सामग्री कबाड़ के भाव बेची जा रही है और घरों को प्लास्टिक व स्टील के बर्तनों, इलेक्ट्रॉनिक चीजों से भरा जा रहा है। जैसलमेर में सोनार किला के अलावा अनेक ऐतिहासिक वीरों के किले हैं। जिनका अपना इतिहास है। गणेशिया, घोटारू, किशनगढ़ के किलों का सौन्दर्य अद्भुत है। यह किले देखभाल के अभाव जर्जर होकर गिर रहे हैं। विश्व धरोहर के रूप में नाम कमा चुके सोनार किले का मौलिक स्वरूप भी नष्ट हो रहा है तथा परकोटे में दरारें आ रही हैं। किले की खूबसूरती में भी कमी आ रही है। यहां के निवासियों को मरम्मत की अनुमति मिलनी चाहिए। मरुक्षेत्र जैसलमेर में लकड़ी वह घास से बनने वाले झोपड़े तीव्र गति से खत्म हो रहे हैं। यह झोपड़े न केवल कलात्मक होते हैं बल्कि गर्मी में शीतल रहते हैं। ग्रामीण उन्हें हटाकर पत्थर के मकान बना रहे हैं। आने वाले समय में इन झोपड़ों की विरासत खत्म हो जाएगी तथा यह संग्रहालय या होटलों में ही दिखेंगे। मरुभूमि की अनूठी विरासत ऊंट भी तीव्र गति से खत्म हो रहे हैं। घर-घर दिखने वाला ऊंट केवल सम वह खुडी के पर्यटन स्थलों पर ही दिखता है। हमारे पुरखों, राजाओं व ठाकुरों ने गांव-गांव में कुएं तालाब पग बावडिय़ां बनवाई थी। सदियों तक मानव व पशु की प्यास बुझाने में यह विरासत जिंदा रही थी। आज देखभाल के अभाव में समाप्त हो रही है। अनेक कुएं मिट्टी व कचरे से अट गए हैं। तालाबों के आगोर में अतिक्रमण से पानी आना बंद हो गया है। बदलते वक्त के साथ यहां की लोक संस्कृति भी खत्म हो रही है। परंपरागत पहनावा व आभूषण, खानपान पीछे छूट रहे हैं। विवाह व खुशी के अवसर पर महिलाओं द्वारा गाए जाने वाले मांगलिक गीत भी लुप्त होने लगे हैं। लोकवाद्य नड, कमायचा व सारंगी आदि के कलाकार गिने-चुने ही बचे हैं। यहां बकरी के बालों व भेड़ की ऊन से अनेक प्रकार के आइटम बनते थे। घोड़े व ऊंट का श्रृंगार, कांच की कशीदाकारी, महिलाओं के वस्त्र आभूषण तथा बरडी पट्टू आदि अनेक सुंदर नमूने अब दिखने भी दुर्लभ हो गए हैं। जैसलमेर के पर्यटन बाजार में बिकने वाला अधिकांश हस्तशिल्प का सामान बाहर से लाकर बेचा जा रहा है। जैसलमेर की धरोहर को देखने देश और दुनिया आती है। आज आवश्यकता है हम अपने पूर्वजों की धरोहर के प्रति सजग रहें तथा इसके सरंक्षण के लिए सरकार जैसलमेर में एक पुरा संपदा सर्वे और सरंक्षण अधिकारी की नियुक्ति करे तथा विरासत के खजाने को बचाए।
विश्व विरासत दिवस: विरासत के अनमोल खजाने को बचाएं
विश्व विरासत दिवस: विरासत के अनमोल खजाने को बचाएं

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

Maharashtra Politics: संजय राउत का बड़ा दावा, कहा-मुझे भी गुवाहाटी जाने का प्रस्ताव मिला था; बताया क्यों नहीं गएकानपुर में भी उदयपुर घटना जैसी धमकी, केंद्रीय मंत्री और साक्षी महाराज समेत इन साध्वी नेताओं पर निशानाआतंकी सोच ऐसी कि बाइक का नम्बर भी 2611, मुम्बई हमले की तारीख से जुड़ा है नंबर, इसी बाइक से भागे थे दरिंदेनूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट लिखने पर अमरावती में दुकान मालिक की हुई हत्या!Maharashtra Politics: उद्धव और शिंदे के बीच सुलह कराना चाहते हैं शिवसेना के सांसद, बीजेपी का बड़ा दावा-12 एमपी पाला बदलने के लिए तैयारदक्षिणी ईरान में आए 4 अलग-अलग भूकंप, 5 लोगों की मौत कई घायलUdaipur Kanhaiya Lal Murder: उदयपुर हत्याकांड के आरोपियों को NIA कोर्ट जयपुर में किया जाएगा पेशWeather Update: मानसून की दस्तक के साथ दिल्ली में 10 डिग्री लुढ़का पारा, जानिए अगले हफ्ते बारिश को लेकर IMD का अलर्ट
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.