Coronavirus से मौत के बाद श्री आनंदपुर साहिब सील, दो जिलों के कई गांवों में लॉकडाउन

-पटेल व सिविल अस्पताल के तीन डॉक्टरों व तीन नर्स व चार अन्य को नजरबंद किया गया

-जालंधर सिविल अस्पताल प्रशासन की बड़ी लापरवाही, बिना जांच के ही वापस भेज दिया था

जालंधर। पंजाब Punjab की धर्मनगरी श्री आनंदपुर साहिब Anandpur Sahib (जिला रोपड़) को सेहत विभाग और पुलिस विभाग ने शुक्रवार को सील कर दिया। जानकारी के अनुसार नवांशहर के गांव पठलावा में जर्मनी से लौटे 70 साल के बुजुर्ग बलदेव सिंह की बुधवार को कोरोनावायरस coronavirus मौत हुई थी, वे होला महल्ला वाले दिन श्री आनंदपुर साहिब आए थे। वे यहां तीन दिन ठहरे था। इसके चलते सेहत और पुलिस विभाग ने शुक्रवार को सील करने का कदम उठाया। आनन्दपुर साहिब की स्थापना सिखों के नवें गुरु गुरु तेग बहादुर सिंह ने 1665 में की थी। सिखों के लिए आनंदपुर साहिब का सर्वाधिक महत्व है। इसे पंजाब में धर्मनगरी के नाम से भी जाना जाता है।

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नवांशहर और होशियारपुर में सतर्कता

बताया जा रहा है कि बुजुर्ग के सम्पर्क में जितने भी लोग आए थे, उन सभी की जांच की जा रही है। जिस जगह वे ठहरे थे, उस जगह को भी सेनेटाइज किया जा रहा है। उनके संपर्क के शक में एक बच्चे को रोपड़ सिविल अस्पताल में भर्ती कर उसके खून के नमूने जांच के लिए चंडीगढ़ भेजे गए हैं। इसके अलावा बजुर्ग जहां-जहां गए थे, जिनमें नवांशहर और होशियारपुर जिलों के कई गांव शामिल हैं, उन्हें लॉकडाउन किया गया है।

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11 मार्च को जांच की थी

जानकारी के अनुसार 7 मार्च को जर्मनी से लौटे नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर जिला) के गांव पठलावा को बुजुर्ग पहले से दिल की बीमारी थी। हालांकि वे विदेश से लौटे लोगों की निगरानी वाली सूची में शामिल थे। 11 मार्च को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की, लेकिन तब तक उनमें कोरोनावायरस जैसे लक्षण नहीं थे। 18 मार्च को सुबह 6 बजे दिल में दर्द की शिकायत हुई तो परिजन उन्हें सिविल अस्पताल ले गए। जालंधर सिविल अस्पताल प्रशासन नें लापरवाही करते हुए बजुर्ग को बिना जांच वापस भेज दिया, जिसके आधा घंटा बाद बुजुर्ग की मौत हो गई।

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सिविल अस्पताल की लापरवाही

मौत के बाद जब उनके रक्त के नमूनों की चंडीगढ़ पीजीआईएमईआर से कोरोनावायरस के संक्रमण की पुष्टि की तो अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते एक कोरोना पीड़‍ित मरीज के आने व वापस जाने के बाद उसकी मौत के मामले को लेकर प्रशासन कठघरे में है। मरीज को बिना जांच के अस्पताल से जाने देने के बाद उसकी हुई मौत के मामले में अब अस्पताल प्रशासन लीपापोती करने में जुट गया है। मरीज के संपर्क में आए पटेल व सिविल अस्पताल के तीन डॉक्टरों व तीन नर्सों के अलावा चार अन्य अन्य लोगों को अस्पताल प्रशासन ने क्वारंटाइन करने को लेकर उनके घरों में नजरबंद कर दिया है।

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Bhanu Pratap
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