जालंधर के बिशप के खिलाफ 9वें दिन भी जारी है धरना,विरोध कर रही ननों ने किया गिरफ्तारी तक डटे रहने का प्रण

जालंधर के बिशप के खिलाफ 9वें दिन भी जारी है धरना,विरोध कर रही ननों ने किया गिरफ्तारी तक डटे रहने का प्रण

Prateek Saini | Publish: Sep, 16 2018 03:15:35 PM (IST) Jalandhar, Punjab, India

बिशप फ्रेंको मुलक्कल पर कोट्टायम में अपनी सहयोगी नन के साथ बलात्कार करने का आरोप है...

(चंडीगढ): जालंधर धर्मप्रदेश के बिशप फ्रेंको मुलक्कल ने पुलिस द्वारा तलब किए जाने के बाद भले ही अपना कार्यभार एक अन्य पादरी को सौंप दिया है लेकिन उनके खिलाफ केरल में जारी आंदोलन में कोई ढील नहीं आई है। फ्रेंको मुलक्कल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कोच्चि में मिशनरीज औफ जीसस ननस द्वारा शुरू किया गया धरना रविवार को नवें दिन भी जारी रहा। बिशप फ्रेंको मुलक्कल पर कोट्टायम में अपनी सहयोगी नन के साथ बलात्कार करने का आरोप है।

गिरफ्तारी तक आंदोलन रहेगा जारी

मात्र पांच ननों द्वारा शुरू किया गया धरना पिछले एक सप्ताह के दौरान बडे आंदोलन में बदल गया है। आंदोलन के नेतृृत्व कर रही सिस्टर अनुपमा ने मीडिया को बयान दिया है कि बिशप को गिरफ्तार किए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बिशप ने अपने सहायक को पद की जिम्मेदारियां भले ही सौंप दी हैं लेकिन यह सिर्फ छलावा है। हमें न्याय चाहिए। हमने चर्च और पुलिस के आला अधिकारियों तक मांग रखी है लेकिन सभी ने उपेक्षा की है। हम पिछले दो साल से इधर से उधर भटक रहे है।

आंदोलन को मिल रहा समर्थन

सिस्टर अनुपमा ने कहा कि जब सारे रास्ते बन्द हुए तो हमने सडकों पर उतरने का फैसला किया। यह स्वतःस्फूर्त है। पहले हम भयभीत थे लेकिन जब लोग हमारे समर्थन में आए तो हमने ताकत महसूस की। हमे अब चारों ओर से समर्थन मिल रहा है। अनगामली-एर्नाकुलम धर्मप्रदेश के कई पादरी हमसे मिले और समर्थन दिया। चर्च ने हमारी ओर कोई सहानुभूति नहीं दिखाई लेकिन हमारा समर्थन बढ रहा है। चर्च अब क्या कह सकता था? चर्च का कहना है कि यह आंदोलन आस्था और व्यवस्था के खिलाफ है। इस तरह हमारे आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। हमारे परिवार के सदस्यों के अलावा को किसी बाहरी ताकत का समर्थन नहीं है। हमें डराने-धमकाने और लुभाने का प्रयास किया गया लेकिन हम फ्रेंको मुलक्कल की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखेंगे।

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