अपने माता-पिता की राह देख रहे है ये मासूम

कानपुर देहात के पुखरायां में हुये ट्रेन हादसे में सैकड़ों यात्रियों की जान चली गयी

जालौन. कानपुर देहात के पुखरायां में हुये ट्रेन हादसे में सैकड़ों यात्रियों की जान चली गयी। ऐसे में रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे स्थानीय लोगों को 2 मासूम बच्चे भी मिले थे जो ट्रेन की बोगियों में फंसे थे। रेस्क्यू करने वालों की नजर जब इन मासूम बच्चों पर पड़ी तो उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद इन मासूमों को बाहर निकाला और उन्हें इलाज के लिए कानपुर देहात के पुखरायां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आये।


इन मासूम बच्चों में एक की उम्र 5 साल बताई गयी तो दूसरा मासूम की उम्र 11 माह का बताया जा रही है। 5 साल के मासूम बच्चे ने अपना नाम आदर्श पांडेय बताया और 11 माह के मासूम को अपना भाई बताया है। मासूम बच्चे आदर्श ने अपनी मां का नाम पूजा पांडेय बताया। जो इस ट्रेन में सफर कर रही थी।

हादसे के 34 घंटे बीत चुके है लेकिन अभी तक पूजा और उसके पति का कुछ भी पता नहीं है। मासूमों को देखकर समाजसेवी आगे आये है और उन दोनों मासूम को अपने साथ रखे है जिससे उनके माता पिता को खोज जा सके। समाजसेवी अपनी देख रेख में इन मासूमों को लिये है और उनका इलाज भी करवा रहे है जिससे बच्चे स्वास्थ्य हो सके और उनके माता-पिता या परिवार का कोई सदस्य इन्हें खोजते हुये उनके पास आ जाये।
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Ruchi Sharma
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