ग्राम विकास की सूचनाएं सबसे ज्यादा लंबित : सूचना आयुक्त

Hariom Dwivedi

Publish: Jan, 14 2018 02:54:16 PM (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
ग्राम विकास की सूचनाएं सबसे ज्यादा लंबित : सूचना आयुक्त

राज्य सूचना आयुक्त गजेंद्र यादव ने कहा कि सभी लंबित मामलों की सुनवाई फरवरी माह में की जाएगी

जालौन. जनपद की 430 सूचनायें आयोग में लंबित पड़ी हैं। इन सूचनाओं में सर्वाधिक मामले ग्राम विकास के हैं। यह बातें राज्य सूचना आयुक्त गजेंद्र यादव ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुये कही। उन्होंने कहा कि इन सभी मामलों की सुनवाई फरवरी माह में की जायेगी।

राज्य सूचना आयुक्त ने बताया कि जनपद की 430 अपीलें सूचना आयोग में लंबित हैं। इनमें सर्वाधिक अपील ग्राम विकास विभाग की हैं। इस विभाग की 103 शिकायतें हैं, जिसकी सुनवाई लखनऊ में 26 फरवरी को होगी। इसके पहले राजस्व की 64 अपीलों की सुनवाई 21 फरवरी को और बेसिक शिक्षा की 49 व लोक निर्माण विभाग की 27 अपीलों की सुनवाई 27 फरवरी को की जायेगी।

15 दिनों में दें सूचनाएं
राज्य सूचना आयुक्त गजेंद्र यादव ने सभी विभागों के विभागाध्यक्षों को आगाह किया कि वे 15 दिन के अंदर अपने कार्यालय के बाहर तख्ती लगवा लें, जिसमें विभाग के जनसूचना अधिकारी प्रथम अपीलीय अधिकारी व द्वितीय अपीलीय अधिकारी के नाम और उनके मोबाइल नंबर अंकित हों।

तो होगी कड़ी कार्रवाई
राज्य सूचना आयुक्त गजेंद्र यादव ने बताया कि जनसूचना अधिकार अधिनियम को लागू करने के लिए जिलों में आधारभूत ढांचा सुसज्जित करने के मामले में एक दशक से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद व्यवस्थायें पूरी नहीं की जा सकी हैं। जबकि सूचना आयुक्त बार-बार इसके लिए निर्देश देते रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे केवल एक पखवारे का मौका और दे रहे हैं इसके बाद कोताही पर कड़ी कार्रवाई होगी।

प्रत्येक सचिव बनाएं जनसूचना रजिस्टर
राज्य सूचना आयुक्त गजेंद्र यादव ने कहा कि जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित सभी कार्यालयों में जनसूचना का रजिस्टर अलग से होना चाहिए, जिसमें सूचना का आवेदन पंजीकृत किया जाये। साथ ही उसकी अद्यतन स्थिति भी कालम बनाकर स्पष्ट की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत सचिव के स्तर पर मामले सबसे ज्यादा लंबित हो रहे हैं। प्रत्येक सचिव को भी जनसूचना का रजिस्टर बनाना होगा और तबादला होने पर इसका चार्ज अलग से अपने रिलीवर को सौंपना होगा।

गलत सूचना देने वालों पर होगी कार्रवाई
राज्य सूचना आयुक्त गजेंद्र यादव ने कहा कि जनसूचना देने में चालबाजी बर्दास्त नहीं की जायेगी। निर्धारित 30 दिन के अंदर अगर जनसूचना के आवेदन का निस्तारण नहीं होता तो इसके बाद फोटो स्टेट कॉपी या अन्य के लिए शुल्क की मांग मान्य नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि भ्रामक सूचनाएं देने पर आवेदक को यह उल्लेख करते हुए कि भ्रामक क्या है अपीलीय अधिकारी के सामने अपील करनी चाहिए। अगर उनकी दलील सही है तो गलत सूचना देने वाले अधिकारी पर कार्रवाई होगी।

ये रहे मौजूद
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह, अपर जिलाधिकारी आरके सिंह, मुख्य विकास अधिकारी एसपी सिंह व अन्य सभी विभागाध्यक्ष मौजूद थे।

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