Vaikuntha Ekadashi 2018 : वैकुंठ एकादशी व्रत रखने से होती है मोक्ष की प्राप्ति, जानिए क्या है डेट, समय, पूजा-विधि और शुभ मुहूर्त

Vaikuntha Ekadashi 2018 : मोक्षदा वैकुंठ एकादशी का शुभ मुहूर्त 18 दिसम्बर की शाम को 07 बजकर 49 मिनट से शुरू होगा और दिसम्बर की शाम को 07 बजकर 35 मिनट पर खत्म होगा।

 

By: Neeraj Patel

Updated: 18 Dec 2018, 01:47 PM IST

जालौन. हिन्दूू धर्म में अपने पितरों की मोक्ष प्राप्ति के लिए लोग वैकुंठ एकादशी का व्रत रखते हैं। साल 2018 के मार्गशीर्ष माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी को वैकुंठ एकादशी है। इस एकादशी को मोक्षदा एकादशी भी कहा जाता है। वैकुंठ मोक्षदा एकादशी का व्रत रखने से लोगों के सभी प्रकार के पाप नष्ट हो जाते हैं व सारे दुख भी दूर हो जाते हैं और साथ ही मोक्ष की प्राप्ति भी होती है।

जालौन निवासी पंडित राजेन्द्र तिवारी ने बताया है कि शास्त्रों के अनुसार मोक्षदा वैकुंठ एकादशी के दिन कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का उपदेश दिया था। इसलिए इस दिन को गीता जयंती के नाम से भी जाना जाता है। मोक्षदा वैकुंठ एकादशी का धार्मिक महत्व पितरों को मोक्ष दिलाने के लिए वैकुंठ मोक्षदा एकादशी का व्रत रखा जाता है। वैकुंठ मोक्षदा एकादशी के व्रत से स्वयं तथा पितरों दोनो के लिए मोक्ष के द्वार खुल जाते हैं।

वैकुंठ एकादशी डेट और शुभ मुहूर्त

पंडित राजेन्द्र तिवारी ने बताया है कि इस साल 2018 में वैकुंठ एकादशी 19 दिसम्बर को पड़ रही है। मोक्षदा वैकुंठ एकादशी का शुभ मुहूर्त 18 दिसम्बर की शाम को 07 बजकर 49 मिनट से शुरू होगा और दिसम्बर की शाम को 07 बजकर 35 मिनट पर खत्म होगा।

ऐसे करें वैकुंठ एकादशी पर पूजन

सुबह प्रातः उठकर स्नान करके निवृत होकर मंदिर को गंगा जल से पवित्र कर कुश के आसन पर बैठकर पूजा शुरू करें। पूजा में तुलसी के पत्तों को अवश्य शामिल करें। भगवान विष्णु तथा माता लक्ष्मी जी की मूर्ति के सामने घी का दीपक जलाकर श्री विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ करें, उसके बाद श्री सूक्त का पाठ करें और अंत में ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें।

मोक्ष के द्वार खोलता है वैकुंठ एकादशी व्रत

पंडित राजेन्द्र तिवारी ने बताया कि हिंदू धर्म में माना जाता है कि मोक्ष प्राप्त किए बिना मनुष्य को बार-बार इस संसार में आना पड़ता है। मोक्ष की इच्छा रखने वाले प्राणियों के लिए मोक्षदा वैकुंठ एकादशी व्रत रखने की सलाह दी गई है। इस दिन भगवान विष्णु की आराधना की जाती है। वैकुंठ एकादशी के दिन केवल फलाहार व्रत ही रखा जाता है। अन्न का सेवन नहीं किया जाता है। रोगी तथा वृद्ध लोग व्रत न रखें। इस दिन भगवान विष्णु की आराधना करें। अन्न का दान करें तथा गरीबों में कम्बल वितरण करें।

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