23 दिन बाद भी किसानों के खातों में जमा नहीं हुई मुआवजे की राशि

Binjaram Ram Dudi

Publish: Dec, 08 2017 12:16:08 (IST)

Jalore, Rajasthan, India
23 दिन बाद भी किसानों के खातों में जमा नहीं हुई मुआवजे की राशि

23 दिन हो चुके हैं अतिवृष्टि से हुए खराबे के मुआवजे की राशि को स्वीकृत हुए

साचौर. क्षेत्र में वर्ष 2015-16 के दौरान अतिवृष्टि से हुए खराबे के मुआवजे की राशि स्वीकृत हुए 23 दिन हो चुके हैं, लेकिन जिला प्रशासन इसके 23 दिन बाद भी किसानों के खातों में मुआवजे की एक प्रतिशत राशि भी जमा नहीं करवा पाया है। जिससे क्षेत्र के किसानों में प्रशासन के प्रति रोष है। वहीं ऑनलाइन भुगतान को लेकर किसान विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वहीं दूसरी ओर प्रशासन किसानों के बैंक खातों की जानकारी नहीं होने की बात कहकर इससे पल्ला झाड़ा जा रहा है। ऐसे में भारतीय किसान संघ ने प्रशासन के उदासीन रवैये को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। जानकारी के अनुसार अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए जिला कलक्टर (आपदा प्रबंधन) की ओर से खरीफ फसल 2015 में 2 हैक्टेयर व 2 हैक्टेयर से अधिक खराबे वाले पात्र किसानों को कृषि आदान अनुदान राशि स्वीकृति की गई है। जिसमें सांचौर क्षेत्र के लिए 14 हजार 801 प्रभावित किसानों के लिए 19 करोड़ 28 लाख 53 हजार छिहत्तर रुपए व चितलवाना क्षेत्र में 17 हजार तीन सौ तीन प्रभावित किसानों के लिए 22 करोड़ 32 लाख 19 हजार आठ सौ बयालीस की कृषि आदान अनुदान राशि 14 नवम्बर 2017 को स्वीकृत की थी। यह राशि स्थानीय प्रशासन की ओर से प्रभावित किसानों के खातों में ऑनलाइन जमा करवाई जानी थी। इसके लिए पटवारियों के जरिए किसानों के आधार नंबर, बैंक खाता डीटेल व मोबाइल नंबर लिए गए थे। वहीं वर्ष 2016 में सूखे व अतिवृष्टि से प्रभावित सांचौर व चितलवाना के प्रभावित किसानों के लिए बजट मांग के आधार पर स्वीकृति हुआ है। जिसमें 2 हैक्टेयर भूमि वाले सांचौर क्षेत्र के किसानों के लिए 1514.69 लाख व चितलवाना के लिए 1446 लाख का बजट आवंटित किया गया था। वहीं 2 हैक्टेयर से अधिक भूमि वाले सांचौर के किसानों के लिए 2112.63 लाख व चितलवाना क्षेत्र के लिए 2252.13 लाख के बजट की स्वीकृति जारी की गई है।
फैक्ट फाइल
खरीफ 2015 का स्वीकृत मुआवजा
- सांचौर क्षेत्र के 14801 किसानों के लिए : 19,28,53,076 रुपए
- चितलवाना क्षेत्र के 17303 किसानों के लिए : 22,32,19,842 रुपए
वर्ष 2016 में सूखे व अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए
- 2 हैक्टेयर भूमि वाले सांचौर के किसानों के लिए : 1514.61 लाख
- 2 हैक्टेयर भूमि वाले चितलवाना के किसानों के लिए : 1446 लाख
- 2 हैक्टेयर से अधिक भूमि वाले सांचौर के किसानों के लिए : 2112.63 लाख
- 2 हैक्टेयर से अधिक वाले चितलवाना के किसानों के लिए : 2252.13 लाख
एक ऑपरेटर के पास हजारों किसानों का डाटा
जिला कलक्टर (आपदा प्रंबधन) की ओर से मुआवजा राशि स्वीकृति के 23 दिन बाद करीब 60 लाख रुपए ही किसानों के खातों में जमा हो पाए हैं। जबकि प्रशासन की ओर से ऑनलाइन जानकारी के लिए महज एक ऑपरेटर ही लगा रखा है। ऐसे में चार माह तक पात्र प्रभावित किसानों के डाटा ऑनलाइन नहीं हो पाएंगे। अब तक महज एक हजार किसानों के डाटा ही ऑनलाइन हो पाए हैं। प्रशासन डाटा के अभाव में जानकारी ऑनलाइन करने में असमर्थता जता रहा है, जबकि किसानों का कहना है कि बैंक खाते सहित अनिवार्य जानकारी संबधित पटवारियों के पास जमा करवा दी गई थी।
पांच माह बाद भी मुआवजा नहीं
जुलाई माह में आई बाढ़ को पांच माह बीतने को है। प्रशासन ने 67 हजार 112 हैक्टेयर क्षेत्र में खराबा मानते हुए करीब 40 करोड़ रुपए की रिपोर्ट बनाकर भेजी, लेकिन पांच माह बीतने के बावजूद प्रशासन मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। इस साल कृषि विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो खरीफ फसल में बाजरा 26 हजार हैक्टेयर, मूंग और बाजरा 29 हजार 500, ग्वार 10 हजार, मूंगफली 5700, अरंडी 3500, मूंग 1410, तिलहन 94 व मौठ की 32 हैक्टेयर में बुवाई हुई थी जो पूरी तरह से तबाह हो गई थी।
ये गांव सर्वाधिक प्रभावित
बाढ़ से क्षेत्र में पांचला, पथमेड़ा, मेड़ा, दाता, कारोला, धमाणा का गोलिया, पालड़ी, आमली, हाड़ेचा, काछेला, बगसड़ी, गोलासन, कीलवा, बापूनगर, भड़वल, धूड़वा अचलपुर, सीलू, बावरला, मेड़ा, कांटोल, नैनोल, विरोल, सरनाऊ, सांकड़, पुर, अरणाय, चौरा, हरियाली, करावड़ी व भादरूणा सहित कई गांवों में बाढ़ से फसलें पूरी नष्ट हो गई।
इनका कहना है...
2015-16 में अतिवृष्टि से हुए खराबे की मुआवजा राशि किसानों के खातों में जमा करवाई जा रही है। अधिकांश किसानों के बैंक, आधार व मॉबाइल नंबर की डीटेल नहीं मिलने से देरी हो रही है। किसान यह जानकारी संबधित पटवारी के पास अनिवार्य रूप से जमा करवा दें।
-पीताम्बरदास राठी, तहसीलदार, सांचौर
किसानों ने क्षेत्र के सभी पटवारियों को बैंक, आधार व मोबाइल नंबर सहित अन्य जानकारी जमा करवा दी थी। ऑनलाइन डाटा के लिए महज एक ऑपरेटर लगा रखा है। प्रशासन मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। अगर यह स्थिति रही तो सात दिन बाद धरना प्रदर्शन करेंगे।
- सवाराम पुरोहित, अध्यक्ष, भारतीय किसान संघ सांचौर

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