सिटी जीएसएस के नवीनीकरण के बाद बारिश में बिजली गुल होने की समस्या से मिलेगी निजात

सिटी जीएसएस के नवीनीकरण के बाद बारिश में बिजली गुल होने की समस्या से मिलेगी निजात
After the renewal of the City GSS, problem of electricity will solved

Dharmendra Ramawat | Updated: 28 Apr 2018, 11:04:07 AM (IST) Jalore, Rajasthan, India

सीटी जीएसएस के नवीनीकरण का कार्य अंतिम चरण में, ऑटोमेटिक सिस्टम से चलेगा जीएसएस

भीनमाल. बारिश के दौरान शहर के स्टेशन रोड 33 केवी जीएसएस से बिजली गुल होने की समस्या से शीघ्र ही निजात मिलेगी। डिस्कॉम की ओर से इस जीएसएस को नए प्लेटफार्म पर शिफ्ट किया जा रहा है। अब शीघ्र ही यह जीएसएस नए प्लेटफार्म पर शुरू होगा। ऐसे में शहरवासियों को बारिश के दौरान शहर में होने वाली बिजली गुल की समस्या से निजात मिलेगी। इसके अलावा यह जीएसएस ऑटोमेटिक सिस्टम के तहत संचालित होगा। आरएपीडीआरपी स्कीम के तहत इस पर करीब 1.30 करोड रुपए व्यय किए गए है। दरअसल, शहर के स्टेशन रोड मुख्य जीएसएस करीब 50 साल पुराना है। ऐसे में यह जीएसएस बारिश के दौरान पानी में डूब जाता है। ऐसे में कई दिनों तक शहर में विद्युत आपूर्ति प्रभावित रहती है। डिस्कॉम के अधिकारियों का कहना है कि अब यह जीएसएस नए प्लेटफार्म पर संचालित होगा। यह प्लेटफार्म काफी हद तक ऊंचाई में है। ऐसे में बारिश के दौरान जीएसएस से विद्युत आपूर्ति बंद होने की समस्या से निजात मिलेगी। शहर में 2015 व 2017 में बाढ़ के दौरान यह जीएसएस करीब सात-सात दिन तक बंद रहा। योजना के तहत इस जीएसएस का निर्माण कार्य करीब चार साल से चल रहा था, लेकिन डिस्कॉम के ठेकेदारों की शिथिलता व सामान की कमी के कारण कार्य में काफी विलंब हुआ है। जीएसएस को नए प्लेटफार्म पर शिफ्ट करने के लिए सहायक अभियंता भरत देवड़ा व शशिकांत चौधरी के नेतृत्व में दल बनाकर युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है।
सुदृढ़ होगा विद्युत तंत्र , फॉल्ट से मिलेगी निजात
शहर का स्टेशन रोड 33 केवी जीएसएस मुख्य जीएसएस है। यहां के शहर के अधिकांश भाग में विद्युत आपूर्ति होती है। डिस्कॉम के अधिकारियों का कहना है कि पहले से पूरे शहर में इस जीएसएस से पांच फीडर में विद्युत आपूर्ति होती थी, लेकिन अब सात फीडऱ में विद्युत आपूर्ति होगी। विद्युत लाइनों को छोटे-छोटे भागों में बांटा जाएंगा। ऐसे में फॉल्ट आने पर शहर के संबन्धित कॉलोनी व एरिये में विद्युत आपूर्ति बंद होगी। डिस्कॉम के अधिकारियों का कहना है कि ऑटोमेटिक सिस्टम के तहत जीएसएस होने से छोटे फॉल्ट आते ही विद्युत आपूर्ति बंद हो जाएगी।
कार्मिकों को रहता था हर समय हादसे की डर
डिस्कॉम का शहर जीएसएस काफी पुराना है। ऐसे में यहां पर डिस्कॉम के कार्मिकों को कार्य करते समय हादसे की आशंका रहती है। डिस्कॉम के कार्मिकों को खासकर बारिश के दौरान तो कार्य करना बड़ी चुनौती बन जाता है। मामूली सी बारिश होने पर जीएसएस में पानी जमा हो जाता था, इसके अलावा स्पार्किंग भी होती रहती है।
बिजली समस्या से मिलेगी निजात
शहर के सीटी जीएसएस का नवीनकरण हो रहा है। एक-दो दिन में जीएसएस शुरू हो जाएंगा। ऐसे में बारिश के दौरान बिजली गुल होने की समस्या से निजात मिलेगी। इसके अलावा फीडऱ भी बढ़ाए गए है। आरएपीडीआरपी स्कीम के तहत इस पर 1.30 करोड़ रुपए व्यय किए गए है।
- रमेश सेठ, अधिशाषी अभियंता, डिस्कॉम-भीनमाल

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