कीटों के प्रकोप से फसलों के बचाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने बताए नुस्खे

कीटों के प्रकोप से फसलों के बचाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने बताए नुस्खे
कीटों के प्रकोप से फसलों के बचाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने बताए नुस्खे

Dharmendra Ramawat | Updated: 31 May 2019, 10:59:35 AM (IST) Jalore, Jalore, Rajasthan, India

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बडग़ांव (जालोर). रानीवाड़ा उपखण्ड क्षेत्र के बडग़ांव समेत आस-पास के गांवों में सफेद लट के प्रकोप से किसानों के खेतों में खड़ी जायद बाजरा व मूंगफली की फसल को काफी नुकसान पहुंच रहा है। इसको लेकर पत्रिका ने 28 मई के अंक में 'बाजरा और मूंगफली में सफेद लट का प्रकोपÓ शीषर्क से समाचार प्रकाशित किया था। जिसके बाद बुधवार शाम को कृषि उपनिदेशक डॉ. आरबी सिंह के नेतृत्व में कृषि विज्ञान केंद्र से कीट वैज्ञानिक डॉ. प्रकाश यादव, उपजिला भीनमाल के सहायक निदेशक कृषि विस्तार संतोष गुप्ता, फूलाराम व सहायक कृषि अधिकारी वागाराम पुरोहित रानीवाड़ा के बडग़ांव और रूपावटी खुर्द गांव पहुंचे। यहां प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर अधिकारियों ने मूंगफली व बाजरा फसल का जायजा लिया। अधिकारियों की टीम ने फसलों की गहनता से जांच की तो फसल में सफेद लट के साथ-साथ कॉलररोट बीमारी भी देखने को मिली। इसके बाद उन्होंने किसानों को फसलों में कीट से बचाव के उपाए बताए।
इन दवाओं का करें छिड़काव
गर्मी के मौसम में क्षेत्र में इस बार जायद फसल बाजरा व मूंगफली की बुवाई की गई है। मूंगफली की फसल में सफेद लट के साथ-साथ कॉलररोट नामक बीमारी भी देखने को मिली है। इस बीमारी से मूंगफली का पौधा जमीन के पास काला पड़ जाता है और पौधे को पानी पहुंचना बंद होने पर वह सूख जाता है। अधिकारियों ने इस बीमारी से फसल को बचाने के लिए बुवाई के पूर्व मित्र फफुंद ट्राईकोडर्मा विरिडी 10 ग्राम प्रति किग्रा 20 की दर से बीजोपचार करने व 2.5 किग्रा प्रति हैक्टेयर के हिसाब से भूमि में मिलाने को कहा।
यह बताए बचाव के उपाय
मानसून या इससे पूर्व की वर्षा के दौरान कुछ क्षेत्र के खेतों में पानी लगने पर जमीन से सफेद लट के भृंगों का निकलना शुरू हो जाता है। भृंग रात के समय जमीन से निकलकर परपोषी वृक्षों पर बैठते हैं। ऐसे में अधिकारियों ने इन परपोषी वृक्षों जैसे नीम, बेर, खेजड़ी व गुलर आदि की छंटाई करने की सलाह दी। परपोषी पेड़ों पर प्रथम मानसूनी वर्षा होने पर मिथोक्सीबैन्जीन फेरोमोन स्पंज में डालकर टांग दें तथा क्यूनॉलफास 25 ईसी 36 मिली लीटर प्रति 15 लीटर पानी में घोलकर इन वृक्षों पर छिड़काव करें। खड़ी फसल में सफेद लट के नियंत्रण के लिए 4 लीटर क्लोरोपायरीफॉस 20 ईसी प्रति हैक्टेयर की दर से सिंचाई के पानी के साथ देना चाहिये। यह उपचार मानसून की वर्षा के 21 दिन के आस-पास खड़ी फसल में करना चाहिए।

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