नाबालिग के परिवाद के मामले में पुलिस पर ढिलाई बरतने का आरोप

सांचौर थाना क्षेत्र का मामला, न्यायालय की शरण में पहुंचने के बाद दर्ज हुआ प्रकरण

By: khushal bhati

Updated: 03 Dec 2019, 10:40 AM IST

सांचौर. सांचौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत महिला उत्पीडऩ के मामले में पुलिस द्वारा लीपापोती करने का आरोप लगाते हुए पीडि़त पक्ष ने न्यायिक शरण ली है। मामले में पीडि़त पक्ष ने थाना प्रभारी और एएसआई पर आरोपी पक्ष के बचाव का आरोप लगाया है। मामले में 23 नवंबर को नाबालिग बालिका के साथ छेड़छाड़, अपहरण व पिस्तौल की नोंक पर उठा ले जाने की फोन पर धमकी देने के मामले में पुलिस द्वारा ढिलाई बरतने का आरोप है। आरोप है कि मामला जब पुलिस के पास गया तो सांचौर थानाधिकारी ने मामला दर्ज करने से ही मना कर दिया, तब पीडि़त पक्ष जालोर पुलिस अधीक्षक के समक्ष पेश हुए तो एसपी ने सांचौर थानाधिकारी को मामला दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद थाना प्रभारी ने मामला तो दर्ज कर लिया किन्तु नाबालिग के परिजनों द्वारा पेश रिपोर्ट से भिन्न घटना को लेकर पोस्को एक्ट बगैर प्रकरण दर्ज औपचारिता पूरी कर वहां से लौटा दिया गया। आरोप है कि इसके बाद परिजनों के साथ पहुंच नाबालिग ने सुरक्षा की मांग को लेकर थाने गई तो थानाधिकारी ने पीडि़ता की एक नहीं सुनी। घटना को लेकर निराश पीडि़ता के परिजन न्याय के लिए दुबारा एसपी के समक्ष पेश हुए इस दौरान भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो आखिर पीडि़त पक्ष ने स्थानीय न्यायालय में सांचौर थानाधिकारी व सांचौर थाने में कार्यरत उपनिरीक्षक के खिलाफ परिवाद पेश करते हुए प्रकरण में धाराओं में उपबंधित प्रावधानों के तहत अपराध कारित करने का लेकर परिवाद पेश किया।

khushal bhati Reporting
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