रणजी के गवाह रहे भीनमाल के इस स्टेडियम की ऐसी हो गई हालत

शहर के शिवराज स्टेडियम में एक समय खेलने के लिए आतुर रहते थे खिलाड़ी, अब बदहाली का मंजर, भामाशाह की ओर से बनाए गए स्टेडियम की अब कोई सुध लेने वाला नहीं

By: Dharmendra Kumar Ramawat

Published: 14 Jan 2021, 10:00 AM IST

भीनमाल. एक समय शहर के शिवराज स्टेडियम में खेलने के लिए खिलाडिय़ों का दिल धडक़ता था, मगर अब यहां का यह स्टेडियम अब बदहाली का मंजर झेल रहा है। वर्ष 1984 में एक बार क्रिकेट के रणजी मुकाबले का साक्षी रहा इस स्टेडियम का क्रिकेट मैदान तो पूरी तरह उजड़ गया है। सालों पूर्व यह क्रिकेट मैदान आस्ट्रेलियन घास से आच्छादित रहता था, लेकिन अब घास पूरी तरह से लुप्त हो गई है। इसके अलावा क्रिकेट पिच भी टूट गई है। मैदान से हर समय धूल उड़ती रहती है। यह स्टेडियम अब अपनी स्वर्णिम आभा खो रहा है। ऐसे में यहां पर खेल प्रतिभाएं अभ्यास नहीं कर पाती हैं। युवाओं को मैदान में नेट बचाकर खेल का अभ्यास करना पड़ रहा है। भामाशाह शिवललाल परिवार ने 198 3 में यहां पर स्टेडियम बनाकर खेल प्रतिभाओं के लिए समर्पित किया, लेकिन अब स्टेडियम उजड़ा हुआ है। यहां पर 1984 में राजस्थान व मध्यप्रदेश के बीच में एक बार रणजी का मुकाबला हुआ। इसके अलावा कॉल्विन व डूंगरपुर शील्ड के कई बार मुकाबले हुए। इसके अलावा अण्डर-19 व अण्डर-21 क्रिकेट के राज्य स्तरीय प्रतियोगिता भी हुई हैं। सालों पुराना स्टेडियम अब बदहाल हो रहा है। युवा बताते हैं कि यहां क्रिकेट मैदान की सपाट पिच थी, वह टूट चुकी है। यहां पर बास्केट बॉल ग्राउण्ड, बेटमिन्टन के लिए इनटोर स्टेडियम भी बने हुए हैं। खेल प्रेमियों ने कई बार भामाशाह परिवार, मुख्यमंत्री, खेल मंत्री अशोक चांदणा, जिला कलक्टर, उपखण्ड अधिकारी व पालिका प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंपे, लेकिन स्डेडियन की दशा नहीं सुधरी।
स्कोरबोर्ड भी टूटा
स्टेडियम के खेल मैदान में क्रिकेट मुकाबले के लिए स्कोर बोर्ड भी था, लेकिन अब स्कोर बोर्ड बिखर गया है। स्कोरबोर्ड की पट्टियां टूट चुकी है। इसके अलावा कई गायब हो गई है। सालों से स्टेडियम में मरम्मत के नाम पर एक रुपए भी खर्च नहीं हो पाया है। यहां पर छोटी प्रतियोगिता के दौरान स्कोर बोर्ड की युवा अपने स्तर पर ही व्यवस्था करते है। यहां पर सपाट बीच भी टूट गई है। सपाट बीच पर युवाओं को अभ्यास करने में सुविधा होती है।
पैवेलियन का शैड़ टूटा, नया नहीं लगा
यहां का पैवेलियन का टीनशेड भी टूट गया है। सालभर पूर्व पैवेलियन का शेड टूट रहा था, तो प्रशासन ने हादसे की आशंका के चलते शेड को खुलवा दिया। इसके बाद यहां पर नया शेड नहीं लग पाया है। ऐसे में यहां अभ्यास करने वाले युवाओं को कुछ समय आराम करने के लिए भी जगह नहीं मिलती है। इसके अलावा यहां पर कई समारोह व स्वतंत्रतादिवस व गणतंत्रदिवस पर मु?य समारोह भी होते हैं।
उजड़ी घास, उड़ रही धूल
स्टेडियम अब बदहाल हो चुका है। क्रिकेट के मैदान से घास उजड़ी हुई है। स्कोर बोर्ड भी टूटा हुआ है। सुबह-शाम यहां व्यायाम करने पहुंचने वाले शहरवासियों को भी समस्या होती है। घास उजडऩे से दिन में भी धूल उड़ती रहती है।
- अशोक परिहार, युवा
विकास करवाएंगे
स्टेडियम में 1984 में रणजी का मुकाबला भी खेला गया था। कई प्रतियोगिताएं हुई है। यह स्टेडियम भामाशाह की ओर से बनाया गया था। अब नगरपालिका में लेने के प्रयास चल रहे हैं। पालिका के अधीन आने पर स्टेडियम का विकास करवाएंगे।
- प्रेमराज बोहरा, कार्यकारी पालिकाध्यक्ष-भीनमाल

Dharmendra Kumar Ramawat Reporting
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