दसवीं में आधे से भी ज्यादा हुए फेल तो कुछ ऐसा बोले यहां के संस्थाप्रधान

दसवीं में आधे से भी ज्यादा हुए फेल तो कुछ ऐसा बोले यहां के संस्थाप्रधान
दसवीं में आधे से भी ज्यादा हुए फेल तो कुछ ऐसा बोले यहां के संस्थाप्रधान

Dharmendra Ramawat | Updated: 06 Jun 2019, 12:01:48 PM (IST) Jalore, Jalore, Rajasthan, India

www.patrika.com/rajasthan-news

सियाणा. कस्बे के सरकारी स्कूल में इस बार दसवीं का रिजल्ट आने के बाद ग्रामीणों में विद्यालय प्रशासन के प्रति काफी आक्रोश है। कहने को यहां आदर्श राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जरूर है, लेकिन दसवीं कक्षा में पढऩे वाले 106 छात्रों में से महज 39 छात्र ही उत्र्तीण हो पाए हैं। ऐसे में निराशाजनक परिणाम से जहां अभिभावकों में आक्रोश है। वहीं सोशल मीडिया पर भी विद्यालय स्टाफ को बदलने व शिक्षा के ढांचे को सुधारने के लिए मैसेज वायरल हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि राज्य सरकार सरकारी विद्यालयों में लगे शिक्षकों को भरपूर वेतन दे रही है। इसके बावजूद इन स्कूलों में लगे शिक्षक बच्चों के भविष्य के प्रति बिल्कुल भी चिंतित नहीं हैं। निजी विद्यालयों का परिणाम बेहतर आने से अभिभावकों का सरकारी स्कूल से मोहभंग होता जा रहा है। ऐसे में मजबूरन बच्चों के भविष्य को सुधारने की आस में अभिभावक भारी भरकम फीस भरकर बच्चों का निजी विद्यालयों में दाखिला करवा रहे हैं।
पास होने तक का ज्ञान भी अधूरा
सियाणा के इस आदर्श राउमावि में लगे कई शिक्षकों के बच्चे भी अच्छी शिक्षा के लिए निजी विद्यालयों में अध्ययन कर रहे हैं। ग्रामीण प्रदीप भट्ट ने बताया कि आजकल कई छात्र पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी करते हैं, लेकिन यहां तो पास होने तक का ज्ञान भी अधूरा है। ऐसे में फेल होने वाले छात्र मजबूरन पढ़ाई छोड़ देंगे।
संस्थाप्रधान का यह जवाब...
इधर, संस्थाप्रधान ताराचंद रेगर भी सबकुछ जानते हुए अनजान बनते नजर आ रहे हैं। उनसे जब दसवीं के रिजल्ट के बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि वे तो छुट्टी पर हैं और उन्हें रिजल्ट की जानकारी नहीं है। विद्यालय में नियुक्त व्याख्यता कालूराम से जानकारी ले लीजिए। जबकि इसी विद्यालय से राज्य मेरीट में भी छात्र ने जगह बनाई हुई है।
विद्यालय प्रशासन की लापरवाही
कस्बे के मुख्य बस स्टैंड पर स्थित आदर्श राउमावि में इस बार १०वीं का रिजल्ट काफी निराशजनक रहा है। वहीं विद्यालय प्रशासन भी व्यवस्थाओं को लेकर लापरवाही बरत रहा है। स्थिति यह है कि विद्यालय में लंच के बाद कई छात्र वापस आते ही नहीं। विद्यालय स्टाफ ने इस बात को स्वीकारते हुए व्यवस्था में सुधार लाने की पूरी कोशिश करने की बात कही।
यहां खराब रिजल्ट पर ग्रामीणों का आक्रोश, शिक्षकों के तबादले की मांग
- कोटड़ा के रामावि का मामला, शिक्षकों का तबादला करने की मांग को लेकर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
कोटड़ा (आहोर). कोटड़ा के रामावि में इस वर्ष दसवीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम खराब रहने पर ग्रामीण भड़क गए। इसको लेकर बुधवार को ग्रामीणों ने विद्यालय के सामने धरना प्रदर्शन कर आक्रोश जताया। साथ ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों का अन्यत्र तबादला करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि इस वर्ष विद्यालय में कुल 33 छात्र-छात्राओं ने दसवीं बोर्ड की परीक्षा दी थी। जिनमें से 17 परीक्षार्थियों के पूरक, 2 अनुत्तीर्ण और 8 बाई ग्रेस उत्तीर्ण हुए हैं। वहीं शेष 4 विद्यार्थी भी मुश्किल से उत्तीर्ण हो पाए हैं। ऐसे में ग्रामीणों ने विद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों का अन्यत्र तबादला करने की मांग की।

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