scriptBecause of the sudden decrease in the availability of 10 lakh liters o | जालोर में अचानक से इसलिए घट गई 10 लाख लीटर पानी की उपलब्धता और गहराया जल संकट | Patrika News

जालोर में अचानक से इसलिए घट गई 10 लाख लीटर पानी की उपलब्धता और गहराया जल संकट

प्रदेश व्यापी बिजली संकट का असर जलदाय विभाग के पंपिंग स्टेशन पर भी पड़ रहा, जिसके कारण जलापूर्ति भी हो रही प्रभावित

जालोर

Updated: March 29, 2022 09:18:17 pm


फैक्ट फाइल
- 85 लाख लीटर तक जालोर को मिल रहा था पानी
- 75 लाख लीटर तक अभी पानी मिल रहा रोजाना
- 48 घंटे के अंतराल से सप्लाई का शैड्यूल
- 72 घंटे के अंतराल में अब हो रही सप्लाई
- 24 घंटे फीडर से आपूर्ति अनिवार्य
- 20 घंटे से भी कम हो पा रही अभी आपूर्ति
प्रदेश व्यापी बिजली संकट का असर जलदाय विभाग के पंपिंग स्टेशन पर भी पड़ रहा, जिसके कारण जलापूर्ति भी हो रही प्रभावित
प्रदेश व्यापी बिजली संकट का असर जलदाय विभाग के पंपिंग स्टेशन पर भी पड़ रहा, जिसके कारण जलापूर्ति भी हो रही प्रभावित

जालोर. अक्सर अपे्रल माह में गर्मी का असर बढऩे के साथ ही पेयजल की डिमांड में इजाफा होता है और इस दौरान ही पेयजल संकट की स्थिति भी बनती है। लेकिन इस बार इन हालातों के विपरीत मार्च में ही शहर में पेयजल संकट गहराने लगा है। इस बार इस स्थिति के लिए प्रदेश व्यापी बिजली संकट जिम्मेदार है। जानकारी के अनुसार पिछले चार से पांच दिन से शहर का आपूर्ति के प्रमुख जलस्रोत तैतरोल एफआर प्लांट, बागोड़ा, उम्मेदाबाद में बिजली कटौती का दौर जारी है। इस स्थिति में प्रतिदिन 3 से चार घंटे तक पानी की पंपिंग कम हो पा रही है। जिसका नतीजा यह हो रहा है कि पानी कम मात्रा में जालोर तक पहुंच पा रहा है। जिससे आपूर्ति का शैड्यूल प्रभावित हो रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार वर्तमान में जिला मुख्यालय पर पेयजल आपूर्ति का शैड्यूल 48 घंटे का है, लेकिन बिजली कटौती के चलते कुछ क्षेत्रों में शैड्यूल 72 घंटे तक पहुंच चुका है। इसी तरह से कटौती का दौर जारी रहा तो शहर का शैड्यूल पूरी तरह स 72 घंटे पर निर्भर करेगा।
10 लाख लीटर तक कम मिल रहा पानी
पॉवर कट की समस्या से पहले तक 85 लाख लीटर प्रतिदिन जालोर शहर को पानी मुहैया हो रहा था, जिसमें करीब 50 लाख लीटर पानी नर्मदा परियोजना से तो 30 से 35 लाख लीटर कुआबेर समेत 33 ट्यूबवैल से मिल रहा था। लेकिन अभी बिजली कटौती से पानी का प्रोडक्शन 10 लाख लीटर तक कम हो चुका है।
तो 72 घंटे में ही हो पाएगी आपूर्ति
शहरी पेयजल आपूर्ति नर्मदा परियोजना और ट्यूबवैल पर निर्भर करती है। बेहतर स्थिति में आपूर्ति 24 घंट फीडर से बिजली आपूर्ति पर निर्भर करती है। लेकिन अभी बिजली कटौती का सिलसिला जारी है। जिससे पेयजल सोर्स भी अछूते नहीं है। शहर में आपूर्ति का शैड्यूल बिगड़ रहा है और कटौती का सिलसिला इसी तरह से जारी रहा तो 72 घंटे में ही एक बार आपूर्ति बुश्किल हो पाएगी। विभाग अभी दुआ कर रहा है कि जल्द से जल्द पर्याप्त बिजली आपूर्ति मुहैया होनी शुरु हो जाए, ताकि आपूर्ति फिर से बहाल हो सके।
हम देख चुके विकट हालात
गर्मी के मौसम में शहरवासी भयंकर पेयजल संकट की स्थिति का सामना कर चुके हैं, लेकिन अक्सर ये हालात अप्रेल, मई या जून में देखने को मिलते हैं। लेकिन मार्च में इस तरह के हालात संभवत: पहली बार बन रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले साल ही शहरवासियों को नर्मदा परियोजना के क्लोजर के लिए पानी के लिए 5 से 7 दिन तक का इंतजार करना पड़ा था।
फिर निर्भरता टैंकरों पर
जब कभी शहर में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होती है तो शहर में पेयजल आपूर्ति टैंकरों की आपूर्ति पर निर्भर करता है। हालांकि विभागीय स्तर पर शैड्यूल बरकरार रखने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अब बेहतर स्थिति बिजली आपूर्ति पर्याप्त मिलने पर हो पाएगी।
लीकेज और लापरवाही भी परेशानी का कारण
हालांकि अभी पेयजल आपूर्ति लडखड़़ाने का कारण बिजली कटौती को माना जा रहा है, लेकिन इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि गर्मी के मौसम में पानी की डिमांड बढऩे के साथ पाइप लाइन लीकेज, मरम्मत कार्य के चलते भी आपूर्ति प्रभावित होती है। पिछले तीन दिन से शिवाजी नगर में एलआईसी कार्यालय के सामने वाली गली में मकान निर्माण कार्य के दौरान ईंटों से भरे ट्रेलर के पाइप लाइन पॉर्शन के ऊपर से गुजरने से सप्लाई पूरी तरह से प्रभावित हुई है। इसी तरह से स्टेडियम के पास भी पिछले माह नगरपरिषद टीम द्वारा नाले की सफाई कार्य के दौरान 10 इंच की मुख्य पाइप लाइन को तोड़ दिया गया था।
लापरवाही पर हो कार्रवाई
सडक़ खुदाई समेत अन्य कार्यों के दौरान अक्सर जलदाय विभाग की मुख्य पाइप लाइन को नुकसान पहुंचता है और उससे शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो जाती है। शहर के शिवाजी नगर, पोलजी नगर, भीनमाल रोड, शहर के भीतरी भागों समेत अन्य क्षेत्रों में हो चुका है। गर्मी के मौसम में तो ऐसे फॉल्ट बड़ा सिरदर्द साबित होता है। सीधे तौर पर इस तरह की बड़ी लापरवाही संबंधित लापरवाह व्यक्ति या विभाग पर कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाना चाहिए, ताकि कार्य में गंभीरता आ सके।
इनका कहना
बिजली कटौती से कुछ हद तक आपूर्ति पर असर पड़ा है। जल्द से जल्द आपूर्ति को व्यवस्थित किया जाएगा। वहीं शिवाजी नगर क्षेत्र में निर्माण कार्य के दौरान पाइप लाइन तोड़ी गई थी, जिसे ठीक कर आपूर्ति की जा रही है।
- श्याम बिहारी बैरवा, एक्सईएन, जलदाय विभाग

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

17 जनवरी 2023 तक 4 राशियों पर रहेगी 'शनि' की कृपा दृष्टि, जानें क्या मिलेगा लाभज्योतिष अनुसार घर में इस यंत्र को लगाने से व्यापार-नौकरी में जबरदस्त तरक्की मिलने की है मान्यतासूर्य-मंगल बैक-टू-बैक बदलेंगे राशि, जानें किन राशि वालों की होगी चांदी ही चांदीससुराल को स्वर्ग बनाकर रखती हैं इन 3 नाम वाली लड़कियां, मां लक्ष्मी का मानी जाती हैं रूपबंद हो गए 1, 2, 5 और 10 रुपए के सिक्के, लोग परेशान, अब क्या करें'दिलजले' के लिए अजय देवगन नहीं ये थे पहली पसंद, एक्टर ने दाढ़ी कटवाने की शर्त पर छोड़ी थी फिल्ममेष से मीन तक ये 4 राशियां होती हैं सबसे भाग्यशाली, जानें इनके बारे में खास बातेंरत्न ज्योतिष: इस लग्न या राशि के लोगों के लिए वरदान साबित होता है मोती रत्न, चमक उठती है किस्मत
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.