ये है...भगवान की प्राप्ति का मार्ग

Dharmendra Ramawat

Publish: Feb, 28 2019 08:57:55 PM (IST)

Jalore, Jalore, Rajasthan, India

भीनमाल. दासपां गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान गंगा सत्संग के तहत बुधवार को कथावाचक वेदान्ताचार्य डॉ ध्यानाराम महाराज ने श्रीमद भागवत का महात्मय बताते हुए कहा कि इसके श्रवण मात्र से ही व्यक्ति का कल्याण हो जाता हैं। भगवतप्राप्ति का माध्यम भागवत हैं। भगवान के स्मरण से ही सिद्धि प्राप्त होती है। भगवान के भक्तों का संग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान से मांगना है तो कभी न मिटने वाला प्रेम मांगना चाहिए। हमें राग, द्वेष व मतभेद भुलाकर आपस में प्रेमभाव से रहना चाहिए। एक ही माता-पिता की संतानों में भी कर्मों के आधार पर भिन्नता आ जाती हैं। अत: हमें सत्कर्मकी होने पर ध्यान देना चाहिए। महाराज ने कहा कि तीर्थ यात्रा का भारतीय संस्कृति में बड़ा महत्व है। जो माता-पिता को तीर्थ यात्रा करवाता है, उसे कई गुणा धर्म प्राप्ती होती है। उन्होने कहा कि मनुष्य को अपने सभी अंगों को भगवान की सेवा में लगाना चाहिए। महाराज ने कहा कि श्रद्धाभाव से भगवान का सत्संग करने से मन को शांति मिलती है। वेदान्ताचार्य ने भगवान कृष्ण व उनके मामा कंश की कथा का मार्मिक वर्णन किया। इस मौके वजाराम, जोईताराम, लच्छाराम, पीराराम, रामाराम, चुन्नीलाल, गोविंद, मनोज भाई, ब्रजेश भाई, हेमराज, खिमराज, प्रहलाद, रूपाराम व वचनाराम सहित कई लोग मौजूद थे।
आसोतरा महंत का लिया आशीर्वाद
भागवत कथा के दौरान आसोतरा मंहत तुलसाराम महाराज भी दासपां पहुंचे। भागवत कथा में मौजूद लोगों मंहत का स्वागत किया। इसके बाद महंत ने लोगों को प्रवचन दिए। लोगों ने मंहत के दर्शन आशीर्वाद लिया।

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