भीनमाल: देखिए यहां निजी वाहन से कॉमर्शियल खेल

Tulsaram singh Mali

Publish: Mar, 14 2018 10:16:30 AM (IST)

Jalore, Rajasthan, India
भीनमाल: देखिए यहां निजी वाहन से कॉमर्शियल खेल


प्राइवेट नंबर लेकर निजी कारों का कर है टैक्सी में उपयोग

भीनमाल. शहर में बिना टैक्सी परमिट के निजी कारें टैक्सियों के रूप में धड़ल्ले से सडक़ों पर सरपट दौड़ रही है। इन कार चालकों के पास किसी भी प्रकार की कोई अनुमति नहीं हैै। शहर में बड़ी संख्या में निजी कारें टैैक्सी के रूप में संचालित हो रही हंै। लेकिन परिवहन विभाग के अधिकारी इस खेल को आंखें मूंद कर देख रहे हैं। परिवहन विभाग व प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर निजी कार मालिक चांदी कूट रहे हैं। शहर में सौ से अधिक ऐसी टैक्सियां संचालित हो रही है जिनके पास टैक्सी संचालन का परमिट नहीं है। ये कार मालिक लोगों से मनमर्जी का किराया भी वसूल रहे है। लेकिन इनको रोकने-टोकने वाला कोई नहीं है। वहीं टैक्स जमा नहीं करवाकर परिवहन विभाग को भी लाखों रूपए का चूना लगा रहे है।
स्टैण्डों पर अधिकांश प्राइवेट नंबर
शहर में बने निजी टैक्सी स्टैंड पर खड़ी अधिकांश कारों की नंबर प्लेट पर प्राइवेट नंबर लिखे हुए नजर आते है। जबकि स्टैण्ड पर टैक्सी परमीट की कारें नाममात्र की दिखाई देती है। ये प्राइवेट टैक्सी चालक अपनी मनमर्जी से लोगों से किराया वसूलते है। चालक लोगों से प्रति किलोमीटर 10 से 12 रुपए वसूलते है। वहीं किसी को नजदीक में 30 से 40 किलोमीटर जाना है, तो उससे 1000-1200 से कम नहीं लेते है। ऐसे में लोगों को छोटे सफर के लिए भी इन चालकों को बड़ी रकम देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
दुर्घटना में नहीं मिल पाता है क्लेम
विभाग के नियमानुसार जो अगर किसी निजी नंबर की कार बिन टैक्सी परमिट के चल रही कार दुर्घाटनाग्रस्त हो जाती है। तो उसमें बैठे किसी भी यात्री को दुर्घटना बीमा नहीं मिलेगा। दुर्घटना बीमा क्लेम के लिए कार का टैक्सी परमिट की होना अनिवार्य है। ऐसे में कई घटनाओं में दुर्घटना के शिकार हुए लोगों को क्लेम नहीं मिल पाता है।
बिना रोके दूसरे राज्यों में हो जाता है प्रवेश
निजी कार को दूसरे राज्यों में बिना रोक-टोक के प्रवेश मिल जाता है। वहीं अन्य राज्यों के टैक्स की भी बचत हो जाती है। ऐसे निजी नंबर वाले टैक्सी चालक आसानी से कार अन्य राज्य में ले जाने के लिए भी तैयार रहते हैं। अन्य राज्य में पकड़े जाने पर कार चालक उपभोक्ता को वाहन का मालिक बता देते है। जिससे कार्यवाही नहीं होती है।
विभाग को लगा रहे चूना
शहर सहित क्षेत्र में कई कारें बिना टैक्सी नंबर के दौडऩे से परिवहन विभाग को लाखों का चूना लग रहा है। परिवहन विभाग के अनुसार पांच सीट वाले वाहनों से करीब 15 हजार व सात सीट वाले वाहन से 25 हजार रुपए सालाना टैक्स प्राप्त होता है। लेकिन बिना परमिट व अनुमति के कारें विभाग को लाखों का चूना लगा रहे है।
कार्यवाही करेंगे
बिना परमीट के निजी कारें टैक्सी के रूप में चल रही है, तो गलत है। ऐसी कार मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
नानजीराम गुलसर, जिला परिवहन अधिकारी, भीनमाल

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