हादसे में पैर गंवाया, अब खाट पर पड़े जी रहा चारणीम का ये व्यक्ति...

Dharmendra Ramawat

Updated: 29 Mar 2019, 05:25:47 PM (IST)

Jalore, Jalore, Rajasthan, India

चितलवाना. कहते हैं मुसीबत आती है तो एक नहीं, बल्कि चारों ओर से उसे घेर लेती है। कुछ ऐसा ही मामला है चारणीम गांव के तमासी खां का। चार साल पहले हादसे में पैर गंवाने के बाद उसकी जिंदगी नरक सी बन चुकी है। जानकारी के अनुसार चारणीम निवासी तमासीखां पुत्र आचरखां का पैर चार साल पहले एक सड़क हादसे में टूट गया था। थोड़ा-बहुत इलाज करवाया, लेकिन रुपए खत्म होने के बाद से वह उच्च इलाज नहीं करवा पाया। कुछ समय बाद उसे मजबूरन घर पर खाट पर पड़े रहना पड़ा। जिससे उसका पैर सडऩे लगा है। पीडि़त तमासीखां ने बताया कि परिवार के गुजारे के लिए वह सांचौर में राशन का सामान लाने के लिए गया था। इस दौरान गांधव के पास सड़क हादसे में उसका पैर टूट गया। कई दिन तक तक सांचौर के अस्पताल में भर्ती रहने के बाद पैसों की तंगाई के चलते वह पूरा इलाज नहीं करवाया। जिसके कारण अब उसका पैर ही नहीं, बल्कि इससे जुड़ा शरीर का अन्य हिस्सा भी धीरे-धीरे सडऩे लगा है।
इलाज के लिए बेच दिए पत्नी के जेवर
पीडि़त ने बताया कि हादसे के बाद सांचौर के अस्पताल में इलाज करवाने के लिए उसे मजबूरन पत्नी के गहने भी बेचने पड़े, लेकिन इन रुपयों से भी वह पूरा इलाज नहीं करवा पाया। इसके बाद से वह छपरे से बने उसके घर में जीवन गुजार रहा है।
इनका कहना...
परिवार के लिए राशन का सामान लाने चार साल पहले सांचौर गया था। गांधव के पास सड़क हादसे में पैर बुरी तरह से जख्मी हो गया था। इलाज के लिए जमा पूंजी व पत्नी के गहने तक बेच दिए, लेकिन रुपयों की तंगी के कारण पूरा इलाज नहीं हो पाया। अब पैसे नहीं होने से खाट पर जिंदगी काटने को मजबूर हूं। उम्मीद है कोई ना कोई सहायता करेगा।
- तमासीखां, पीडि़त, चारणीम

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