इनके लिए कोई वख्त नहीं रखती चेतावनी, कहीं इस बार भी फेल ना हो जाए अभियान

Dharmendra Ramawat

Updated: 20 Jan 2019, 11:11:04 AM (IST)

Jalore, Jalore, Rajasthan, India

जालोर. शहर में लम्बे समय से सड़कों पर घूमते बेसहारा पशुओं को लेकर कलक्टर के निर्देशों के बाद नगरपरिषद प्रशासन की ओर से पिछले कुछ दिन से लाउडस्पीकर के जरिए पशुपालकों को चेतावनी जरूर दी जा रही है, लेकिन इस चेतावनी का भी उन पर किसी तरह का असर पड़ता नजर नहीं आ रहा है। शनिवार सुबह से लेकर देर रात तक भी शहर के विभिन्न सड़क मार्गों की स्थिति कुछ ऐसी ही नजर आई। जगह-जगह चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर गोवंश और सांड़ झुंड में विचरण करते नजर आए। वहीं मुख्य सड़कों पर भी पशुओं का जमावड़ा लगा रहा है। परिषद अधिकारियों का कहना है कि अगर चेतावनी के बाद भी पशुपालकों की ओर से पशुओं को घर पर नहीं बांधा गया तो वे उन्हें कांजी हाऊस में ले जाएंगे। साथ ही इसके लिए पशुपालकों से 2 हजार रुपए की पैनल्टी भी वसूल की जाएगी। हालांकि नगरपरिषद की चेतावनी के बाद कुछेक पशुपालक दुधारू पशुओं को घर जरूर ले गए हैं, लेकिन अभी भी शहर की मुख्य सड़कों पर पशुओं का जमावड़ा नजर आ रहा है।
हर बार की तरह फेल ना हो जाए...
गौरतलब है कि नगरपरिषद की ओर से समय समय पर शहर की सड़कों पर विचरण करने वाले बेसहारा पशुओं की धरपकड़ का अभियान चलाया जाता है, लेकिन परिषद के पास इन पशुओं की सार संभाल के लिए कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण कुछ दिन बाद ही इन पशुओं को फिर से खुले में छोड़ दिया जाता है। ऐसे में इस बार भी नगरपरिषद का यह अभियान हर बार की तरह फुस्स हो जाता है तो शहरवासियों को इसका कोई फायदा नहीं मिलेगा।
महिला को किया था घायल
गत 28 दिसम्बर को शहर के घांचियों की पिलानी स्थित एक कपड़े के शोरूम पर खरीदारी के लिए एक महिला को भी सांड ने सींगों से हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया था। जिससे वह गम्भीर रूप से घायल हो गई। बाद में परिजन उसे घायलावस्था में शहर के भीनमाल रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। जहां महिला का पैर पूरी तरह से फट जाने के कारण 28 से 30 टांके लगाने पड़े।
हादसों पर लगेगा अंकुश
देखा जाए तो पिछले एक साल में सड़कों पर विचरण करने वाले बेसहारा पशुओं की चपेट में आने से दो जनों की जान जा चुकी हैं और इनमें से एक मासूम भी शामिल है। जिसने रेलवे क्रॉसिंग के निकट लेटा रोड पर सड़क हादसे में जान गंवा दी थी। जबकि बीते साल एक वृद्धा सड़क पर लड़ रहे बेसहारा पशुओं की चपेट में आने से जान खो चुकी थी। इसके अलावा कई बार पशुओं के सड़कों पर झुंड में घूमने और आपस में लडऩे की वजह से छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं भी हो रखी हैं। जिनसे राहगीरों और वाहनचालकों को चोटिल होना पड़ा है। अगर यह अभियान कारगर साबित होता है तो इससे हादसों पर अंकुश लगेगा।
इस बार नहीं देंगे मामूली हिदायत
नगरपरिषद की ओर से शहर की सड़कों पर विचरण करने वाले बेसहारा पशुओं की धरपकड़ को लेकर इस बार शुरू किया गया अभियान असरकार साबित होगा। परिषद अधिकारियों का कहना है कि चेतावनी के बाद भी संबंधित पशु मालिक लापरवाही बरतेंगे तो उन्हें इस बार महज हिदायत नहीं, बल्कि उनके विरुद्ध ठोस कार्यवाही की जाएगी।
यहां अभी भी पशुओं का डेरा
शनिवार सुबह से लेकर देर शाम तक शहर के भक्त प्रहलाद चौक, भीनमाल रोड स्थित ट्रक यूनियन के पास, सायर पोल, सूरजपोल चौराहा, शांतिनगर, बागोड़ा रोड, नया बस स्टैंड, तिलक द्वार, सब्जी मंडी व औद्योगिक क्षेत्र द्वितीय चरण में मुख्य मार्ग पर पशु घूमते नजर आए।

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