बाड़मेर से होते हुए जालोर पहुंचेगा आज केंद्रीय भ्रमण दल

- बाड़मेर में प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद आज शाम को ही सांचौर पहुंच जाएगा यह दल, 54 हजार हैक्टेयर जिले में टिड्डी प्रभावित क्षेत्र, हालातों को जांचने के साथ साथ तैयार करेगा एक विस्तृत रिपोर्ट

By: khushal bhati

Published: 18 Feb 2020, 10:23 AM IST

जालोर. टिड्डी के हमले से जहां एक तरफ फसलों में भयंकर तबाही हुई। वहीं दूसरी तरफ इससे कई स्तर पर मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर भी प्रभाव पड़ा। इन सभी हालातों की विस्तृत समीक्षा के लिए केंद्रीय दल-2 जालोर और बाड़मेर जिले के प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करेगा। टिड्डी के प्रभावों को जांच के लिए राजस्थान में कुल 3 केंद्रीय दल पहुंच रहे हैं। दल नंबर-1 जोधपुर और जैसलमेर का, दल नंबर 2 जालोर, बाड़मेर और केंद्रीय भ्रमण् दल-3 बीकानेर, गंगानगर के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगा। जालोर जिले में यह भ्रमण टीम दल प्रभारी फरीदाबाद से संयुक्त निदेशक डॉ. जेपी सिंह के नेतृत्व में 18 फरवरी रात को दिनभर बाड़मेर जिले की विजिट के बाद शाम को सांचौर पहुंचेगा और उसके बाद 19 फरवरी बुधवार को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचेगा। विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में 54 हजार हैक्टेयर टिड्डी प्रभावित क्षेत्र रहा।
तैयार होगी विस्तृत रिपोर्ट
विभागीय जानकारी के अनुसार यह दल 19 फरवरी को सवेरे 9.30 बजे से 10 बजे तक बैठक का आयोजन होगा। जिसमें कलक्टर केंद्रीय दल की मौजूदगी में हालातों की जानकारी से अवगत करवाएंगे। इसके बाद केंद्रीय दल सवेरे 10 बजे से लेकर 1.30 बजे तक टिड्डी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगा। शाम 4.30 बजे तक प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के साथ यह दल जोधपुर के लिए रवाना हो जाएगा। राजस्थान में केंद्रीय दल कुल 4 दिन 17 से 20 दिन तक हालातों को जानेंगे। केंद्र के तीनों दल 19 फरवरी की रात को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद जोधपुर पहुंचेंगे। वहां सभी प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा करने के साथ एक रिपोर्ट तैयार करेंगे और अगले दिन 20 फरवरी दोपहर को दिल्ली के लिए सामूहिक रूप से रवाना होंगे।
पर्यावरण पर प्रभाव की समीक्षा
टिड्डियों के इस बार बड़े पैमानें पर विस्तृत क्षेत्र पर हमले के बाद इन्हें नष्ट करने के लिए जहां विभागीय स्तर पर मैलाथियॉन केमिकल का उपयोग किया गया। वहीं इसके अलावा किसानों ने भी अपने स्तर पर कीटनाशियों का उपयोग किया। टीम दौरे के दौरान कीटनाशियों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले प्र्रभावों या दुष्प्रभावों का आकलन करेगा। कीटनाशियों से जीव जंतुओं और प्रभावित क्षेत्र की जमीन में कीटनाशी के गिरने से होने वाले प्रभावों की रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी।
मानव जीवन पर प्रभावों की समीक्षा
टिड्डी के हमले के बाद विभागीय स्तर पर प्रयासों के साथ साथ कई किसान और आमजन भी कीटनाशियों के छिड़काव में जुटे थे। टीम यह भी जांच करेगी और तथ्य जुटाएगी कि कीटनाशियों के अत्यधिक प्रयोग से मानव जीवन पर किस हद तक प्रभाव पड़ा है।
भविष्य के लिए भी समीक्षा
टिड्डी ने बड़े क्षेत्र में खड़ी फसलों को चौपट किया। जालोर जिले में सांचौर के आस पास खेजडिय़ाली, सुराचंद, डूंगरी अन्य गांवों में टिड्डी पर बड़े स्तर पर प्रभाव पड़ा और फसलों में खासा नुकसान हुआ। टिड्डी नियंत्रण दल के संसाधन इस बार ऊंचाई वाले पेड़ों पर बैठे टिड्डी के समूहों को नष्ट करने में नाकाम रहे, क्योंकि संसाधन ुपुराने और वर्तमान हालातों के अनुसार अपडेट नहीं थे। टीम इस बार टिड्डी के हमले के बाद विभागीय टीम के समक्ष आई परेशानियों की भी समीक्षा कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
फिर खतरे के संकेत
लगातार टिड्डी के हमले के बाद फसलों में काफी खराबा हुआ। फिलहाल टिड्डी का प्रभाव कम हुआ है, लेकिन मई जून में इसके फिर से सक्रिय होने की संभावनाएं भी जताई जा रही है। इन लिहाज से केंद्रीय दल की यह विजिट काफी महत्वपूर्ण और उपयोगी मानी जा रही है।

khushal bhati Reporting
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