सैंट्रल जीएसटी टीम की जालोर में दूसरी कार्रवाई, दो ट्रेलर सीज, डेढ़ लाख टैक्स-पैनल्टी वसूली

Dharmendra Ramawat

Updated: 12 Jan 2019, 10:38:38 AM (IST)

Jalore, Jalore, Rajasthan, India

जालोर. शहर के शिवाजी नगर स्थित सैंट्रल जीएसटी अधीक्षक कार्यालय की टीम ने अधीक्षक के नेतृत्व में शुक्रवार को ग्रेनाइट स्लेब से भरे दो ट्रेलर सीज किए हैं। टीम के अधिकारियों का कहना है कि ग्रेनाइट स्लेब से भरे इन ट्रेलर की जांच में कई गड़बडिय़ां सामने आई। जिसके बाद दोनों ट्रेलर सीज किए गए। दरअसल, ग्रेनाइट स्लेब से भरा एक ट्रेलर जालोर से एक ही ई-वे बिल के जरिए दूसरी बार दिल्ली में माल की डिलीवरी देने के लिए रवाना हुआ था। सैंट्रल जीएसटी टीम को जब इसकी भनक लगी तो अधिकारियों ने सांकरणा टोल पर ट्रेलर को रुकवाया। साथ ही टोल पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चैक किए गए। फुटेज में यही टे्रलर दूसरी बार इस टोल से गुजरता पाया जाने पर टीम ने चालक से बिल व अन्य कागजात मांगे। इसके बाद जब बिल की जांच की गई तो पाया गया कि एक ही ई-वे बिल से यह माल दिल्ली के छतरपुर ले जाया जा रहा था। इसी तरह इस ट्रेलर के पीछे आ रहे एक दूसरे ट्रेलर को भी रुकवाकर टीम ने बिलों की जांच की। जिसमें बिल में बताए गए माल की क्वांटिटी के मुकाबले ट्रेलर में दोगुना माल पाया गया। यह माल जालोर से गुडग़ांव ले जाया जा रहा था। इस पर अधिकारियों ने वास्तविक स्टॉक की गणना कर दोनों ट्रेलर से करीब डेढ़ टैक्स और पैनल्टी वसूल की है।
शिकायत पर हुई कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार सैंट्रल जीएसटी टीम की ओर से यह कार्रवाई शिकायत के आधार पर की गई थी। उन्हें बार-बार माइनिंग और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की ओर से इस तरह बिल में फर्जीवाड़े को लेकर शिकायत मिल रही थी। जिसके आधार पर टीम ने यह कार्रवाई की।
पहला ट्रेलर जा रहा था दिल्ली
जीएसटी टीम की ओर से मिली जानकारी के अनुसार पहले ट्रेलर में कुल ३ लाख ९ हजार का माल (ग्रेनाइट स्लेब) था। फर्म के मालिक ने दिल्ली के छतरपुर डिलीवरी के लिए गत ४ जनवरी को ई-वे बिल बनाया था। इसके बाद पहली बार जालोर से 7 जनवरी को माल डिलीवर हो चुका था। वहीं 10 जनवरी को शाम पौने छह बजे यही ट्रेलर दोबारा डिलीवरी के लिए दिल्ली जा रहा था। इस दौरान शिकायत के आधार पर जीएसटी टीम पहले से ही सांकरणा टोल नाके पर मौजूद थी। जहां ट्रेलर को रुकवाकर सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए। जहां इसी टे्रलर की दो बार रीडिंग सामने आई। जिस पर टे्रलर जब्त कर 47 हजार 170 रुपए टैक्स और इतनी ही पैनल्टी यानी कुल ९४ हजार ३९८ रुपए का टैक्स व पैनल्टी वसूली गई।
दूसरे में बिल के मुकाबले दोगुना माल
सांकरणा टोल पर कार्रवाई के दौरान पहले ट्रेलर के पीछे आ रहे एक और ट्रेलर को भी टीम ने रुकवाकर तलाशी ली। चालक से मिले बिल के मुताबिक इसमें टैक्स सहित कुल 1 लाख 60 हजार का माल भरा होना बताया गया था और वजन 2885 टन था, जबकि ट्रेलर में भरे माल का नाप किया गया तो माल दोगुना निकला। इस पर टीम ने एक्सेस क्वांटिटी पर 24 हजार 400 रुपए टैक्स और इतनी ही पैनल्टी यानी कुल 48 हजार 800 रुपए टैक्स और पैनल्टी वसूल की।
पहले भी पकड़ा था 16.64 लाख का पानमसाला
गौरतलब है कि जिला मुख्यालय पर सैंट्रल जीएसटी विभाग की टीम ने गत 29 अगस्त को भी भागली टोल प्लाजा पर पान मसाले और तम्बाकू से भरा कंटेनर जब्त कर लाखों की पैनल्टी लगाई थी। चालक से दस्तावेज मांगने के बाद टीम ने छानबीन की तो पता चला कि एक ही ई-वे बिल के जरिए उतना ही माल सोनीपत से दूसरी बार रानीवाड़ा के लिए सप्लाई किया जा रहा था। अगर यह कंटेनर इस बार भी नहीं पकड़ा जाता तो इसी बिल के आधार पर तीसरी बार भी माल की डिलीवरी हो सकती थी। इस पर अधिकारियों ने कंटेनर को सीज कर 16 लाख का टैक्स और पैनल्टी वसूली थी। इस संबंध में पत्रिका ने गत 31 अगस्त को समाचार भी प्रकाशित किया था।
विभाग खुला तो सामने आ रहे मामले
जालोर जिले ही नहीं, बल्कि आस पास के कई जिलों में जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारी इस तरह से टैक्स की चोरी कर रहे हैं। जालोर में बीते साल अप्रैल माह में सैंट्रल जीएसटी का कार्यालय शुरू हुआ और इसके बाद में एक के बाद एक इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।
यह है ई-वे बिल
ई-वे बिल सिस्टम एक तरह का ऑनलाइन बिल सिस्टम है। इसमें ५० हजार से ज्यादा का माल चाहे वह उसी राज्य में या किसी दूसरे राज्य में भेजा जा रहा हो। इसके लिए ऑनलाइन बिल जनरेट किया जाता है। इसके बाद यह जीएसटी पोर्टल पर दर्ज होता है। इसमें माल से संबंधित पूरी डीटेल के अलावा सप्लायर, प्राप्तकर्ता, और ट्रांसपोर्टर की जानकारी दर्ज होती है।

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