सैंट्रल जीएसटी टीम ने फिर सीज किए ग्रेनाइट से भरे छह ट्रेलर, सवा तीन लाख टैक्स-पैनल्टी वसूल...देखें वीडियो

Dharmendra Ramawat

Updated: 09 Mar 2019, 10:43:44 AM (IST)

Jalore, Jalore, Rajasthan, India

जालोर. ग्रेनाइट सिटी के नाम से पहचान बना चुके जालोर शहर में एक के बाद एक ग्रेनाइट की टैक्स चोरी के मामले सामने आ रहे हैं। गुरुवार रात ऐसे ही चार मामले और सामने आए हैं। सांकरणा टोल पर जीएसटी टीम की ओर से की गई कार्रवाई के दौरान इन चारों ट्रेलर में ग्रेनाइट भरा हुआ मिला। इनमें से कोई एक ही ई-वे बिल से दूसरी बार माल ले जा रहा था तो कोई बिना ई-वे बिल के। ऐसे में टीम ने दस्तावेजों की जांच कर सभी टे्रलर सीज किए। साथ ही तीन टे्रलर से करीब 2 लाख 22 हजार रुपए का टैक्स और पैनल्टी वसूल की है। जबकि एक में कार्रवाई जारी है। इसके अलावा दस दिन पूर्व टीम ने ग्रेनाइट से भरे दो ट्रेलर भी सीज किए। जिनमें से एक जालोर से हरिणाया जाने वाले ट्रेलर में एक्सेस क्वांटिटी थी तो दूसरे में एक ही ई-वे बिल से दूसरी बार श्रीकांत मार्बल दिल्ली के लिए माल भेजा जा रहा था। इस पर टीम ने दोनों ट्रक सीज कर 1 लाख पांच हजार 500 रुपए की टैक्स-पैनल्टी वसूल की है। यानी बीते पंद्रह दिन में ग्रेनाइट में टैक्स चोरी के जालोर में 6 मामले सामने आ चुके हैं।
सामने आया चोरी का ये नया तरीका
सांकरणा टोल पर पकड़े गए चौथे ट्रेलर में चोरी का नया तरीका ही सामने आया है। इस ट्रेलर में भी ग्रेनाइट भरा था, लेकिन इसका ई-वे बिल गुरुवार रात करीब साढ़े आठ बजे उदयपुर स्थित गणपति मार्बल एंड ग्रेनाइट से जनरेट किया गया। जबकि टीम ने इस ट्रेलर को जालोर से ग्रेनाइट का माल ले जाते हुए 9 से 10.30 बजे के करीब सांकरणा टोल पर पकड़ा। ऐसे में टीम इस मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। साथ ही ट्रांसपोर्टर और फर्म मालिक को पेश होने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन अब तक इनमें से कोई भी माल छुड़वाने नहीं आया है। अधिकारियों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट या फर्म मालिक अगर इस माल को छुड़ाते हैं तो 18 प्रतिशत टैक्स और सौ प्रतिशत पैनल्टी वसूली जाएगी। वहीं अगर इनमें से कोई भी माल नहीं छुड़वाता है तो नीलामी के जरिए करीब ३ लाख रुपए का राजस्व मिलेगा।
पुराने बिल से दूसरी बार ले जा रहे थे माल
सैंट्रल जीएसटी टीम ने गुरुवार रात करीब 9 से 10.30 बजे के बीच सांकरणा टोल पर एक ट्रेलर को रुकवाया। छानबीन के बाद सामने आया कि इस ट्रेलर में जालोर से पुराने ई-वे बिल के जरिए ट्रांसपोर्टर की मिलीभगत से जिंदल मार्बल दिल्ली के लिए ग्रेनाइट ले जाया जा रहा था। ये बिल एक बार उपयोग में आ चुका था और इसी के जरिए दूसरी बार माल ले जाया जा रहा था। इस पर 48 हजार 600 टैक्स और इतनी ही पैनल्टी वसूली गई।
इसके साथ ई-वे बिल ही नहीं
सांकरणा टोल पर ही पकड़े गए ग्रेनाइट से भरे दो और ट्रेलर ऐसे थे। जिनमें माल का बिल तो था, लेकिन ई-वे बिल जनरेट ही किया हुआ नहीं था। इन दोनों ट्रेलर में शिव ट्रेडिंग कम्पनी का माल भरा हुआ था। इस पर टीम ने सवा लाख रुपए टैैक्स और पैनल्टी वसूल की।
अब तक इतने मामले पकड़े
बीते साल अप्रैल माह में जिला मुख्यालय पर सैंट्रल जीएसटी का कार्यालय खुलने के बाद से लेकर अब तक टीम ने कर चोरी का यह 14वां मामला पकड़ा है। इससे पहले विभाग ने गत 29 अगस्त को भागली टोल प्लाजा पर पान मसाले और तम्बाकू से भरा कंटेनर जब्त कर 16 लाख, गत 10 जनवरी को सांकरणा टोल पर दो ट्रेलर पकड़कर एक से 94 हजार 398 रुपए व दूसरे से 48 हजार 800 रुपए, गत 6 फरवरी को बिना बिल के पाली के लिए ग्रेनाइट स्लेब ले जा रहे मिनी ट्रक को सीज कर 28 हजार 800 टैक्स-पैनल्टी, 13 फरवरी को जालोर रेलवे क्रॉसिंग के निकट दो ट्रेलर सीज कर 1 लाख 3 हजार की टैक्स-पैनल्टी, 7 मार्च को सांकरणा टोल पर 4 टे्रलर व इससे दस दिन पहले 2 ट्रेलर समेत अब तक कुल 14 मामले पकड़े हैं।
14 में से 13 मामले ग्रेनाइट के!
गौरतलब है कि सैंट्रल जीएसटी टीम की ओर से बीते 11 महीने में कर चोरी के कुल 14 मामले पकड़े हैं, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि इन सभी 14 मामलों में से 13 मामले ग्रेनाइट इण्डस्ट्री के हैं। वहीं सिर्फ एक मामला पान मसाला और तम्बाकू से भरे ट्रेलर का सामने आया। इस तरह यह भी साफ है कि जालोर में सबसे ज्यादा कर चोरी ग्रेनाइट इण्डस्ट्री से ही हो रही है। इधर, एक के बाद एक कर चोरी के मामले पकड़े जाने के बाद ग्रेनाइट उद्यमियों में भी खलबली मची हुई है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी बिना बिल और एक ही ई-वे बिल पर माल डिलीवरी को लेकर कार्रवाई की जाती रहेगी।

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