कहीं जिदंगी की डोर नहीं काट दे चाइनीज मांझा

चाइनीज मांझा मनुष्य सहित मूक-पक्षियों के जीवन पर संकट खड़ा कर रहा है। चाइनीज मांझे से कई लोग घायल भी हो चुके हैं। हाईकोर्ट ने भी चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद बाजार में धड़ल्ले से चाइनीज मांझा बिक रहा है।

By: Dharmendra Kumar Ramawat

Published: 14 Jan 2021, 09:35 AM IST

भीनमाल. चाइनीज मांझा मनुष्य सहित मूक-पक्षियों के जीवन पर संकट खड़ा कर रहा है। चाइनीज मांझे से कई लोग घायल भी हो चुके हैं। हाईकोर्ट ने भी चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद बाजार में धड़ल्ले से चाइनीज मांझा बिक रहा है। हालांकि पालिका प्रशासन की ओर से शहर में चाइनीज मांझे के खिलाफ समय-समय पर कार्यवाही भी की जाती है, उसके बावजूदलोग अन्य प्रदेशों से चाइनीज मांझा मंगवाकर यहां लोगों के जीवन को खतरे में डाल रहे हैं। इस प्रतिबंधित मांझे से आए दिन हादसे होते हैं। खासकर पक्षियों के टकराने से उनके पंख व अंग कट जाते हंै। इतना कुछ होने के बावजूद प्रशासन चाइनीज मांझे की बिक्री को लेकर गंभीर नजर नहीं हा रहा है। शहर में 31 दिसंबर 2015 को एक अनाज व्यापारी भी इसकी चपेट में आ गया था। जिससे उसी आंख की पलक पर तीन टांके लगे थे।
खेल के साथ खतरा बढ़ गया
इन दिनों पतंग प्रेमी बच्चे व युवा पतंग, मांझा लेकर घर की छतों व मैदानों पर पतंगबाजी में जुटे हैं। इसमें एक-दूसरे की पतंग काटने व ज्यादा ऊंचाई तक पतंग उड़ाने का रोमांच तो है, लेकिन खतरा भी बढ़ गया है। सर्दी के मौसम में पतंगबाजी के कारण बच्चों, युवाओं और राहगीरों के साथ दुर्घटना के कई मामले सामने आते हैं। इनमें पतंगों के धागे के कारण लोगों के दुर्घटनाग्रस्त होने की कई घटनाएं होती हैं। वाहन चालकों के लिए तो यह और भी खतरनाक हो जाता है। आमतौर पर सडक़ों किनारे भी बच्चे व युवा पतंग उड़ाते हैं। इस वजह से कई बार सडक़ से गुजरने वाले वाहन चालक भी इन धागों में उलझ जाते हैं। पतंग के सामान्य धागे के मुकाबले चाइना का धागा तो अधिक खतरनाक होता है। अगर कोई बाइक चालक इसकी चपेट में आ जाए तो गर्दन में धागा उलझने से उसकी जान भी जा सकती है। पिछले कुछ वर्षों में इस तरह के कई हादसे सामने आ चुके हैं।
पक्षियों पर भी मंडरा रहा खतरा
चाइनीज धागे के कारण पक्षियों पर भी खतरा मंडरा रहा है। पतंगबाजी में इस धागे का इस्तेमाल होने के कारण कई बार पक्षियों के पंख कट जाते हैं, तो कई पक्षियों के पंजे धागे में अटक जाते हैं। इस कारण हर साल कई पक्षियों की जान जाती है। इतना ही नहीं पेड़ों पर बने पक्षियों के घरौंदे भी पतंग व धागों के कारण टूट जाते हैं। आमतौर पर पतंग कटने के बाद पेड़ों पर अटक जाती है। इस दौरान धागा भी पेड़ों की डालियों पर फंस जाता है। कई बार बिजली के तारों पर धागा फंसने के कारण तार उलझ जाते हैं। इस वजह से बिजली फॉल्ट होने व स्पार्किंग की घटनाएं बढ़ जाती है। गत सीजन में पतंगबाजी के दौरान चायनीज मांझे और नायलोन धागे से दर्जनों पक्षी घायल हुए थे, जिनमें कई पक्षियों की मौत भी हो गई थी।
इसलिए है खतरनाक
सामान्य धागे के मुकाबले चाइनीज धागा काफी मजबूत होता है। यह धागा नायलोन से बना होता है और इस वजह से यह आसानी से टूटता नहीं है। यही वजह है यदि कोई व्यक्ति सामान्य धागे की चपेट में आ जाए तो कम मजबूती के कारण ये टूट जाता है, लेकिन नायलोन से बना चाइनीज मांझा आसानी से नहीं टूटता है। इसलिए यह ज्यादा खतरनाक होता है।
करंट का भी खतरा
चाइनीज और धातु मिश्रित मांझा जानलेवा साबित हो सकता है। पतंगबाजी के जुनून के चलते बिजली के तारों से भी कई हादसे हो चुके हैं। पतंगबाजी के दौरान मांझा तारों से टच होते ही करंट पतंग उड़ाने वाले या फिर उस डोर को पकडऩे वाले तक सीधे पहुंचता है। इसलिए पतंगबाजी करते समय चाइनीज व धातु मिश्रित मांझे का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह भी दी जाती है।
कार्यवाही के लिए टीम गठित की है
शहर में चाइनीज मांझे के खिलाफ कार्यवाही के लिए टीम गठित की है। अगर शहर में चाइनीज मांझे के खिलाफ कार्यवाही होगी।
- संपतराज टांक, ईओ, नगरपालिका-भीनमाल

Dharmendra Kumar Ramawat Reporting
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