एमपी के अवैध हथियारों की जालोर बन रहा मंडी, मुख्य सरगना नहीं आ रहे पकड़ में

एमपी के अवैध हथियारों की जालोर बन रहा मंडी, मुख्य सरगना नहीं आ रहे पकड़ में
- जालोर जिले में एसओजी ने अवैध हथियार समेत आरोपियों को पकड़ा था, अवैध हथियार सप्लाई का बड़ा रेकेट होने की संभावना

Khushal Singh Bhati | Updated: 21 Aug 2019, 10:29:05 AM (IST) Jalore, Jalore, Rajasthan, India

- जालोर जिले में एसओजी ने अवैध हथियार समेत आरोपियों को पकड़ा था, अवैध हथियार सप्लाई का बड़ा रेकेट होने की संभावना

जालोर. एसओजी जयपुर द्वारा जालोर जिले के भीनमाल क्षेत्र से अवैध हथियार सप्लायर्स की गिरफ्तारी होने के साथ साथ अवैध हथियार की बरामदगी जालोर जिले के लिए बड़ी चिंता का विषय माना जा सकता है। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि मध्यप्रदेश से अवैध हथियार की खेप जालोर तक पहुंच रही है और इसके बाद तस्करों द्वारा इसकी सप्लाई जिले में अलग क्षेत्रों की जा रही है। इसके बाद आपराधिक तत्व इन अवैध हथियारों का प्रयोग आपराधिक गतिविधियों में तथा जिले की शांति व्यवस्था को बिगाडऩे में कर रहे हैं। जैसा कि कोड़का में दो दिन पूर्व देखने को मिला, जब बागोड़ा थाना क्षेत्र के वांछित आरोपी ने मामूली विवाद के बाद फायर कर एक युवक को घायल कर दिया। जालोर जिले में सीधे तौर पर पिछले पांच सालों में एसओजी की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई थी। इससे पूर्व फरवरी 2015 में भी इसी तरह से भीनमाल में एसओजी टीम ने कार्रवाई की थी और एक आरोपी के कब्जे से अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए थे। इस आरोपी का नेटवर्क भी मध्यप्रदेश के अवैध हथियार सप्लायर गिरोह से जुड़ा हुआ था।
तस्करों तक पहुंच रहे अवैध हथियार
जालोर जिले में अवैध हथियार के अनेक मामले पकड़ में आए है। साथ ही अवैध हथियार के साथ आरोपी पकड़े भी गए है। सीधे तौर पर फायरिंग के घटनाक्रम भी करड़ा, चितलवाना, सांचौर क्षेत्र में ही घटित हो रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान जब्त किए जाने वाले हथियार भी अवैध ही होते हैं। जिन हथियारों की सप्लाई के तार मध्यप्रदेश से ही जुड़ते हैं, लेकिन इन मामलों में पुलिस अक्सर हथियार बरामदगी के बाद शांति हो जाती है।
बड़ा नेटवर्क पुलिस मौन
३ दिन पूर्व भीनमाल क्षेत्र में अवैध हथियार के साथ गिरफ्त में आए दो युवक भीनमाल क्षेत्र के ही थे, जबकि एक आरोपी मध्यप्रदेश से था। सीधे तौर पर भीनमाल से मध्यप्रदेश तक हथियार तस्करों का नेटवर्क जुड़ा है। मामले की जांच और अनुसंधान एसओजी जरुर कर रही है, लेकिन यह मामले स्थानीय पुलिस के लिए भी चिंता का विषय है। क्योंकि अक्सर इन मामलों में छोटे स्तर पर ही आरोपी पकड़ में आते हैं, जबकि ये मामले अवैध हथियार के बड़े कारोबार से सीधे तौर से जुड़े हैं और मामले में शातिर आरोपी पर्दे के पीछे छिप कर ही अपना यह कारोबार फैला रहे हैं।
ट्रेंड में बदलाव दे रहे खतरे के संकेत
जिले में अपराध के टे्रंड में बदलाव हुआ है और अब यहां शराब, डोडा तस्करी ही नहीं, बल्कि अवैध हथियारों की सप्लाई के संकेत भी मिल रहे हैं। अनेक आपराधिक मामलों में फायरिंग के घटनाक्रम होते हैं, जिसमें पिस्टल बरामदगी के साथ आरोपी पकड़ में जरुर आते हैं, लेकिन मामलों में अवैध हथियार निर्माण करने वाले गिरोह के सरगना आज तक पुलिस की पकड़ से दूर ही है। जुलाई माह में सांफाड़ा के पास गिरफ्त में आए आरोपियों से पिस्टल और कारतूस मिले थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि इसकी खरीद आरोपियों ने मध्यप्रदेश से की। इससे पूर्व के मामलों में भी मुख्य रूप से अवैध हथियार की खरीद और बिकवाली के केंद्र के रूप में उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश ही मुख्य केंद्र सामने आए हैं।

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