खारे पानी की सप्लाई से परेशान उद्यमियों ने कटवा दिए कनेक्शन

खारे पानी की सप्लाई से परेशान उद्यमियों ने कटवा दिए कनेक्शन
Connection cut by entrepreneurs troubled by supply of salty water

Dharmendra Ramawat | Updated: 22 Apr 2018, 10:35:39 AM (IST) Jalore, Rajasthan, India

प्रतिस्पद्र्धा के चलते रीको के उद्यमियों को हो रहा नुकसान

तुलसाराम माली
भीनमाल. सरकारी उदासीनता के चलते यहां रीको के उद्यमी खारे पानी का दंश झेल रहे है। रीको की ओर से उद्योग ईकाइयों में खारे पानी की आपूर्ति होती है। इस वजह से उद्यमी यहां पर उद्योग लगाने के लिए भी नहीं आ रहे है। इतना हीं रीको ने दो साल पूर्व खारे पानी का शुल्क भी इतना बढ़ा दिया कि उद्यमियों ने एक-एक कर सभी उद्योगों से पानी के कनेक्शन कटवा लिए। खारे पानी की वजह से उद्यमियों को मजबूरी में महंगे दाम देकर पानी के टंैंकरों से मंगवा रहे हंै। रीको के उद्यमियों का कहना है कि रीको ने दो साल पूर्व पानी का शुल्क हर माह 250 रुपए से बढ़ाकर 1000 रुपए कर दिया है। इसके बावजूद भी उद्योगों में खारे पानी की आपूर्ति हो रही थी। हर माह 1000 रुपए चुकाने के बाद भी उद्योगों के लिए मीठा पानी बाहर से मंगवाना उद्योगों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा था। ऐसे में उद्यमी रीको से पानी के कनेक्शन कटवा रहे है। उद्यमियों का कहना है कि यहां के उद्यमियों को आइस व अन्य कार्यों के लिए मीठे पानी की आवश्यता रहती है। रीको में पूर्व में करीब 20 पानी के कनेक्शन थे, लेकिन अब रीको में एक भी कनेक्शन नहीं है।
मशीनों को लग रहा जंग
रीको की ओर से उद्योगों में खारे पानी की आपूर्ति करने से उद्योगों में मशीनों को भी नुकसान पहुंच रहा है। उद्यमियों ने बताया कि खारे पानी की वजह से मशीनों के पुर्जें जंग लगने से एक-दो साल में ही सड़ जााते हैं। ऐसे में उद्यमियों को हर साल हजारों रुपए का नुकसान उठाना पड़ता है। उद्यमियों को हर माह करीब 25-30 हजार रुपए का मीठा पानी बाहर से मंगवाना पड़ता है। यहां रीको में ब्लॉक, आईस, पाइप व पत्थर कंटिंग में रोजाना हजारों लीटर पानी की आवश्यकता रहती है। वर्तमान में रीको में करीब 70 के करीब इकाइयां शुरू है।
नुकसान झेल रहे उद्यमी
यहां का रीको 1993 में अस्तित्व में आया था। रीको में करीब 173 के करीब भूखण्ड है, लेकिन रीको में पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने से यहां पर सभी इकाइयां शुरू नहीं हो पाई है। यहां के उद्योग खासकर खारे पानी की समस्या झेल रहे है। खारे पानी की वजह से उद्योगों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। उद्यमियों का कहना है कि आइस व अन्य उद्योगों के लिए मीठा पानी बाहर से टैंकरों से मंगवाना पड़ता है। ऐसे में मीठा पानी बाहर से मंगवाने पर उद्योगों में माल की लागत मूल्य बढ़ जाता है। ऐेसे में यहां के उद्यमी अन्य क्षेत्रों के प्रोडक्टस से प्रतिस्पद्र्धा में पिछड़ जाते हैं।
खारे पानी की समस्या है...
रीको में उद्योगों के लिए खारे पानी की आपूर्ति होती है। खारे पानी की दर भी रीको ने चार गुणा बढ़ा दी है। हर माह 1000 रुपए खारा पानी का चुकाने के बाद भी उद्यमियों को मीठा पानी के टैंकर मंगवान पड़ते है। ऐसे में उद्यमियों को अन्य क्षेत्रों के प्रोडक्ट से प्रतिस्पद्र्र्धा नहीं हो पाती है। ऐसे में उद्यमियों ने एक-एक कर सभी कनेक्शन कटवा दिए है।
- सोमाराम माली, सचिव, रीको व्यापार संघ-भीनमाल
स्कीम बनाएंगे...
रीको में उद्योगों में खारे पानी की आपूर्ति होती है। मीठे पानी की व्यवस्था नहीं है। उद्यमियों के अधिक बकाया होने की वजह से पानी के कनेक्शन काट दिए है। अभी हाल ही में रीको में एक भी पानी का कनेक्शन शुरू नहीं है। सभी उद्यमी कनेक्शन ले तो, मीठे पानी की स्कीम बना सकते है।
- महेश कुमार पटेल, एईएन, रीको-जालोर

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