कोरोना का खतरा: जालोर लॉक डाउन

घोषित लॉक डाउन के बाद भी सोमवार को बेपरवाही नजर आई और शहर समेत जिलेभर में लोगों ने इसकी अवहेलना की। यही हालात पूरे राजस्थान में दिखे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इस बेपरवाही पर नाराजगी भी जताई। इसका असर मंगलवार को नजर आया


फैक्ट फाइल
- 14 जिले में प्रमुख सेफ्टी प्वाइंट
- 100 पुलिस कर्मी तैनात हैं जिले में
- 100 होमगार्ड भी तैनात
- 4 मुख्य सेफ्टी प्वाइंट बनाए जालोर में
- 10 के करीब शहर के बीच में बने बेरियर प्वाइंट
जालोर. घोषित लॉक डाउन के बाद भी सोमवार को बेपरवाही नजर आई और शहर समेत जिलेभर में लोगों ने इसकी अवहेलना की। यही हालात पूरे राजस्थान में दिखे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इस बेपरवाही पर नाराजगी भी जताई। इसका असर मंगलवार को नजर आया। जिसके तहत जालोर शहर समेत जिलेभर में लॉक डाउन का बड़ा असर नजर आया। शहर के मुख्य रास्ते भी बंद कर दिए गए। वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद रही। जालोर शहर के भीतरी भागों की बात करें तो शहर में प्रवेश करने वाले 4 प्रमुख रास्तों पर सेफ्टी प्वाइंट बनाए गए। जहां से केवल आवश्यकत कार्य की श्रेणी वाले वाहन चालकों को ही निकलने की परमिशन मिली। इसके साथ आदेशों की पालना नहीं करने वाले कई दुपहिया वाहन चालकों को पुलिस ने खदेड़ा और कुछ पर हलका बल प्रयोग भी किया। इधर, पुलिस प्रशासन ने सवेरे शहर के हालातों का जायजा लिया और आदेशों का सख्ती से पालना के लिए निर्देशित किया।
4 प्वाइंट पूरी तरह से ब्लॉक
जालोर शहर में प्रवेश के प्रमुख चार मार्गों को यातायात के लिए बंद किया गया। सांफाड़ा तिराहा, आहोर रोड, अस्पताल रोड, कॉलेज तिराहा पर बेरियर लगाने के साथ पुलिस के जवान तैनात रहे। इन प्वाइंट के अलावा पुलिस ने मीरा दातार से अस्पताल चौराहा मार्ग, वन-वे रोड, एसआर पेट्रोल पंप के पास अस्पताल रोड, हरिदेव जोशी सर्किल, नगरपरिषद के सामने, नगरपरिषद के पास के रास्तों को भी बेरियर लगाकर बंद किया। जरुरी सेवाओं में शामिल कार्मिकों को जांच पड़ताल के बाद ही वहां से निकलने की परमिशन दी गई।
कफ्र्यू सा असर, पसरा सन्नाटा
लॉक डाउन का व्यापक असर मंगलवार को नजर आया। चहल पहल नहीं के बराबर ही नजर आई। कुछ युवा सवेरे निकले तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ा, जिसके बाद बेवजह घूमने वालों पर भी बहुत बड़े स्तर पर नकेल कस गई। दूसरी तरफ चप्पे चप्पे पर पुलिस की तैनातगी के चलते वाहनों की आवाजाही भी पूरी तरह से बंद हो गई। जिसके बाद सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और कफ्र्यू सा असर नजर आया।
आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए पहुंचे लोग
लॉक डाउन के तहत बाजार बंद रहे। केवल आवश्यक सेवाओं के तहत राशन, किराणा, सब्जी, दूध और खाने की होटलें खुली नजर आई। सवेरे सब्जी, दूध, किराणा लेने के लिए लोग पहुंचे, हालांकि इनकी संख्या ज्यादा नहीं थी।
ईंधन भरवाने वाले बेरंग लौटे
पेट्रोल, डीजल भरवाने के लिए लोग पेट्रोल पंप पहुंचे। इस दौरान जरुरी सेवाओं को छोड़कर अन्य वाहन चालकों को खाली हाथ ही लौटना पड़ा। सरकारी वाहनों को भी अनुमति पत्र या वैध दस्तावेज देखने के बाद ही ईंधन दिया गया। दूसरी तरफ दुपहिया वाहनों को ईंधन पर पूरी तरह से रोक रही। कई वाहन चालक पेट्रोल पंप संचालकों से विनती करते नजर आए।

khushal bhati Reporting
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