VEDIO : एक के बाद एक काट दिए सैकड़ों हरे पेड़, आखिर क्यों कुछ नहीं बोला...पढ़ें पूरी खबर

Dharmendra Ramawat

Publish: Apr, 25 2019 05:20:33 PM (IST) | Updated: Apr, 25 2019 05:20:34 PM (IST)

Jalore, Jalore, Rajasthan, India

जेताराम विश्नोई
चितलवाना. जहां एक ओर बिगड़ते पर्यायवरण संतुलन को लेकर सरकार की ओर से जिले को हरा भरा करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी महकमा खुद ही विकास के नाम पर सालों से सड़क किनारे खड़े सैकड़ों पेड़ों को जेसीबी से धराशाही करने में लगा है। जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग 68 स्थित सिवाड़ा चौराहा पर पुलिया निर्माण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से टेंडर जारी किए गए हैं। ऐसे में ठेकेदार ने जेसीबी से सड़क के किनारे खड़े सैकड़ों पेड़ों पर जेसीबी चला दी। जिससे सड़क किनारे सालों से खड़े नीम, खेजड़ी, जाल व बबूल के पेड़ों का नामो निशान तक नहीं रहा है। विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण इस तरह प्रकृति पर चोट पहुंचाई गई है। गौरतलब है कि बढ़ते पर्यायवरण असंतुलन को लेकर वन एवं पर्यायवरण मंत्रालय ने सख्त निर्देश जारी कर रखे हैं। जिसके अनुसार कृषि भूमि पर राजस्थान काश्तकारी अधिनियम की धारा 82 के तहत तहसीलदार से पेड़ काटने की अनुमति सशर्त दी जाती है। वहीं सरकारी जमीन पर पेड़ काटने की अनुमति के लिए संबंधित विभाग पेड़ों को मार्क कर कलक्टर को आवेदन करना होता है। इसके बाद कलक्टर व वन विभाग की ओर से तहसीलदार से तस्दीद करवाने के बाद पेड़ों के बदले पौधे लगवाने व उसके संरक्षण की जिम्मेदारी लेने पर सशर्त अनुमति दी जाती है, लेकिन सिवाड़ा में ठेकेदार ने बिना किसी अनुमति के सैकड़ों पेड़ों को धराशाही कर दिया।
विभाग की मौन स्वीकृति
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से पुलिया निर्माण को लेकर सड़क के किनारे सालों पुराने पेड़ों पर जेसीबी से धराशाही करने की यह मौन स्वीकृति ही प्रतीत हो रही है। बिना अनुमति के पेड़ काटने के बावजूद एक भी जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। खास बात तो यह है कि हाइवे पर सिवाड़ा सरहद में ठेकेदार की ओर से दिन के बजाय रात के समय इन पेड़ों पर जेसीबी चलाई गई है।
इक्सपर्ट व्यू...
हाइवे के किनारे की जमीन भारतीय वन अधिनियम की धारा 20 के तहत राज्य सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार वन संरक्षक भूमि घोषित की गई है। इस जमीन पर लगे पेड़ काटने के लिए वन विभाग व कलक्टर को दोबारा यहां पौधे लगाने व संरक्षण करने की जिम्मेदारी लेने पर सशर्त अनुमति दी जाती है।
- एडवोकेट हापुराम विश्नोई, राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर
यह गलत है...
सिवाड़ा हाइवे पर पुलिया निर्माण के लिए बिना अनुमति के पेड़ काटे गए हैं तो यह गलत है। इसकी अनुमति कलक्टर से लेनी जरूरी है।
- पीताम्बर राठी, तहसीलदार, चितलवाना
इन्होंने जताई अनभिज्ञता
हाइवे किनारे लगे पेड़ काटने के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। यहां मेरी पोस्टिंग अभी हुई हैै। इस बारे में पता कर कार्रवाई की जाएगी।
- सुजानाराम विश्नोई, एक्सईएन, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, बाड़मेर

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