डिस्कॉम-ठेकेदार खींचतान में 3 सौ कार्मिकों का भुगतान अटका

13 महीने से मानदेय के लिए चक्कर काट रहे 153 जीएसएस पर लगे ठेके के मजदूर

By: Dharmendra Kumar Ramawat

Published: 10 Nov 2017, 01:23 PM IST

जालोर. डिस्कॉम अधिकारियों और निजी कंपनी के ठेकेदार के गोलमोल जवाब के चलते ठेके पर लगे करीब सवा तीन सौ कार्मिकों को बीते एक साल से मानदेय नहीं मिल पाया है। हर महीने वेतन पाने वाले डिस्कॉम के अधिकारियों या लाखों रुपए कमाने वाले ठेकेदार को इससे कुछ फर्क नहीं पडऩा है, लेकिन मजदूरी कर पेट भरने वाले ये कार्मिक बीते एक साल से वेतन के लिए इधर से उधर भटक रहे हैं। जब कार्मिकों ने मानदेय के लिए लड़ाई लड़ी तो ठेकेदार ने तीन महीने पहले धुम्बडिय़ा डिस्कॉम कार्यालय में कार्मिकों समक्ष ही भुगतान के लिए बिल पेश किए। साथ ही जल्द भुगतान का भरोसा दिलाया, लेकिन वहां कार्यरत एईएन का कहना है कि उन्हें अब तक ठेकेदार ने बिल पेश ही नहीं किए हैं। कार्मिकों का भी कहना है कि ठेकेदार ने उनके सामने ही कार्यालय में बिल पेश किए थे और अधिकारी अब इससे मुकर रहे हैं। इस तरह डिस्कॉम अधिकारियों व ठेकेदार के गोलमोल जवाब के कारण मानदेय अटका हुआ है।
इतने का था टेंडर
डिस्कॉम की ओर से दौसा की इस कंपनी को प्रति जीएसएस प्रतिमाह 26 हजार 662 रुपए का ठेका दिया गया था। इस हिसाब से पांच माह में प्रत्येक जीएसएस की यह राशि 1 लाख 33 हजार 310 रुपए बनती है। वहीं जिले के कुल 153 जीएसएस के लिए डिस्कॉम की ओर से ठेकेदार को कुल 2 करोड़ 3 लाख 96 हजार 430 रुपए का भुगतान किया जाना है। इसमें से कार्मिकों का करीब सवा करोड़ रुपए बकाया चल रहा है।
फैक्ट फाइल
डिस्कॉम ने ठेका दिया-13 अक्टूबर 2016 को
ठेका समाप्ति तिथि-31 मार्च 2017
कुल जीएसएस, जिनके लिए ठेका हुआ : 153
कुल कार्मिक-करीब 335
मानदेय की संभावित बकाया राशि : 1.25 करोड़
ठेकेदार को मिलने वाली राशि : 2.39 करोड़
यह था मामला
बीते साल 13 अक्टूबर से 11 दिसम्बर 2016 तक दो माह के लिए डिस्कॉम ने निचुनिया (दौसा) की मैसर्स रोशन इलेक्ट्रीकल को जिले के 153 जीएसएस पर बिजली आपूर्ति व्यवस्था को लेकर टेंडर जारी किए थे। ठेकेदार की ओर से इन जीएसएस पर करीब सवा तीन सौ कार्मिकों को लगाया गया।
पहले और अब एक ही जवाब...
गत 10 अप्रेल को पत्रिका से बातचीत के दौरान डिस्कॉम एसई बीएल दईया का कहना था कि ठेकेदार द्वारा पेश किए जाने वाले बिल का वेरिफिकेशन संबंधित एईएन की ओर से किया जाएगा। जब तक ठेकेदार की ओर से कार्मिकों को भुगतान नहीं किया जाता है तब तक उसे भी भुगतान नहीं किया जाएगा। वहीं ठेकेदार ने कॉन्ट्रेक्ट लेते समय लाखों की सिक्यूरिटी राशि भी जमा रखी है। इसके लिए ठेकेदार को पाबंद कर जल्द ही कार्मिकों को भुगतान दिलाने के प्रयास किए जाएंगे। इस बात को करीब ८ महीने पूरे होने आए हैं, मगर ना तो कार्मिकों को भुगतान किया गया और ना ही ठेकेदार को पाबंद। इस बारे में बुधवार को हुई बातचीत में भी एसई दईया का यही कहना था कि बिल उनके पास आते ही भुगतान कर दिया जाएगा।

ठेकेदार ने बिल पेश नहीं किए
रोशन इलेक्ट्रीकल कंपनी के ठेकेदार ने अभी तक विभाग को कोई बिल पेश ही नहीं किया है। उनकी ओर से बिल पेश करते ही वेरिफिकेशन कर दिया जाएगा। हमें अब तक कोई बिल नहीं मिले हैं।
- जयपाल चौधरी, एईएन, धुम्बडिय़ा डिस्कॉम
ठेकेदार-कार्मिकों के सामने दिए बिल
धुम्बडिय़ा जेईएन को मैंने खुद कार्मिकों के सामने बिल दिए थे। बात को भी तीन महीने हो चुके हैं। बिल पास नहीं करने की वजह से परेशान हूं। आखिर डिस्कॉम यह बिल पास नहीं करता है तो कार्मिकों को जेब से ही यह राशि अदा करनी पड़ेगी। गुरुवार को वहां आ रहा हूं। इस संबंध में अधिकारियों से बात करूंगा।
- लक्ष्मीनारायण मीणा, ठेकेदार, रोशन इलेक्ट्रीकल, दौसा

Dharmendra Kumar Ramawat Reporting
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