जालोर नगरपरिषद ठेकेदार ने आखिर क्यों बोला झूठ...पढ़ें पूरी खबर

Dharmendra Ramawat

Publish: May, 16 2019 11:32:38 AM (IST)

Jalore, Jalore, Rajasthan, India

जालोर. नगरपरिषद में कार्यरत एईएन को मारने के लिए गत 9 मई को दोपहर 12 बजे के आस पास उनके पीछे गाड़ी दौड़ाने वाले ठेकेदार से जुड़ी पूरी घटना नगरपरिषद के सीसीटीवी कैमरों के कैद हो चुकी थी। जिसके कारण उसने आयुक्त को पेश किए जवाब में खुद को अब जालोर में ही होना बताया है। जबकि इससे पहले ठेकेदार ने घटना से अनभिज्ञता जताते हुए उसी दिन सुबह 10 बजे खुद को जोधपुर में होना बताया था। ठेकेदार का यह झूठ नगरपरिषद में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो जाने के कारण पकड़ा गया।
गौरतलब है कि नगरपरिषद क्षेत्र में निर्माण कार्यों का ठेका लेने वाले ठेकेदार जितेंद्र परिहार की ओर से गत 9 मई को एईएन का पीछा कर उसकी गाड़ी रुकवाने और मारपीट का प्रयास करने पर नगरपरिषद अधिकारियों ने उसके खिलाफ कोतवाली थाने में राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज कराया था। आयुक्त शिकेश कांकरिया ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया था कि नगरपरिषद एईएन भवानीसिंह भाटी, जेईएन हरीश गहलोत, पार्षद देवाराम सांखला व संवेदक भोमाराम 9 मई को दोपहर करीब 12 बजे नगरपरिषद से गाड़ी में बैठकर वार्ड २३ राजेंद्र नगर में कोई मौका मुआयना के लिए जा रहे थे। इस दौरान वहां मौजूद नगरपरिषद ठेकेदार जितेंद्र परिहार व उसके साथियों ने नगरपरिषद कार्यालय से उनके वाहन का पीछा किया। वहीं राजेंद्र नगर में मुख्य मार्ग पर गोगाजी मंदिर के पास स्थित एक मकान के सामने उनके वाहन को जबरन रुकवाया गया और कर्मचारियों से बदसलूकी करने के साथ जान से मारने की धमकी भी दी। साथ ही वाहन को नुकसान पहुंचाने की भी कोशिश की। जबकि इस बारे में आरोपी ठेकेदार का कहना था कि वह घटना के दिन सुबह 10 बजे जोधपुर में था और उसे इसकी जानकारी ही नहीं थी। वहीं रिश्वत नहीं देने के कारण अधिकारियों ने द्वेषतावश उसके खिलाफ झूठा प्रकरण दर्ज करवाया है।
जवाब में खुद उलझा ठेकेदार
इस पूरे घटनाक्रम के बाद ठेकेदार परिहार ने खुद आयुक्त को लिखित में जवाब पेश किया है। जिसमें उसने बताया है कि 9 मई को बताई गई घटना गलत है। हकीकत में उसने किसी गाड़ी का पीछा नहीं किया। एईएन के साथ गए ठेकेदार भोमाराम ने खुद उसे राजेंद्र नगर बुलाया था। साथ ही भोमाराम ने उसकी बकाया रकम किसी अन्य से लाकर देने की बात कही थी। इसीलिए वह गाड़ी के पास जाकर रुका था। इस दौरान गाड़ी के शीशे भी बंद थे। उसने किसी से गाली-गलोज की थी तो बंद शीशों में उन्हें कैसे सुनाई दी।
अधिकारी व संवेदक बयान पर कायम
इधर, इस मामले में नगरपरिषद आयुक्त कांकरिया का कहना है कि पुलिस ने आरोपी ठेकेदार के खिलाफ राजकार्य में मामला दर्ज किया है। वहीं पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर एईएन भवानीसिंह भाटी, जेईएन हरीश गहलोत, पार्षद देवाराम सांखला व संवेदक भोमाराम के बयान लिए हैं जो अभी भी पूर्व में कही गई बात पर कायम हैं।
सामने आ रही थी यह वजह
एईएन के पीछे गाड़ी दौड़ाने के मामले में नगरपरिषद आयुक्त कांकारिया का कहना था कि नगरपरिषद ठेकदार परिहार की ओर से शहर में विभिन्न जगहों पर निर्माण कार्यों के ठेके लिए जाते हैं, लेकिन कार्य में निम्न गुणवत्ता को लेकर वार्डवासियों की कई बार मौखिक और लिखित शिकायतें मिल रही थी। वहीं ठेकेदार की ओर से काम पूरा करने के बाद मलबा भी वहीं छोड़ दिया जाता था। इस पर नगरपरिषद ने कार्रवाई करते हुए ठेकेदार को कई बार नोटिस भी दिए थे। इसीलिए नाराजगी के चलते ठेकेदार ने ऐसा किया होगा।
पत्रिका ने प्रकाशित किया था समाचार
गौरतलब है कि फिल्मी स्टाइल में नगरपरिषद एईएन के पीछे गाड़ी दौड़ाने के मामले में पत्रिका ने 11 मई के अंक में 'काम में नुस्ख पर की कार्रवाई तो ठेकेदार ने एईएन को मारने को पीछे दौड़ाई गाड़ीÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था।
इनका कहना...
एईएन के पीछे गाड़ी दौड़ाने के मामले में ठेकेदार के खिलाफ राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज कराया गया था। जिसके बाद उसने लिखित में स्पष्टीकरण पेश किया है। सीसीटीवी फुटेज में पूरा घटनाक्रम साफ नजर आ रहा है। मामले में पुलिस जांच कर रही है जो भी सच्चाई होगी सामने आ जाएगी।
- शिकेश कांकरिया, आयुक्त, नगरपरिषद जालोर

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