ईद मिलादुन्नबी पर जिले में मुस्लिम समुदाय ने निकाला जुलूस, मौलानाओं ने पेश की तकरीरें

Dharmendra Ramawat | Updated: 22 Nov 2018, 12:33:44 PM (IST) Jalore, Jalore, Rajasthan, India

शहर में जुलूस के दौरान लोगों ने जगह-जगह वितरित की सिरनी, पानी व शरबत की व्यवस्था भी की

जालोर. जश्ने ईद मिलादुन्नबी को लेकर बुधवार को मुस्लिम समुदाय की ओर से शहर में बारहवफात का जुलूस निकाला गया। जुलूस गैबन शाह गाजी दरगाह से चादर की रस्म अदा करने के बाद शुरू हुआ। जुलूस वीरमदेव चौक से सदर बाजार, गणेश चौक, गांधी चौक, सूरजपोल, अस्पताल चौराहा, हरिदेव जोशी सर्किल, बागोड़ा रोड, पंचायत समिति, बड़ी पोल व सुभाष मार्केट होते हुए जामा मस्जिद के वशी मैदान पहुंचकर संपन्न हुआ। पर्व को लेकर सवेरे से ही मुस्लिम समुदाय के लोग जुलूस की तैयारी में जुटे रहे। इसके बाद महिला-पुरुष व बच्चे सज धज कर जुलूस में पहुंचे। जुलूस का आयोजन हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम की पैदाइश को लेकर निकाला गया। जुलूस में काफी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग हाथों में झंडे लहराते हुए और नारे लगाते हुए चल रहे थे। जुलूस में बच्चे, जवान, युवक, युवतियां व बुजुर्गों सहित काफी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए। वहीं जुलूस का जगह-जगह फूल मालाओं से स्वागत किया गया। इस अवसर पर जुलूस कमेटी के इरफान नायक, शौकत लोहार, अय्यूब अली, मौलाना गुलाम अली, मौलाना वकार अहमद, मौलाना सत्तार, मौलाना रफीक, मौलाना नियाज अहमद व जाकिर अंसारी सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जगह-जगह शरबत की व्यवस्था
जुलूस के दौरान जगह-जगह लोगों ने सिरनी, शीतर पेयजल व शरबत की व्यवस्था भी की। वहीं जुलूस में व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीएसपी अमरसिंह चंपावत, सीआई माणकराम बिश्नोई व यातायात प्रभारी अमराराम, महिला पुलिसकर्मी, यातायात कर्मी व पुलिस जाब्ता तैनात रहा।
मिलादे पाक में मौलानाओं ने पेश की तकरीर
जालोर. जुलूस के बाद जामा मस्जिद स्थित वशी मैदान में मिलादे पाक का आयोजन हुआ। जिसमें मौलाना गुलाम रब्बानी ने नूरानी तकरीर पेश करते हुए कहा कि इस्लाम ने औरतों का मर्तबा बुलंद किया। वहीं आज के हालात औरतों के लिए खराब हो रहे हैं। जिस्म से कपड़े कम हो रहे हैं जो औरतों को शोभा नहीं देता। हमारे प्यारे आका नबी ए करीम सल्लल्लाहो ताला वसल्लम ने औरत का मर्तबा बुलंद फरमाया कि जिसके घर में बेटियां हैं, वहां रहमत बरसती है। मां के कदमों के नीचे जन्नत है, वहीं पिता जन्नत का दरवाजा है। मां-बाप की खिदमत करने वाले को ऊंचे से ऊंचा मुकाम मिलता है। उन्होंने मौमीनों से कहा कि अपना समय मोबाइल पर खराब करने के बजाय मस्जिद में नमाज पढ़ कर उसका सही इस्तेमाल करना चाहिए। इस मौके इमाम जामा मस्जिद मौलाना शफी मोहम्मद अकबरी, पिंजारों की मस्जिद मौलाना वकार अहमद, इमाम सिलावटों की मस्जिद महबूब आलम, मौलाना ओवैस मोहम्मद अबाब, मौलाना सत्तार सहित जमा मस्जिद कमेटी के पहाड़ू खान, बरकत खान, फारुक अली, इरफानखान नायक, मंसूर अहमद व शौकत लोहार सहित काफी संख्या में मुस्लिम समुदाय के महिला व पुरुष मौजूद रहे। वहीं नात ख्वा ने भी नूरानी आवाज में बहतरीन नातें सुनाकर वाहवाही लूटी।

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