किसान लगा रहे कार्यालयों के चक्कर, नहीं मिल रहा कनेक्शन

विभाग ने फरवरी 2010 से जनवरी 2011 तक के पहले चरण में डिमांड नोटिस जारी किए, लेकिन उनके कनेक्शन अभी तक लम्बित

Dharmendra Ramawat

September, 0410:19 AM

बागोड़ा. राज्य सरकार ने बजट भाषण में भले ही 2 लाख कृषि कनेक्शन देने की घोषणा की हो, लेकिन धरातल पर काम नहीं हो रहा। उपखंड क्षेत्र में कृषि कनेक्शन के लिए किसानों ने डिमांड तो भर दिए, लेकिन आज तक साढ़े सात सौ किसानों को कृषि कुओं पर बिजली का इंतजार है। विभाग ने फरवरी 2010 से जनवरी 2011 तक के पहले चरण में डिमांड नोटिस जारी किए, लेकिन उनके कनेक्शन अभी तक लम्बित ही है। वहीं जनवरी 2012 तक के करीब पांच छह सौ बेरों में कृषि कनेक्शन के लिए डिमांड भरवाए जा रहे हैं। ऐसे में किसानों को प्रथम चरण में डिमांड जमा करने वाले किसानों को अभी तक कनेक्शन शुरू नहीं हुए और विभाग ने दूसरे चरण के जनवरी 2011-12 तक के डिमांड नोटिस भी जारी कर दिए है। जिलेभर में करीब पैंतीस सौ किसानों को डिमांड भुगतान के बाद भी कृषि कनेक्शन व सामान की आपूर्ति नहीं हो रही है। सायला सहायक अभियंता जितेन्द्र तोमर ने बताया कि सायला डिस्कॉम में प्रथम चरण में 2010-11 तक के 295 किसानों के डिमांड नोटिस जारी किए जा चुके हंै। अभी तक 15 किसानों को कनेक्शन मिले हैं। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जो कनेक्शन 2010-11 तक के कनेक्शन नाम मात्र हुए है तो जनवरी 2012 तक के डिमांड भुगतान वाले किसानों को कब बिजली मिलेगी।भारतीय किसान संघ के प्रांत प्रमुख गणेशाराम चौधरी बताया कि जिला मुख्यालय पर 30 अगस्त को दिए धरने में ऊर्जा राज्यमंत्री ने डिमांड नोटिस का भुगतान करने वाले किसानों के कृषि कनेक्शन व सामान एक माह में उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया है।जिले में करीब 35 सौ कृषि कनेक्शन के लिए इंतजार है, जिसमें पांच से छह सौ डिमांड बागोड़ा तहसील के हंै।
3 माह में देने का था वादा
डिमांड नोटिस जारी के बाद किसानों ने 27 हजार से 35 हजार रुपए तक राशि जमा करवाई। वादे के मुताबिक डिमांड राशि जमा करने के 90 दिन बाद कनेक्शन शुरू करने थे, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इस अवधि तक कनेक्शन नहीं होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है, लेकिन यहां शायद इसतरह का प्रावधान लागू नहीं हो रहा।
खुद ले जा रहे सामान
विद्युतकर्मी आगे से सामान नहीं आने की बात करते है। जबकि सामान लाना ले जाना डिस्कॉम के अधीन है।वैसे पोल, इन्सुलेटर, ट्रॉसफार्मर तक किसान अपने स्तर पर जीएसएस से कुएं तक ले जा रहे हैं।
डिमांड जारी कर रहे हैं...
धुम्बडिय़ा डिस्कॉम में प्रथम चरण के करीब सात सौ कनेक्शन अभी तक लम्बित है। द्वितीय चरण जनवरी 2012 तक के करीब पांच छह सौ कृषि बेरों में कनेक्शन के लिए आवेदकों के डिमांड जारी कर किए जा रहे हंै।
- गीगाराम चौधरी, कनिष्ठ अभियंता, डिस्कॉम, धुम्बडिय़ा।

Dharmendra Kumar Ramawat Reporting
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