अस्पताल में दो घंटे गुल रही बिजली, प्रभावित हुई जांचें

www.patrika.com/rajasthan-news

By: Dharmendra Kumar Ramawat

Updated: 01 Mar 2020, 11:44 AM IST

जालोर. जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में शनिवार को बिजली कटौती के कारण मरीजों को करीब दो घंटे तक परेशानी झेलनी पड़ी। खास बात तो यह है कि अस्पताल में लगे जेनरेटर भी तकनीकी खराबी के कारण बिजली शुरू नहीं हो पाई। जिसके कारण अस्पताल की लेब, सिटी स्केन, एक्सरे व सोनोग्राफी समेत अन्य मशीनें करीब दो घंटे तक शुरू ही नहीं हो पाई। मरीजों ने जब पत्रिका को इसकी जानकारी दी तो टीम के वहां पहुंचते ही तकनीकी कार्मिक पहुंचा और बिजली लाइन व जेकनरेटर में आई तकनीकी खराबी को सही कर बिजली सप्लाई शुरू की गई। इस बारे में संविदा पर लगे तकनीकी कार्मिक का कहना था कि शहर में बिजली कटौती के कारण अस्पताल की बिजली भी बंद थी। वहीं जेनरेटर में आई खराबी के बारे में संबंधित कंपनी के अधिकारियों को पूर्व में इसकी सूचना भी दी गई थी, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। अभी भी अस्थाई तौर पर जेनरेटर को शुरू कर बिजली आपूर्ति शुरू की गई है। कार्मिक का कहना था कि दो दिन पूर्व ही जेनरेटर व लाइन में फॉल्ट के कारण उपकरण जल गए थे। जिसके बाद में कंपनी के अधिकारियों को सूचना दी गई थी। मगर कोई भी नहीं पहुंचा। ऐसे में दोबारा फॉल्ट से कोई उपकरण ना जले इसलिए जेनरेटर को शुरू नहीं किया गया था।
इंतजार करते रहे मरीज
इधर, जिला अस्पताल में शनिवार सुबह से बिजली गुल रहने के कारण विभिन्न जांचों के लिए पहुंचे मरीजों को भी करीब डेढ़ से दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। कुछ मरीज लेब के बाहर इंतजार करते नजर आए तो कुछ सोनोग्राफी, एक्सरे व अन्य कक्षों के चक्कर काटते देखे गए। जिससे उन्हें काफी परेशानी भी हुई।
कार्मिकों को भी हुई परेशानी
अस्पताल में करीब दो घंटे तक बिजली गुल रहने के कारण कार्मिकों को भी काफी परेशानी हुई। इस दौरान जहां लेब व सोनोग्राफी समेत अन्य जांचों के लिए परेशानी हुई। वहीं ऑनलाइन संबंधी कामकाज भी अटके रहे।

Dharmendra Kumar Ramawat Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned