क्रॉप कटिंग में मृतक काश्तकार का अंगूठा करवाने का आरोप, बीमा राशि को लेकर किसान हुए उग्र

Dharmendra Ramawat

Publish: Jan, 24 2019 11:29:38 AM (IST)

Jalore, Jalore, Rajasthan, India

आहोर. क्षेत्र के सामुजा के किसानों ने हल्का पटवारी व भू-अभिलेख निरीक्षक की ओर से फसलों की क्रॉप कटिंग में किसानों के साथ धोखाधड़ी के विरोध में यहां उपखंड अधिकारी कार्यालय के सामने तीसरे दिन बुधवार को भी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। गांव के अमरसिंह सामूजा ने बताया कि पटवारी की ओर से क्रॉप कटिंग में राजस्व पटवारी की ओर से धोखाधड़ी व धांधली की गई है। यह इस बात से स्पष्ट होता है कि क्रॉप कटिंग फार्म पर तीन साल पूर्व मृत काश्तकार का अंगुठा निशान है। इसी फार्म पर अंगुठा निशान के नीचे पटवारी के हस्ताक्षर किए हुए है।
पिछले दो दिन से धरना जारी रहने के बाद भी अभी तक प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की ओर से उनकी मांग को लेकर कोई कार्रवाई नहीं करने पर आक्रोशित धरनार्थियों ने तीसरे दिन बुधवार को ग्राम पंचायत क्षेत्र में सरकारी सुविधाओं का बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया। इसके तहत काश्तकारों ने अपने बच्चों को विद्यालयों में अध्यापन के लिए नहीं भेजा। वहीं मनरेगा श्रमिक भी कार्य पर नहीं गए। इधर, धरने पर बैठे किसानों व महिलाओं ने फसल खराबे की बीमा राशि का भुगतान दिलाने की मांग को लेकर जिला कलक्टर के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांग पर अमल नहीं होता है तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। उपखंड अधिकारी कार्यालय के सामने धरने पर बैठे किसानों ने बताया कि वर्ष २०१८-१९ भयंकर अकाल की स्थिति से गुजर रहा है। पशुओं व ग्रामीणों के लिए पीने के पानी तक की सुविधा नहीं है। पशुओं के लिए चारा तथा किसानों के खाने के लिए अनाज तक नहीं है। इसके विपरीत हल्का पटवारी ने फसल कटाई प्रयोग में बाजरे की उपज 6 क्विंटल 72 किलो बताई गई है। हल्का पटवारी ने फसल कटाई प्रयोग किए बिना ही इंश्योरेंस कम्पनी को फायदा पहुंचाने के लिए उपज ज्यादा बताई है। फसल कटाई प्रयोग में जिन काश्तकारों के खसरा नंबर आए थे। उन्हें आहोर बुलाकर खाली फार्म पर हस्ताक्षर करवाए। इसी तरह मूंग व ग्वार में भी 100 प्रतिशत खराबा होने के बाद भी पटवारी ने इसमें भी 2 क्विंटल 88 किलो उपज प्रति हेक्टर बताई है। जो सरासर गलत है। हकीकत में किसानों द्वारा जितना बीज बोया गया था। उतना भी प्राप्त नहीं हुआ है। किसान भयंकर अकाल की स्थिति में भी इंश्योरेंस की प्रीमियम राशि भर रहे है। इस प्रकार गांव के काश्तकार दोहरी मार झेलने को मजबूर है। लेकिन अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे काश्तकार आक्रोशित है। इस मौके पर बड़ी संख्या में काश्तकार मौजूद थे।
बच्चों को स्कूल नहीं भेजा
दो दिन से सामुजा के काश्तकारों का धरना जारी रहने के बाद भी अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों द्वारा उनकी कोई सुध नहीं लेने पर तीसरे दिन बुधवार धरने पर बैठे ग्राम पंचायत क्षेत्र के काश्तकार आक्रोशित हो गए। जिसके तहत उन्होंने ग्राम पंचायत क्षेत्र में सरकारी सुविधाओं का बहिष्कार करते हुए अपने बच्चों को अध्यापन के लिए स्कूलों में नहीं भेजा। गौरतलब है कि राउमावि सामुजा में ३०९, राउप्रावि वागोतरा में ५१ तथा राउप्रावि सेदरिया कुम्पावतान में १०३ छात्र-छात्राएं अध्ययनरत है। अभिभावकों ने इन छात्र-छात्राओं को विद्यालयों में नहीं भेजकर विरोध प्रदर्शन किया। धरने के समर्थन में मनरेगा श्रमिकों ने भी कार्य का बहिष्कार कर विरोध जताया।
टेंट में गुजार रहे रात
क्रॉप कटिंग में धोखाधड़ी के विरोध तथा फसले खराबे की उचित बीमा राशि का भुगतान दिलाने की मांग को लेकर सामुजा ग्राम पंचायत क्षेत्र के काश्तकार पिछले तीन दिन से लगातार उपखंड अधिकारी कार्यालय के सामने टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए है। पिछले कुछ दिनों से सर्द हवाएं भी कहर बरपा रही है। ऐसे में धरने पर बैठे काश्तकार टेंट में ही सर्द राते गुजार रहे है।

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