जालोर की इस नामी होटल में अचानक लगी आग, किचन से छत तक पहुंची लपटें

Dharmendra Ramawat

Updated: 27 May 2019, 11:37:50 AM (IST)

Jalore, Jalore, Rajasthan, India

जालोर. शहर के बागोड़ा रोड पर स्थित एक नामी होटल में रविवार सुबह करीब साढ़े दस बजे शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। जिसके बाद मुख्य रोड पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि आग बुझाने के लिए होटल मैनेजमेंट और कार्मिकों ने पूरी कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई। जिसके बाद पुलिस व प्रशासन सहित नगरपरिषद का पूरा महकमा इस आग को बुझाने में जुट गया। करीब चार घंटे बाद इस आग पर काबू तो पा लिया गया, लेकिन तब तक फर्नीचर समेत अन्य सामन जलकर स्वाह हो गया। आग की यह घटना बागोड़ा रोड स्थित होटल मानसरोवर में हुई थी। होटल मालिक हितेश प्रजापत का कहना है कि रेस्टोरेंट के किचन में चिमनी पर एक्जास्ट फेन लगा हुआ था। जिसमें अचानक शॉर्ट-सर्किट हो गया और आग लग गई। वहीं किचन में हर रोज खाना बनाते समय छोंक लगाने के कारण चिमनी पर भी तेल जमा होने से आग ज्यादा फैल गई। पहले यह आग किचन में लगी और इसके बाद इसके ऊपरी हिस्से में बने स्टाफ रूम तक पहुंच गई। जहां पड़ा स्टाफ का सामान भी इसकी चपेट में आ गया। हादसे में होटल व्यवसायी को करीब दस लाख का नुकसान पहुंचा है। हादसे की सूचना पर होटल के आस पास के एरिया में बिजली सप्लाई बंद करवा दी गई। वहीं यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया। इस दौरान मुख्य रोड से गुजरने वाले वाहनों को अन्य गलियों से होकर निकाला गया। इस मौके विधायक जोगेश्वर गर्ग, कलक्टर महेंद्र सोनी, एसपी केसरसिंह शेखावत, डीएसपी जयदेव सियाग, एडीएम छगनलाल गोयल, डिस्कॉम एसई पीसी टांक, नगरपरिषद आयुक्त शिकेश कांकरिया व नगरपरिषद उपसभापति मंजू सोलंकी समेत कई जने मौजूद थे।
संचालक ने कहा-पूरी थी व्यवस्था
होटल संचालक का कहना था कि रेस्टोरेंट के साथ-साथ यहां यात्रियों के रुकने की भी व्यवस्था होने के कारण आग से निपटने की पूरी व्यवस्था थी। होटल के ग्राउण्ड फ्लोर से लेकर तीसरी मंजिल तक फायर फाइटर उपलब्ध थे, लेकिन अचानक आग फैल जाने के कारण सभी हड़बड़ा गए और इसी कारण समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जा सका।
टल गई जनहानि
शहर के मुख्य रोड पर स्थित इस होटल में हादसा सुबह के समय ही हुआ था। हादसे के दौरान रेस्टोरेंट के किचन में रसोई गैस के सिलेंडर और गैलेरी में फर्नीचर भी पड़ा था। जिन्हें स्टाफ ने हाथों हाथ सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं होटल में एक ही रूम बुक था, जिसे खाली करवा दिया गया। होटल के पिछले हिस्से में आग लगने के कारण ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन धुआं फैलने के कारण अगले हिस्से में लगे कांच तोडऩे पड़े।
फायर ड्रिल से पहले ही हुआ हादसा
गौरतलब है कि नगरपरिषद आयुक्त शिकेश कांकरिया ने शनिवार को आदेश जारी कर जिले की तीनों नगर निकाय में निर्मित बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी जांच के लिए जालोर अग्निशमन अधिकारी को नियुक्त किया था। वहीं रोजाना परिषद क्षेत्र में कम से कम 5 स्थानों व पालिका क्षेत्र में 2 स्थानों पर फायर सेफ्टी ड्रिल का अभ्यास करने के भी निर्देश दिए थे, लेकिन इस अभ्यास से पहले ही जिला मुख्यालय पर स्थित इस होटल में आग लग गई।
दो दमकलें, 10 से ज्यादा पानी के टैंकर
बागोड़ा रोड पर स्थित होटल में लगी आग को बुझाने के लिए नगरपरिषद से दो दमकलें बुलाई गई। जिनसे लगातार रेस्टोरेंट में बने किचन के ऊपरी हिस्से पर पानी डालकर आग बुझाने के प्रयास किए गए। वहीं होटल के पीछे स्थित रहवासी मकान के मालिक बाबूलाल मालवीया ने भी निजी स्तर पर टैंकर मंगवाकर आग पर काबू पाने के प्रयास किए। इस दौरान पानी के दस से ज्यादा टंैकर मंगवाए गए। तब जाकर चार घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned