नाकाफी कुर्की की कार्रवाई, रफा-दफा करने में जुटा विभाग

नाकाफी कुर्की की कार्रवाई, रफा-दफा करने में जुटा विभाग
Flood in Sanchore,Chitalwana and Nehad belt, File photo

Dharmendra Ramawat | Updated: 22 Apr 2018, 11:14:51 AM (IST) Jalore, Rajasthan, India

ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर जांच कमेटी बदलने और दोबारा जांच की मांग की

हाड़ेचा. बावरला ग्राम पंचायत के डडूसन, शिवनगर, विष्णुनगर व बावरला गांव में आपदा के तहत किए गए सर्वे में मुआवजे को लेकर धांधली सामने आने के बाद अब विभाग इसे रफा-दफा करने में जुटा हुआ है। प्रशासनिक टीम की ओर से दोबारा किए गए सर्वे में केवल 15 जनों के खिलाफ कुर्की निकाली गई है। इस मामले में दूसरे पक्ष ने सांचौर एसडीएम को ज्ञापन भेजकर संपूर्ण ग्राम पंचायत का फिर से सर्वे कराने की मांग की है। ज्ञापन में बताया कि सर्वे टीम ने दूसरी पंचायत के लोगों को मुआवजा दिलाने के लिए गलत रिपोर्ट तैयार की। हालांकि इस बारे में पत्रिका की ओर से सिलसिलेवार समाचार प्रकाशन के बाद पंचायत के बाहरी लोगों का भुगतान रोक दिया गया था, लेकिन पंचायत के कई ऐसे लोगों को भी मुआवजा दिया जा चुका था जो इसके हकदार ही नहीं थे। विभाग की ओर से दोबारा की गई जांच में इस बात का खुलासा हुआ था।जांच कमेटी में शामिल सांचौर के तत्कालीन बीडीओ रामाअवतार शर्मा व नायब तहसीलदार जगमालाराम विश्रोई सहित अन्य अधिकारियों ने महज 16 जनों की जांच की और 15 जनों को आंशिक नुकसान बताकर करीब 14 लाख रुपए की रीकवरी निकाल कर इतिश्री कर ली गई।
जिन्हें नुकसान हुआ, उनका नाम ही नहीं
करीब दस माह पूर्व बावरला ग्राम पंचायत में बाढ़ से कई लोगों के घर और खेत खराब हो गए थे। जिसके बाद ये लोग दूसरे गांवों में रहने को मजबूर हो गए थे, लेकिन सर्वे टीम ने ऐसे कई लोगों का नाम सूची में लिखा ही नहीं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग की टीम ने गांव के प्रभावशाली लोगों के कहने पर इस तरह की धांधली की थी। दोबारा हुई जांच में जिन लोगों की रीकवरी निकाली गई है, उनका कहना है कि गांव के प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर द्वेषतावश अधिकारियों ने उनके खिलाफ रीकवरी निकाली है।
गलत सूचना भेजने वालों के खिलाफ हो कार्रवाई
डडूसन व शिवनगर के ग्रामीणों ने सांचौर एसडीएम को ज्ञापन देकर विभाग की ओर से गलत सूचना भेजने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही गांव के प्रभावशाली लोगों की ओर से मुआवजे के बदले रुपए मांगने का आरोप भी लगाया है। वहीं इन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई करने व पंचायत का दोबारा सर्वे कर मुआवजा दिलाने की मांग की गई है। इसके आलावा ग्रामीणों का कहना है कि जांच कमेटी ने दस माह बाद सर्वे किया, जबकि दस माह बाद मौके पर यथास्थिति नहीं रहती है। पीडि़तों ने सहूकारों से कर्ज लेकर बाढ़ के दौरान बिखरे घरों की मरम्मत करवाई थी।
सर्वे टीम पर विभाग की मेहरबानी
बावरला ग्राम पंचायत मे धांधली बरतने वाली सर्वे टीम के खिलाफ विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि दोबारा हुई जांच में अधिकारियों ने माना है कि सर्वे टीम ने धांधली बरतते हुए सरकारी धन का दुरुपयोग किया था। साथ ही सर्वे टीम में शामिल कर्मचारियों ने रिश्तेदारों को रुपए आवंटित किए।
जानकारी लेंगे
मामले की जानकारी ली जा रही है। ग्रामीण मुझे भी मिले थे,बावरला के मुआवजे की पत्रावली मैंने अभी तक पूर्ण रूप से नहीं देखी है। जांच कमेटी की रिपोर्ट सहित अन्य पहलुओं की जांच की जाएगी।
- राजेन्द्रकुमार डागा, एसडीएम, सांचौर

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